फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   2043 applications found to be fake during the Rabi and Kharif seasons

Banda News: रबी और खरीफ के सीजन में जांच में 2043 आवेदन फर्जी

Tue, 09 Jun 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Tue, 09 Jun 2026 11:52 PM IST
विज्ञापन
2043 applications found to be fake during the Rabi and Kharif seasons
बांदा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में रबी और खरीफ सीजन में जिले के 2043 आवेदन फर्जी पाए गए हैं। इन सभी आवेदनों को फसल बीमा के दायरे से बाहर कर सूची बनाई गई है। कृषि विभाग का कहना है कि सूची शामिल ऐसे किसान ज्यादा हैं, जिनके अभिलेख पूरे नहीं है। मसलन किसी में खसरा-खतौनी नहीं है, तो किसी में फसल बुवाई का प्रमाणपत्र नहीं लगाया है। ऐसे किसानों को चेतावनी जारी की जा रही है। या तो वह अपने अभिलेख पूरे लगाकर पोर्टल में अपना आवेदन करें, अन्यथा की दशा में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन



बांदा जिले में रबी के सीजन में एक लाख 41 हजार 869 बीमा के लिए आवेदन किए गए थे। इसमें से जांच में 1348 आवेदन फर्जी मानते हुए उन्हें पोर्टल से रद्द किया गया है। इसी तरह से खरीफ के सीजन में वर्ष 2025 में एक लाख 40 हजार 907 आवेदन किए गए थे। इसमें जांच के बाद 695 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। इन आवेदनों के निरस्त करने की वजह कृषि विभाग के अधिकारी बता रहे हैं इन किसानों ने अपने अभिलेख पूरे नहीं किए थे। किसी में खसरा-खतौनी नहीं मिली, तो किसी में बैंक की पासबुक नहीं लगी थीं। किसी किसान ने अपने फसल बुवाई का प्रमाणपत्र नहीं लगाया था।
विज्ञापन




किसी ने अपना मोबाइल नंबर अंकित नहीं कराया था। मोबाइल नंबर न अंकित होने से उनके मैसेज भी नहीं जा पाए। ऐसे में किसान फर्जी साबित होकर उनके आवेदनों को निरस्त कर दिया गया है। अब ऐसे किसानों को फिर से मौका दिया जा रहा है कि वह दोबारा अपने अभिलेख पूरे कर उन्हें पोर्टल में दर्ज करा लें। अन्यथा उन पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन




फसल बीमा में जरूरी प्रपत्र



किसान का खसरा-खतौनी, बैंक की पासबुक, आधार कार्ड, फसल बुवाई का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है।



फसल बीमा लाभ के लिए व्यक्तिगत आधार पर जरूरी



-खड़ी फसलों को ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन, बादल फटना, आग के कारण क्षति



-फसल कटाई उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाई के लिए रखी गईं फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा, बेमौसम बारिश से क्षति की स्थिति।



-उपरोक्त आपदा की स्थिति में किसान को 72 घंटे के अंदर सूचना देना अनिवार्य है।



वर्जन



विभाग ने रणनीति बनाई है कि यदि तीन बार कोई किसान फर्जी तरीके से आवेदन करता है तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उस जन सेवा केंद्र को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। बांदा में जिन किसानों के आवेदन फर्जी मिले हैं, उनको फिर से पोर्टल पर अपने अभिलेख पूरे करने के लिए चेतावनी दी जा रही है, अगर वह अभिलेख पूरे नहीं करते तो उन पर कार्रवाई तय है।



डॉ. अभय कुमार सिंह यादव



उपनिदेशक कृषि, बांदा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed