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Banda News: बैंक मित्र ने खुलवाए खाते, बाहर से आए रुपये, लाखों का लेनदेन
Sun, 21 Jun 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 21 Jun 2026 12:11 AM IST
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नरैनी। बैंक मित्र के माध्यम से खुलवाए खातों में बीते दो माह में लाखों का लेन-देन हो गया। जब इसकी जानकारी खाताधारकों को हुई तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने इसकी जानकारी बैंक को भी दी। संतुष्ट न होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा में आधा दर्जन खाता धारकों के खाते से दो महीने में लगभग 22 लाख रुपये का लेन-देन नेट बैंकिंग के माध्यम से हुआ। सभी खाते दो से तीन माह पहले बैंक मित्र के माध्यम से खुलवाए गए थे। तहसील क्षेत्र के नीबी गांव के कैलाश, धर्मपाल, नंदपाल, संगम, रमाशंकर, रमेश सहित अन्य ने गुढ़ाकला चौकी में तहरीर देकर बताया कि गांव के नीरज ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पांच-पांच सौ रुपये में खाते खोले थे। बाद में खातों में लाखों रुपये के लेन-देन हुए हैं।
बताया कि नीरज ने स्वयं खाता खुलवाया था और बाद बैंक शाखा में जाकर नेट बैंकिंग सुविधा के लिए फॉर्म भरा और नेट बैंकिंग की सुविधा ली। आरोप लगाया कि साजिश के तहत खाते खुलवाए गए, जब लेन-देन में बात बिगड़ने लगी तो मामले का खुलासा हो गया।
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वहीं उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक लक्ष्मी नारायण द्विवेदी ने बताया गुढ़ाकला क्षेत्र के बैंक मित्र बच्चा ने इन लोगों के खाते खुलवाए थे। खाता धारकों ने नेट बैंकिंग की सुविधा ले रखी थी, जिसके माध्यम से लेन-देन करते थे। बैंक का डिपाजिट कुल 60 करोड़ के आसपास है, जिसमें जमा निकासी सहित अन्य कार्य होते हैं। नेट बैंकिंग की लिमिट 20 लाख रुपये है। शाखा प्रबंधक ने बताया कैलाश का खाता आठ जून को खोला था, जिसमें कई बार में एक लाख दो हजार रुपये नेट बैंकिंग के जरिए निकला।
धर्मपाल का खाता 11 मई को खोला था, जिसमें 17 जून तक लगभग आठ लाख रुपये नेट बैंकिंग से निकाला गया। नंदपाल का खाता 10 अप्रैल को खाता खुला, जिसमें नेट बैंकिंग से 10 लाख 17 हजार 725 रुपये निकाले गए। इस खाते में 38 बार बाहर से रुपये आए और 60 बार निकाले गए। नीरज का खाता सात मई को खुला जिसमें 500 निकाले गए। रमेश का खाता 16 मई को खुला, जिसमें 10, 900 रुपये निकाले गए। रमाशंकर का खाता 30 मई को खुला और उसमें 500 रुपये जमा हैं। संगम का खाता 6 मई को खोला गया, जिसमें 4000 रुपये का लेन-देन हुआ।
वर्जन
करोड़ों रुपये के लेन-देन करने की बात पूरी तरह झूठी है। सभी खाते बैंक मित्र के माध्यम से खोले गए थे और नेट बैंकिंग से लगभग आधा दर्जन खातों से 22 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। यह रुपया किसका है, कहां से आया, कोई जानकारी नहीं है।
लक्ष्मी नारायण द्विवेदी, शाखा प्रबंधक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच चौकी इंचार्ज गुढ़ाकला प्रवेश कुमार को सौंपी गई है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
दारा सिंह, थानाप्रभारी, कालिंजर
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा में आधा दर्जन खाता धारकों के खाते से दो महीने में लगभग 22 लाख रुपये का लेन-देन नेट बैंकिंग के माध्यम से हुआ। सभी खाते दो से तीन माह पहले बैंक मित्र के माध्यम से खुलवाए गए थे। तहसील क्षेत्र के नीबी गांव के कैलाश, धर्मपाल, नंदपाल, संगम, रमाशंकर, रमेश सहित अन्य ने गुढ़ाकला चौकी में तहरीर देकर बताया कि गांव के नीरज ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पांच-पांच सौ रुपये में खाते खोले थे। बाद में खातों में लाखों रुपये के लेन-देन हुए हैं।
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बताया कि नीरज ने स्वयं खाता खुलवाया था और बाद बैंक शाखा में जाकर नेट बैंकिंग सुविधा के लिए फॉर्म भरा और नेट बैंकिंग की सुविधा ली। आरोप लगाया कि साजिश के तहत खाते खुलवाए गए, जब लेन-देन में बात बिगड़ने लगी तो मामले का खुलासा हो गया।
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वहीं उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा प्रबंधक लक्ष्मी नारायण द्विवेदी ने बताया गुढ़ाकला क्षेत्र के बैंक मित्र बच्चा ने इन लोगों के खाते खुलवाए थे। खाता धारकों ने नेट बैंकिंग की सुविधा ले रखी थी, जिसके माध्यम से लेन-देन करते थे। बैंक का डिपाजिट कुल 60 करोड़ के आसपास है, जिसमें जमा निकासी सहित अन्य कार्य होते हैं। नेट बैंकिंग की लिमिट 20 लाख रुपये है। शाखा प्रबंधक ने बताया कैलाश का खाता आठ जून को खोला था, जिसमें कई बार में एक लाख दो हजार रुपये नेट बैंकिंग के जरिए निकला।
धर्मपाल का खाता 11 मई को खोला था, जिसमें 17 जून तक लगभग आठ लाख रुपये नेट बैंकिंग से निकाला गया। नंदपाल का खाता 10 अप्रैल को खाता खुला, जिसमें नेट बैंकिंग से 10 लाख 17 हजार 725 रुपये निकाले गए। इस खाते में 38 बार बाहर से रुपये आए और 60 बार निकाले गए। नीरज का खाता सात मई को खुला जिसमें 500 निकाले गए। रमेश का खाता 16 मई को खुला, जिसमें 10, 900 रुपये निकाले गए। रमाशंकर का खाता 30 मई को खुला और उसमें 500 रुपये जमा हैं। संगम का खाता 6 मई को खोला गया, जिसमें 4000 रुपये का लेन-देन हुआ।
वर्जन
करोड़ों रुपये के लेन-देन करने की बात पूरी तरह झूठी है। सभी खाते बैंक मित्र के माध्यम से खोले गए थे और नेट बैंकिंग से लगभग आधा दर्जन खातों से 22 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। यह रुपया किसका है, कहां से आया, कोई जानकारी नहीं है।
लक्ष्मी नारायण द्विवेदी, शाखा प्रबंधक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक
तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच चौकी इंचार्ज गुढ़ाकला प्रवेश कुमार को सौंपी गई है। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
दारा सिंह, थानाप्रभारी, कालिंजर