फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   Thalassemia on the rise among children; 25 cases detected in six months

Balrampur News: बच्चों में बढ़ने लगा थैलेसीमिया, छह महीने में मिले 25 मरीज

Sun, 16 Aug 2026 10:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर Updated Sun, 16 Aug 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
Thalassemia on the rise among children; 25 cases detected in six months
फोटो-2-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में इलाज करते चिकित्सक ।-संवाद
बलरामपुर। जिले में बच्चों में थैलेसीमिया के मामले सामने आ रहे हैं। ब्लड बैंक में बीते छह महीने में शून्य से 10 वर्ष तक की उम्र के 25 बच्चों को थैलेसीमिया से पीड़ित चिह्नित किया गया है। इन बच्चों को उपचार के लिए ब्लड सेंटर से महीने में दो बार निशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
विज्ञापन


थैलेसीमिया एक जन्मजात आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। संयुक्त जिला चिकित्सालय और जिला मेमोरियल अस्पताल में पीड़ित बच्चों का उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले एक-दो वर्षों की तुलना में अब अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वर्ष 2026 में छह महीने के दौरान 25 बच्चों का उपचार शुरू किया गया है।
विज्ञापन


संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक की पैथोलॉजिस्ट डॉ. आकांक्षा शुक्ला ने बताया कि थैलेसीमिया आनुवंशिक बीमारी है। इसमें मरीज को लंबे समय तक चिकित्सकीय निगरानी और उपचार की जरूरत पड़ सकती है। चिह्नित 25 बच्चों में 20 बच्चे तुलसीपुर और गैसड़ी क्षेत्र के हैं। कुछ मामलों में एक ही परिवार के दो बच्चों में भी यह बीमारी मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गर्भधारण से पहले जांच और आनुवंशिक परामर्श जरूरी

डॉ. आकांक्षा शुक्ला ने बताया कि थैलेसीमिया मुख्य रूप से माता-पिता से बच्चों में आनुवंशिक रूप से पहुंचता है। इसके लिए थैलेसीमिया कैरियर की पहचान महत्वपूर्ण है। गर्भधारण से पहले या गर्भावस्था की शुरुआत में चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक जांच करानी चाहिए। कैरियर दंपती को आनुवंशिक परामर्श और चिकित्सकीय सलाह से बच्चे में बीमारी के जोखिम की जानकारी मिल सकती है।


ये हैं थैलेसीमिया के प्रमुख लक्षण

गैर संचारी रोग के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों में खून की कमी के कारण त्वचा और आंखों में पीलापन, कमजोरी तथा थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर मामलों में लीवर और तिल्ली बढ़ सकती है तथा बच्चे के शारीरिक विकास पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से जांच और परामर्श लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed