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Banda News: तेज हवा से गिर गए 30 बिजली के पोल, 40 गांवों की बिजली गुल
Thu, 02 Jul 2026 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:50 PM IST
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मटौंध इलाके में खंभे का इंसुलेटर ठीक करता बिजली कर्मी। स्रोत: बिजली निगम
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नरैनी/बांदा। जिले में गुरुवार रात आई तेज आंधी के चलते कई गांवों में 30 खंभे गिर गए। सबसे ज्यादा नुकसान बबेरू क्षेत्र में हुआ है। जिलेभर के 40 गांवों में शुक्रवार दिनभर बिजली की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ा है। वहीं, विद्युत निगम की टीम स्थिति को सामान्य करने में जुटी रही।
नरैनी निवासी निसार अली, विपिन, संतोष कुमार, राजाराम के बताया कि शुक्रवार को सुबह बारिश होने के बाद बिजली गुल हो गई थी। दोपहर आई तो 10 मिनट बाद फिर चली गई। इसके बाद बिजली आने व जाने का सिलसिला शाम तक जारी रहा है। लोगों का कहना है कि ट्रिपिंग की वजह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने की पूरी संभावना थी। इसके चलते सिर्फ एक बल्ब ही जलाकर काम चला रहे थे।
उपखंड अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय कोई निर्धारित कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि कहीं फाल्ट होने या लाइन की टेस्टिंग व मरम्मत कार्य के दौरान ही विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की जाती है। फाल्ट को शीघ्र ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। इसी तरह बबेरू क्षेत्र में देर रात से तेज हवा के कारण गांव और ट्यूबवेल को जाने वाली लाइनों के पोल गिर गए। इससे 30 ज्यादा गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
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ट्यूबवेल के मोटर न चलने से खेत में लगी धान की फसल को पानी नहीं मिल पाया। इसी तरह मटौंध क्षेत्र में खंभे के इंसुलेटर टूट गए। इसके चलते गांव की पूरी तरह से बिजली बाधित रही। सूचना पर दोपहर विद्युत निगम की टीम पहुंची और इंसुलेटर ठीक करने का काम शुरू किया। चुन्नू का डेरा अमरा जसपुरा में बिजली का पोल टूटने के साथ ट्रांसफॉर्मर भी नीचे गिर गया। इस वजह से गांव में बिजली नहीं आ रही है।
किसान रामप्रकाश, सूरजबली ने बताया कि पूरा दिन बिजली न आने की वजह से मोटर नहीं चल पाई। शौच के लिए लोग मजबूरी में खेतों की ओर गए। इसके अलावा नहाने के लिए कुएं का पानी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि जानवरों को पानी के लिए बहुत ज्यादा समस्या हुई है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रविकांत वर्मा ने बताया कि तेज हवा के चलते विद्युत निगम को बबेरू क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ा है। करीब 30 खंभे गिर गए हैं। इन्हें ठीक कराया जा रहा है।
मरदका नाका के पास चेक किया गया लोड
विद्युत निगम के अधिकारियों ने शहर में बढ़ते लोड को देखते हुए पीली कोठी, मदरका नाका सहित कई जगहों पर बिजली का लोड भी चेक किया गया।
बबेरू क्षेत्र में छह करोड़ रुपये से हुए थे काम
बबेरू क्षेत्र में विद्युत निगम की ओर से छह करोड़ रुपये से बिजली के तार बदलवाना, खंभे लगवाना सहित अन्य काम कराए गए थे, लेकिन तेज हवा ने सारे इंतजाम ध्वस्त कर दिए। अधीक्षण अभियंता रविकांत वर्मा का कहना है कि गांव के अंदर लगे खंभों में सीधी हवा नहीं लग पाती है। इस वजह से उनके गिरने की संभावना कम रहती। खेतों में लगे खंभों में सीधी हवा के कारण खंभे गिर जाते हैं।
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नरैनी निवासी निसार अली, विपिन, संतोष कुमार, राजाराम के बताया कि शुक्रवार को सुबह बारिश होने के बाद बिजली गुल हो गई थी। दोपहर आई तो 10 मिनट बाद फिर चली गई। इसके बाद बिजली आने व जाने का सिलसिला शाम तक जारी रहा है। लोगों का कहना है कि ट्रिपिंग की वजह से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने की पूरी संभावना थी। इसके चलते सिर्फ एक बल्ब ही जलाकर काम चला रहे थे।
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उपखंड अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय कोई निर्धारित कटौती नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि कहीं फाल्ट होने या लाइन की टेस्टिंग व मरम्मत कार्य के दौरान ही विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की जाती है। फाल्ट को शीघ्र ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। इसी तरह बबेरू क्षेत्र में देर रात से तेज हवा के कारण गांव और ट्यूबवेल को जाने वाली लाइनों के पोल गिर गए। इससे 30 ज्यादा गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
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ट्यूबवेल के मोटर न चलने से खेत में लगी धान की फसल को पानी नहीं मिल पाया। इसी तरह मटौंध क्षेत्र में खंभे के इंसुलेटर टूट गए। इसके चलते गांव की पूरी तरह से बिजली बाधित रही। सूचना पर दोपहर विद्युत निगम की टीम पहुंची और इंसुलेटर ठीक करने का काम शुरू किया। चुन्नू का डेरा अमरा जसपुरा में बिजली का पोल टूटने के साथ ट्रांसफॉर्मर भी नीचे गिर गया। इस वजह से गांव में बिजली नहीं आ रही है।
किसान रामप्रकाश, सूरजबली ने बताया कि पूरा दिन बिजली न आने की वजह से मोटर नहीं चल पाई। शौच के लिए लोग मजबूरी में खेतों की ओर गए। इसके अलावा नहाने के लिए कुएं का पानी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि जानवरों को पानी के लिए बहुत ज्यादा समस्या हुई है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता रविकांत वर्मा ने बताया कि तेज हवा के चलते विद्युत निगम को बबेरू क्षेत्र में नुकसान उठाना पड़ा है। करीब 30 खंभे गिर गए हैं। इन्हें ठीक कराया जा रहा है।
मरदका नाका के पास चेक किया गया लोड
विद्युत निगम के अधिकारियों ने शहर में बढ़ते लोड को देखते हुए पीली कोठी, मदरका नाका सहित कई जगहों पर बिजली का लोड भी चेक किया गया।
बबेरू क्षेत्र में छह करोड़ रुपये से हुए थे काम
बबेरू क्षेत्र में विद्युत निगम की ओर से छह करोड़ रुपये से बिजली के तार बदलवाना, खंभे लगवाना सहित अन्य काम कराए गए थे, लेकिन तेज हवा ने सारे इंतजाम ध्वस्त कर दिए। अधीक्षण अभियंता रविकांत वर्मा का कहना है कि गांव के अंदर लगे खंभों में सीधी हवा नहीं लग पाती है। इस वजह से उनके गिरने की संभावना कम रहती। खेतों में लगे खंभों में सीधी हवा के कारण खंभे गिर जाते हैं।

मटौंध इलाके में खंभे का इंसुलेटर ठीक करता बिजली कर्मी। स्रोत: बिजली निगम