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Balrampur News: तार में फंसकर मादा तेंदुए की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 24 May 2026 10:51 PM IST
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फोटो-5- सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बनकटवा रेंज क्षेत्र में जांच करने पहुंची वन विभाग की टीम। स्र
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हरैया सतघरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बनकटवा रेंज क्षेत्र में रविवार सुबह एक मादा तेंदुए की दर्दनाक मौत हो गई। जंगल से भटककर गांव के बाहर पहुंची तेंदुए की गर्दन आम के बाग में लगे तार में फंस गई, जिससे काफी देर तक छटपटाने के बाद उसकी मौत हो गई। बाग की सुरक्षा के लिए तार के साथ ही जंगली जानवर पकड़ने का जाल भी मिला है। इससे वन विभाग का संदेह बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार तुलसीपुर-सिरसिया मार्ग स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल क्षेत्र से निकलकर करीब तीन वर्ष की मादा तेंदुआ रविवार सुबह लगभग आठ बजे गांव के बाहर स्थित एक आम के बाग में पहुंच गई। बाग की घेराबंदी के लिए लगाए गए लोहे के तार में उसका गर्दन फंस गई। निकलने के प्रयास में तेंदुआ और अधिक उलझती चली गई। काफी देर तक छटपटाने के बावजूद वह खुद को मुक्त नहीं करा सकी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाग की रखवाली कर रहे लोगों ने जब तेंदुए को फंसा देखा तो शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया। सूचना पर रेंजर शत्रोहन लाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों ने तेंदुए के शव को रेंज कार्यालय पहुंचाया। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की पैनल टीम गठित की गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया बनकटवा रेंज कार्यालय पर कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया तार में गर्दन फंसने से मौत की बात सामने आ रही है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी। वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। डीएफओ गौरव गर्ग भी दोपहर बाद रेंज कार्यालय पहुंचे ओर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
फिर दिखा तेंदुआ, चरवाहों की सतर्कता से टला हमला
फोटो-06
- मवेशियों की ओर बढ़ रहा था तेंदुआ, शोर मचाने पर जंगल की ओर भागा
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरा चौराहा। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है। रविवार सुबह मानपुर और भोजपुर के मैदानी इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गाय-भैंस चराने गए ग्रामीणों को तेंदुआ मवेशियों की ओर से बढ़ता दिखाई दिया।
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चरवाहे अकबाल, सलीम, मतीउल्ला और राकेश ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए लाठी-डंडे जमीन पर पटककर तेज आवाज की। अचानक हुए शोर से तेंदुआ ठिठक गया और हमला करने से पहले ही जंगल की ओर भाग निकला। ग्रामीणों की सतर्कता से मवेशियों को नुकसान नहीं पहुंचा और एक बड़ी घटना टल गई।
गौरतलब है कि शनिवार को भी क्षेत्र के एक बंद पड़े ईंट भट्ठे के पास तेंदुआ दिखाई दिया था। लगातार दूसरी बार तेंदुए की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। वन दरोगा मनमोहन पांडे को मौके पर भेजकर ईंट भट्ठे के पास कैमरा ट्रैप लगाया गया है ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले खेतों की ओर न जाने तथा बच्चों को बिना निगरानी बाहर न भेजने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार तुलसीपुर-सिरसिया मार्ग स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल क्षेत्र से निकलकर करीब तीन वर्ष की मादा तेंदुआ रविवार सुबह लगभग आठ बजे गांव के बाहर स्थित एक आम के बाग में पहुंच गई। बाग की घेराबंदी के लिए लगाए गए लोहे के तार में उसका गर्दन फंस गई। निकलने के प्रयास में तेंदुआ और अधिक उलझती चली गई। काफी देर तक छटपटाने के बावजूद वह खुद को मुक्त नहीं करा सकी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाग की रखवाली कर रहे लोगों ने जब तेंदुए को फंसा देखा तो शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को बुलाया। सूचना पर रेंजर शत्रोहन लाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन कर्मियों ने तेंदुए के शव को रेंज कार्यालय पहुंचाया। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की पैनल टीम गठित की गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया बनकटवा रेंज कार्यालय पर कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया तार में गर्दन फंसने से मौत की बात सामने आ रही है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी। वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। डीएफओ गौरव गर्ग भी दोपहर बाद रेंज कार्यालय पहुंचे ओर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
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फिर दिखा तेंदुआ, चरवाहों की सतर्कता से टला हमला
फोटो-06
- मवेशियों की ओर बढ़ रहा था तेंदुआ, शोर मचाने पर जंगल की ओर भागा
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरा चौराहा। क्षेत्र में तेंदुए की दहशत लगातार बनी हुई है। रविवार सुबह मानपुर और भोजपुर के मैदानी इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गाय-भैंस चराने गए ग्रामीणों को तेंदुआ मवेशियों की ओर से बढ़ता दिखाई दिया।
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गौरतलब है कि शनिवार को भी क्षेत्र के एक बंद पड़े ईंट भट्ठे के पास तेंदुआ दिखाई दिया था। लगातार दूसरी बार तेंदुए की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। उप प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। वन दरोगा मनमोहन पांडे को मौके पर भेजकर ईंट भट्ठे के पास कैमरा ट्रैप लगाया गया है ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले खेतों की ओर न जाने तथा बच्चों को बिना निगरानी बाहर न भेजने की अपील की है।