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Banda News: जजों की तीन सदस्यीय टीम ने कारागार में की जांच
Wed, 03 Jun 2026 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 03 Jun 2026 12:49 AM IST
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बांदा। पॉक्सो-एक्ट में कारागार में निरुद्ध बंदी की जमानत मिलने पर रिहाई के पहले हालत बिगड़ने के मामले में की जांच शुरू हो गई है। जिला जज के निर्देश पर तीन सदस्यीय जजों के पैनल ने मंगलवार को कारागार जाकर जेल अधीक्षक, प्रभारी जेलर और जेल चिकित्सक के बयान लिए। वह अपनी रिपोर्ट जिला जज को सौंपेंगे। उधर, रानी दुर्गावती मेडिकल में भर्ती बंदी की हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ के लिए रेफर किया है।
पॉक्सो-एक्ट के तहत जिला कारागार में बंद नीतीश पाल (25) को न्यायालय से जमानत पर रिहाई मिली थी। सोमवार को उसकी रिहाई होनी थी। इस बीच सोमवार को सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जेल में तैनात चिकित्सक ने बताया था कि बंदी को दौरा पड़ा था, इससे वह जमीन पर गिर गया था और उसकी हालत गंभीर हो गई थी। जेल पुलिस कर्मियों ने पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, बाद में हालत में सुधार न होते देख डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था।
बंदी को जेल कर्मी राकेश और आशीष पांडेय ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। बंदी की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे अब लखनऊ के लिए रेफर किया गया है। उधर, पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर जिला जज अल्पना ने तीन जजों की टीम गठित कर जांच कराई है। टीम में शामिल जज मंगलवार को कारागार पहुंचे। वहां उन्होंने जेल अधीक्षक, प्रभारी जेलर और जेल चिकित्सक के बयान लिए हैं।
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जेलर रामरति ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम ने जेल में जांच की है। रिहाई के आदेश और किस समय घटना हुई इसका मिलान किया गया है।
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पॉक्सो-एक्ट के तहत जिला कारागार में बंद नीतीश पाल (25) को न्यायालय से जमानत पर रिहाई मिली थी। सोमवार को उसकी रिहाई होनी थी। इस बीच सोमवार को सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जेल में तैनात चिकित्सक ने बताया था कि बंदी को दौरा पड़ा था, इससे वह जमीन पर गिर गया था और उसकी हालत गंभीर हो गई थी। जेल पुलिस कर्मियों ने पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, बाद में हालत में सुधार न होते देख डॉक्टरों ने उसे रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया था।
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बंदी को जेल कर्मी राकेश और आशीष पांडेय ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। बंदी की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे अब लखनऊ के लिए रेफर किया गया है। उधर, पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर जिला जज अल्पना ने तीन जजों की टीम गठित कर जांच कराई है। टीम में शामिल जज मंगलवार को कारागार पहुंचे। वहां उन्होंने जेल अधीक्षक, प्रभारी जेलर और जेल चिकित्सक के बयान लिए हैं।
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जेलर रामरति ने बताया कि तीन सदस्यीय टीम ने जेल में जांच की है। रिहाई के आदेश और किस समय घटना हुई इसका मिलान किया गया है।