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Balrampur News: एक हेक्टेयर पर मिलेगी सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी
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बलरामपुर। भीषण गर्मी के बीच गन्ने सहित अन्य फसलों की सिंचाई तेज होने के साथ ही उर्वरकों की मांग भी बढ़ गई है। कृषि विभाग का दावा है कि जिले में किसी भी उर्वरक की कमी नहीं है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है।खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी देने का निर्णय लिया है।
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि वर्तमान में जनपद में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और सिंगल सुपर फास्फेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यूरिया 11825.456 मीट्रिक टन (262762 बोरी), डीएपी 3530.379 मीट्रिक टन (70608 बोरी) सहित अन्य उर्वरक विभिन्न विक्रेताओं व गोदामों में उपलब्ध हैं। वहीं खरीफ अभियान 2026-27 के तहत अब तक बड़ी मात्रा में उर्वरकों का वितरण भी किया जा चुका है।
बताया कि किसानों को खाद उनके खतौनी और बोई गई फसल के अनुसार ही दी जाएगी। प्रति हेक्टेयर एक किसान को अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी दिए जाने के निर्देश हैं। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड और फार्मर आईडी के साथ साधन सहकारी समितियों या अधिकृत दुकानों से संपर्क करना होगा।
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जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि वर्तमान में जनपद में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और सिंगल सुपर फास्फेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यूरिया 11825.456 मीट्रिक टन (262762 बोरी), डीएपी 3530.379 मीट्रिक टन (70608 बोरी) सहित अन्य उर्वरक विभिन्न विक्रेताओं व गोदामों में उपलब्ध हैं। वहीं खरीफ अभियान 2026-27 के तहत अब तक बड़ी मात्रा में उर्वरकों का वितरण भी किया जा चुका है।
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बताया कि किसानों को खाद उनके खतौनी और बोई गई फसल के अनुसार ही दी जाएगी। प्रति हेक्टेयर एक किसान को अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी दिए जाने के निर्देश हैं। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड और फार्मर आईडी के साथ साधन सहकारी समितियों या अधिकृत दुकानों से संपर्क करना होगा।
