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Balrampur News: अब केंद्र प्रभारी ही करेंगे किसानों का सत्यापन

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 01 Apr 2026 09:33 PM IST
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Now the central in-charge will conduct the verification of farmers
अमर उजाला के माई सिटी पर प्रका​शित खबर।-संवाद
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बलरामपुर। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों के नाम व भूमि सत्यापन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नए नियम के तहत किसानों को अब सत्यापन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्रय केंद्र पर तौल प्रभारी ही सभी अभिलेखों की जांच कर मौके पर सत्यापन कर गेहूं की खरीदारी करेंगे। अमर उजाला ने 30 मार्च के अंक में लेखपालों की लापरवाही से अटका सत्यापन शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया था। इसका सज्ञान में लेते हुए गेहूं क्रय नीति के तहत बदलाव किया गया है।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत किसानों का गेहूं खरीदने के लिए जिले में 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं बेचने के लिए अब तक 1384 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। इनमें से एक किसान का भी केंद्र सत्यापन नहीं हो सका है। गेहूं खरीद शुरू हुए तीन दिन बीत गए, लेकिन अभी बोहनी भी नहीं हुई है। इसी बीच किसानों के नाम व भूमि सत्यापन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है।
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लेखपाल स्तर से सत्यापन लंबित होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। किसान लेखपाल व केंद्र प्रभारी के बीच भटकते रहते थे। अब नई सुविधा से किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि शासन स्तर से पंजीकरण सत्यापन की व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। अब पिछले वर्ष जिन किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है, उनका इस वर्ष स्वत: सत्यापन माना जाएगा। ऐसे किसान सीधे जाकर क्रय केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे। इसी तरह एग्रीस्टैक सर्वे व ई खसरा पड़ताल डाटा के आधार पर भी किसानों का स्वत: सत्यापन मान लिया जाएगा। यानी जिन किसानों ने पूर्व में एग्रीस्टैक सर्वे व ई खसरा पड़ताल कराई है, उन्हें सत्यापन नहीं कराना पड़ेगा।
इसके अलावा इन दोनों श्रेणी के बाहर किसानों ने यदि गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया है तो उनका सत्यापन केंद्र प्रभारी स्वयं करेंगे। केंद्र पर किसानों को कंप्यूटराइज्ड सत्यापित खतौनी, खसरा, चकबंदी प्रपत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र व आधार कार्ड लाना होगा। इन प्रपत्रों की जांच करके केंद्र प्रभारी सत्यापन करेंगे और मौके पर ही किसानों का गेहूं खरीदेंगे।
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