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Banda News: पीपा टूटने से बारा-गलौली घाट का पैंटून पुल बंद, राहगीर लौटे
Sun, 10 May 2026 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 10 May 2026 12:22 AM IST
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फोटो - 05 गडरा नाले पर बन रहा पुल। संवाद
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जसपुरा/तिंदवारी। जिले में पुलों की स्थिति मिली-जुली है, जहां एक ओर नए पुल का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर दो महत्वपूर्ण पुलों पर आवागमन बाधित है।
जसपुरा ब्लॉक क्षेत्र के बारा-गलौली घाट में यमुना नदी पर बना पैंटून पुल शनिवार को पीपा टूट जाने से बंद हो गया। इससे पुल पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और बड़ी संख्या में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह पुल जसपुरा ब्लॉक मुख्यालय से करीब 10 किमी और पैलानी तहसील मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर स्थित है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लोग फतेहपुर और कानपुर जैसे जिलों के लिए आवागमन करते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात और तेज बहाव के दौरान हर वर्ष पुल में दिक्कतें आती हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। पुल के रखरखाव और मरम्मत के लिए शासन ने 39.47 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है, जबकि बरसात के दिनों में पावर बार्ज और मोटर बोट की आपूर्ति के लिए भी 14.99 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके बावजूद पुल की खराब स्थिति पर लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासी पिछले करीब 40 वर्षों से बारा-गलौली घाट पर पक्का पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे जसपुरा क्षेत्र की 32 ग्राम पंचायतों के लोगों को सीधा और सुगम मार्ग मिल सके।
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मड़ौली तैरते पुल के रखरखाव के लिए 39.56 लाख मिले
जसपुरा में यमुना नदी पर बने मड़ौली कला-अढ़ावल घाट तैरते पुल के रखरखाव और मरम्मत के लिए शासन ने 39.56 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त, बरसात में आवागमन सुचारु रखने हेतु शक्तिचालित बजरा और मोटर नौका की आपूर्ति के लिए 14.99 लाख रुपये मंजूर हुए हैं।
यह तैरता पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण फतेहपुर समेत अन्य जनपदों तक आवागमन करते हैं। बरसात में यमुना का जलस्तर बढ़ने से पुल पर आवागमन बाधित होता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर वर्ष बरसात में पुल की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है। स्वीकृत धनराशि से पुल के रखरखाव और मोटर नौका व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। ग्रामीणों ने कार्य समय पर पूरा करने की मांग की है ताकि सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
गडरा नाले पर बन रहा पुल, आवागमन होगा सुगम
तिंदवारी-बबेरू मार्ग पर स्थित गडरा नाले सिमौनी पर 5.23 करोड़ रुपये की लागत से एक लघु सेतु का निर्माण किया जा रहा है। यह पुल पुराने रपटे की जगह लेगा, जिससे हजारों राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इस मार्ग पर बने रपटे पर बारिश के मौसम में पानी भरा होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता था। इससे स्थानीय निवासियों और अन्य राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल का निर्माण कार्य 25 मार्च 2026 को शुरू हुआ है और मार्च 2027 तक पूरा होने की समय सीमा तय की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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जसपुरा ब्लॉक क्षेत्र के बारा-गलौली घाट में यमुना नदी पर बना पैंटून पुल शनिवार को पीपा टूट जाने से बंद हो गया। इससे पुल पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और बड़ी संख्या में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह पुल जसपुरा ब्लॉक मुख्यालय से करीब 10 किमी और पैलानी तहसील मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर स्थित है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों लोग फतेहपुर और कानपुर जैसे जिलों के लिए आवागमन करते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बरसात और तेज बहाव के दौरान हर वर्ष पुल में दिक्कतें आती हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है। पुल के रखरखाव और मरम्मत के लिए शासन ने 39.47 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है, जबकि बरसात के दिनों में पावर बार्ज और मोटर बोट की आपूर्ति के लिए भी 14.99 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
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इसके बावजूद पुल की खराब स्थिति पर लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासी पिछले करीब 40 वर्षों से बारा-गलौली घाट पर पक्का पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, जिससे जसपुरा क्षेत्र की 32 ग्राम पंचायतों के लोगों को सीधा और सुगम मार्ग मिल सके।
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मड़ौली तैरते पुल के रखरखाव के लिए 39.56 लाख मिले
जसपुरा में यमुना नदी पर बने मड़ौली कला-अढ़ावल घाट तैरते पुल के रखरखाव और मरम्मत के लिए शासन ने 39.56 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त, बरसात में आवागमन सुचारु रखने हेतु शक्तिचालित बजरा और मोटर नौका की आपूर्ति के लिए 14.99 लाख रुपये मंजूर हुए हैं।
यह तैरता पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण फतेहपुर समेत अन्य जनपदों तक आवागमन करते हैं। बरसात में यमुना का जलस्तर बढ़ने से पुल पर आवागमन बाधित होता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर वर्ष बरसात में पुल की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है। स्वीकृत धनराशि से पुल के रखरखाव और मोटर नौका व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। ग्रामीणों ने कार्य समय पर पूरा करने की मांग की है ताकि सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।
गडरा नाले पर बन रहा पुल, आवागमन होगा सुगम
तिंदवारी-बबेरू मार्ग पर स्थित गडरा नाले सिमौनी पर 5.23 करोड़ रुपये की लागत से एक लघु सेतु का निर्माण किया जा रहा है। यह पुल पुराने रपटे की जगह लेगा, जिससे हजारों राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
इस मार्ग पर बने रपटे पर बारिश के मौसम में पानी भरा होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता था। इससे स्थानीय निवासियों और अन्य राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल का निर्माण कार्य 25 मार्च 2026 को शुरू हुआ है और मार्च 2027 तक पूरा होने की समय सीमा तय की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

फोटो - 05 गडरा नाले पर बन रहा पुल। संवाद

फोटो - 05 गडरा नाले पर बन रहा पुल। संवाद