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Banda News: राइफल क्लब मैदान को बचाने के लिए अब तक हुए 456 हस्ताक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 24 Apr 2026 02:06 AM IST
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फोटो - 08 हस्ताक्षर अभियान किया हुआ पत्र। संवाद
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बांदा। ऐतिहासिक राइफल क्लब मैदान को व्यावसायिक उपयोग के लिए नीलाम करने या देने के बांदा विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव के खिलाफ एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य मैदान को बचाना और उत्तर प्रदेश सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाना है। इसे लेकर अब तक 456 खेलप्रेमियों व बुद्धिजीवियों ने हस्ताक्षर कर इसे बचाने की अपील की।
यह मैदान 1902 से पुलिस परेड और विभिन्न खेलों के लिए उपयोग होता रहा है, यहां मेजर ध्यानचंद जैसे कई खिलाड़ी खेल चुके हैं। यह हजारों युवाओं के लिए भारतीय सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल में भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी का एकमात्र सहारा है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
इस अभियान में बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी सहित 456 नगरवासियों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया। हालांकि, खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद, जिला प्रशासन ने मैदान को मात्र 90 हजार 200 रुपये में 80 दिनों के लिए एक प्रदर्शनी संचालक को सौंप दिया है। इस संचालक का नाम पता भी नहीं दर्ज है और दक्षिण भारत का रहने वाला है। यह यहां के एक बड़े अफसर का रिश्तेदार होने की वजह से यह लाभ लेने की बात सामने आई है।
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यह मैदान 1902 से पुलिस परेड और विभिन्न खेलों के लिए उपयोग होता रहा है, यहां मेजर ध्यानचंद जैसे कई खिलाड़ी खेल चुके हैं। यह हजारों युवाओं के लिए भारतीय सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल में भर्ती की शारीरिक परीक्षा की तैयारी का एकमात्र सहारा है। बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
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इस अभियान में बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी सहित 456 नगरवासियों ने हस्ताक्षर कर समर्थन दिया। हालांकि, खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद, जिला प्रशासन ने मैदान को मात्र 90 हजार 200 रुपये में 80 दिनों के लिए एक प्रदर्शनी संचालक को सौंप दिया है। इस संचालक का नाम पता भी नहीं दर्ज है और दक्षिण भारत का रहने वाला है। यह यहां के एक बड़े अफसर का रिश्तेदार होने की वजह से यह लाभ लेने की बात सामने आई है।

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