{"_id":"69cc074b527fdceb3803b476","slug":"1632-lakh-fraud-by-showing-profit-in-online-trading-balrampur-news-c-99-1-slko1029-145459-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफा दिखाकर 16.32 लाख की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफा दिखाकर 16.32 लाख की ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:11 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने शहर निवासी एक व्यक्ति से 16.32 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेश दिखाया, शुरुआती रकम वापस कर भरोसा जीता और फिर कमीशन व टैक्स के नाम पर लगातार भुगतान कराते रहे। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
नगर क्षेत्र के मोहल्ला खलवा निवासी मंगलदेव मिश्र ने बताया कि 6 मार्च 2026 को उनके वॉट्सऐप पर अज्ञात नंबर से संदेश आया। खुद को ट्रेडिंग एडवाइजर बताने वाले व्यक्ति ने यूपी होल्ड नामक प्लेटफॉर्म पर निवेश कर अधिक लाभ दिलाने का दावा किया और 30 प्रतिशत कमीशन की बात कही। इसके बाद उन्हें थ्री डे ट्रेडिंग ग्रुप नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। जिसमें कई अन्य कथित निवेशकों के नंबर भी थे, जो लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे। पीड़ित के अनुसार 7 मार्च को पहली बार 27,580 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर आईडी बनवाई गई और खाते में 300 यूएसडीटी दिखाकर भरोसा दिलाया गया। 8 से 10 मार्च के बीच अलग-अलग यूपीआई आईडी पर कमीशन के नाम पर भुगतान कराया गया। 10 मार्च को ठगों ने भरोसा बढ़ाने के लिए पीड़ित के खाते में 77,290 रुपये ट्रांसफर भी किए। इसके बाद ठगों ने बड़े निवेश के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। तहरीर में बताया गया कि 11 मार्च से 18 मार्च के बीच पीड़ित से बार-बार अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई गई। कभी ट्रेडिंग कॉन्ट्रैक्ट, कभी कमीशन, कभी टैक्स और कभी निकासी शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते रहे। इस दौरान पीड़ित ने अपनी यूपीआई आईडी से कई भुगतान किए। ठगों के कहने पर पत्नी और परिचितों के खातों से भी रकम ट्रांसफर कराई गई। यहां तक कि दोस्तों से उधार लेकर भी पैसे जमा कराए गए। कई बार 50-50 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन कराए गए और आरटीजीएस के जरिए मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के खातों में लाखों रुपये भेजे गए। पीड़ित के अनुसार कुल 17.09 लाख रुपये विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जबकि मात्र 77,290 रुपये ही वापस मिले। इस प्रकार कुल 16.32 लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित ने सभी ट्रांजेक्शन आईडी, यूपीआई नंबर, बैंक खातों और वॉट्सऐप चैट के साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित खातों को चिह्नित करते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव का कहना है कि प्रयुक्त मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और बैंक खातों की ट्रेल खंगाली जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की है कि अनजान वॉट्सऐप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और अधिक मुनाफे के लालच से बचें तथा किसी भी निवेश से पहले सत्यापन जरूर करें।
Trending Videos
नगर क्षेत्र के मोहल्ला खलवा निवासी मंगलदेव मिश्र ने बताया कि 6 मार्च 2026 को उनके वॉट्सऐप पर अज्ञात नंबर से संदेश आया। खुद को ट्रेडिंग एडवाइजर बताने वाले व्यक्ति ने यूपी होल्ड नामक प्लेटफॉर्म पर निवेश कर अधिक लाभ दिलाने का दावा किया और 30 प्रतिशत कमीशन की बात कही। इसके बाद उन्हें थ्री डे ट्रेडिंग ग्रुप नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। जिसमें कई अन्य कथित निवेशकों के नंबर भी थे, जो लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे। पीड़ित के अनुसार 7 मार्च को पहली बार 27,580 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर आईडी बनवाई गई और खाते में 300 यूएसडीटी दिखाकर भरोसा दिलाया गया। 8 से 10 मार्च के बीच अलग-अलग यूपीआई आईडी पर कमीशन के नाम पर भुगतान कराया गया। 10 मार्च को ठगों ने भरोसा बढ़ाने के लिए पीड़ित के खाते में 77,290 रुपये ट्रांसफर भी किए। इसके बाद ठगों ने बड़े निवेश के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। तहरीर में बताया गया कि 11 मार्च से 18 मार्च के बीच पीड़ित से बार-बार अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई गई। कभी ट्रेडिंग कॉन्ट्रैक्ट, कभी कमीशन, कभी टैक्स और कभी निकासी शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाते रहे। इस दौरान पीड़ित ने अपनी यूपीआई आईडी से कई भुगतान किए। ठगों के कहने पर पत्नी और परिचितों के खातों से भी रकम ट्रांसफर कराई गई। यहां तक कि दोस्तों से उधार लेकर भी पैसे जमा कराए गए। कई बार 50-50 हजार रुपये के ट्रांजेक्शन कराए गए और आरटीजीएस के जरिए मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के खातों में लाखों रुपये भेजे गए। पीड़ित के अनुसार कुल 17.09 लाख रुपये विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जबकि मात्र 77,290 रुपये ही वापस मिले। इस प्रकार कुल 16.32 लाख रुपये की ठगी हुई है। पीड़ित ने सभी ट्रांजेक्शन आईडी, यूपीआई नंबर, बैंक खातों और वॉट्सऐप चैट के साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित खातों को चिह्नित करते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव का कहना है कि प्रयुक्त मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी और बैंक खातों की ट्रेल खंगाली जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की है कि अनजान वॉट्सऐप ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और अधिक मुनाफे के लालच से बचें तथा किसी भी निवेश से पहले सत्यापन जरूर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन