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Balrampur News: जिले में गेहूं की रिकॉर्ड 20983 मीट्रिक टन की हुई खरीद
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:18 PM IST
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फोटो-22-बलरामपुर के मंडी समिति में गेहूं की तौल कराते किसान ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में 15 जून से गेहूं खरीद की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। करीब तीन महीने में विपणन विभाग ने लक्ष्य से 120 प्रतिशत अधिक गेहूं की खरीद की है। रिकॉर्ड गेहूं की खरीद होने से विभाग गदगद है। जिले में 3976 किसानों से 20983 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। 3730 किसानों को 50.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि 246 किसानों का 3.87 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले में 17 मार्च से 56 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। चार क्रय एजेंसियों को 17500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया था। भीषण धूप में किसानों का सुविधा देने के लिए विपणन विभाग ने आठ मोबाइल क्रय केंद्र भी संचालित किए थे। इसका असर यह हुआ कि लक्ष्य से 120 प्रतिशत अधिक गेहूं खरीदा गया है। लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीद होने से किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिला है।जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि आढ़तियों पर अंकुश लगाने से इस वर्ष रिकॉर्ड खरीदारी हुई है। खरीदारी बढ़ने से अधिक किसानों को एमएसपी का लाभ भी मिला है।
यहां बनाए गए थे मोबाइल क्रय केंद्र
मई में गर्मी व तेज धूप के कारण किसान गेहूं बेचने क्रय केंद्रों तक नहीं आ रहे थे। ऐसे में विपणन विभाग ने किसानों के घर से गेहूं खरीदने की कार्ययोजना बनाई। इसके लिए आठ मोबाइल केंद्रों का संचालन किया। बीपैक्स खरदौरी, खाद्य विभाग उतरौला केंद्र, कुड़ऊ बौड़िहार, गैड़ासबुजुर्ग, यूपीएसएस फतेहपुर, अचलपुर परसिया, अल्लाउद्दीनपुर व बेरिया सुर्जनपुर केंद्र को मोबाइल क्रय केंद्र के रूप में संचालित किया गया। इन केंद्र के प्रभारियों ने किसानों के घर से गेहूं की खरीदारी की।
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पिछले वर्ष 32.35 प्रतिशत ही हुई थी खरीदारी
विपणन विभाग के आकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष महज 32.35 प्रतिशत की गेहूं की खरीदारी हुई थी। पिछले वर्ष 21500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य था, इसके सापेक्ष 6955 मीट्रिक टन ही खरीदारी हो पाई थी। जिले में सिर्फ 1188 किसानों को ही एमएसपी का लाभ मिला था। इस बार देवीपाटन मंडल में सबसे अधिक गेहूं की खरीद और भुगतान जिले में किया गया है।
जिले में 17 मार्च से 56 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। चार क्रय एजेंसियों को 17500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया था। भीषण धूप में किसानों का सुविधा देने के लिए विपणन विभाग ने आठ मोबाइल क्रय केंद्र भी संचालित किए थे। इसका असर यह हुआ कि लक्ष्य से 120 प्रतिशत अधिक गेहूं खरीदा गया है। लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीद होने से किसानों को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिला है।जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उमेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि आढ़तियों पर अंकुश लगाने से इस वर्ष रिकॉर्ड खरीदारी हुई है। खरीदारी बढ़ने से अधिक किसानों को एमएसपी का लाभ भी मिला है।
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यहां बनाए गए थे मोबाइल क्रय केंद्र
मई में गर्मी व तेज धूप के कारण किसान गेहूं बेचने क्रय केंद्रों तक नहीं आ रहे थे। ऐसे में विपणन विभाग ने किसानों के घर से गेहूं खरीदने की कार्ययोजना बनाई। इसके लिए आठ मोबाइल केंद्रों का संचालन किया। बीपैक्स खरदौरी, खाद्य विभाग उतरौला केंद्र, कुड़ऊ बौड़िहार, गैड़ासबुजुर्ग, यूपीएसएस फतेहपुर, अचलपुर परसिया, अल्लाउद्दीनपुर व बेरिया सुर्जनपुर केंद्र को मोबाइल क्रय केंद्र के रूप में संचालित किया गया। इन केंद्र के प्रभारियों ने किसानों के घर से गेहूं की खरीदारी की।
पिछले वर्ष 32.35 प्रतिशत ही हुई थी खरीदारी
विपणन विभाग के आकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष महज 32.35 प्रतिशत की गेहूं की खरीदारी हुई थी। पिछले वर्ष 21500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य था, इसके सापेक्ष 6955 मीट्रिक टन ही खरीदारी हो पाई थी। जिले में सिर्फ 1188 किसानों को ही एमएसपी का लाभ मिला था। इस बार देवीपाटन मंडल में सबसे अधिक गेहूं की खरीद और भुगतान जिले में किया गया है।