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Balrampur News: लहराया धम्म पताका, लालनगर में गूंजा विश्व शांति का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:17 PM IST
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फोटो-24-कंबोडिया की राजदूत एच.ई. (सुश्री) राथ मेनी
- फोटो : 1
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बलरामपुर। भगवान बुद्ध की चारिका स्थली लाल नगर की पावन धरती मंगलवार को उस ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब विश्व के सबसे ऊंचे एवं प्रथम धम्म ध्वज का अनावरण हुआ। जैसे ही धम्म ध्वज आकाश में लहराया, पूरा परिसर बुद्ध वंदना, मंगल पाठ और जयघोष से गूंज उठा। देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षुओं, धर्मगुरुओं और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष सिंह पटेल ने धम्म ध्वज का अनावरण करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म मानवता, करुणा और विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। विशिष्ट अतिथि भारत में कंबोडिया की राजदूत राथ मेनी ने धम्म ध्वज को वैश्विक शांति का प्रतीक बताते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों से आए भिक्षुओं ने सामूहिक त्रिपिटक पाठ किया। खेनपो कर्मा गेंडुन, डॉ. सोनam योंदेन गुरुंग, आर. सुमिथ्थानंद थेरो और आर. सद्धालोक महाथेरो सहित अनेक धर्मगुरुओं ने बुद्ध वचनों का पाठ कर विश्व कल्याण की कामना की। धम्म यात्रा में श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से धम्म ध्वज के साथ आगे बढ़ते रहे और बुद्ध वंदना से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूब गया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग से प्रस्तुत बौद्ध परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। “सोल ऑफ आर्ट” अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में बुद्ध के जीवन, धम्म और शांति पर आधारित चित्रों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
आस्था का जनसैलाब, ऐतिहासिक बना आयोजन
सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धम्म ध्वज की छाया में मंत्रोच्चार, प्रार्थना और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आयोजक संस्था लॉर्ड बुद्ध वेलफेयर फेडरेशन (एलबीडब्ल्यूएफबी.) के सचिव दिवाकर पटेल ने सभी अतिथियों, भिक्षुओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन बलरामपुर को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। धम्म ध्वज के लहराने के साथ ही बलरामपुर की धरती देर तक शांति, करुणा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रही।
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मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष सिंह पटेल ने धम्म ध्वज का अनावरण करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का धम्म मानवता, करुणा और विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता है। विशिष्ट अतिथि भारत में कंबोडिया की राजदूत राथ मेनी ने धम्म ध्वज को वैश्विक शांति का प्रतीक बताते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों से आए भिक्षुओं ने सामूहिक त्रिपिटक पाठ किया। खेनपो कर्मा गेंडुन, डॉ. सोनam योंदेन गुरुंग, आर. सुमिथ्थानंद थेरो और आर. सद्धालोक महाथेरो सहित अनेक धर्मगुरुओं ने बुद्ध वचनों का पाठ कर विश्व कल्याण की कामना की। धम्म यात्रा में श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से धम्म ध्वज के साथ आगे बढ़ते रहे और बुद्ध वंदना से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक वातावरण में डूब गया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग से प्रस्तुत बौद्ध परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। “सोल ऑफ आर्ट” अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में बुद्ध के जीवन, धम्म और शांति पर आधारित चित्रों ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
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आस्था का जनसैलाब, ऐतिहासिक बना आयोजन
सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धम्म ध्वज की छाया में मंत्रोच्चार, प्रार्थना और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आयोजक संस्था लॉर्ड बुद्ध वेलफेयर फेडरेशन (एलबीडब्ल्यूएफबी.) के सचिव दिवाकर पटेल ने सभी अतिथियों, भिक्षुओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन बलरामपुर को अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। धम्म ध्वज के लहराने के साथ ही बलरामपुर की धरती देर तक शांति, करुणा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रही।