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Banda News: बाइक की टक्कर से बालक की मौत, चौकी के बाहर हंगामा
Fri, 26 Jun 2026 10:41 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:41 PM IST
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मृतक सुशांत। फाइल फोटो।
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खत्रीपहाड़ (बांदा)। देवीजी खत्रीपहाड़ से बच्ची का मुंडन कराकर निकल रहे परिवार के साथ शामिल चार वर्षीय बालक को तेज रफ्तार बाइक चालक ने टक्कर मार दी। इलाज के दौरान देर रात कानपुर में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को सुबह परिजन ने विंध्यवासिनी पुलिस चौकी में शव रखकर चालक को पकड़ने की मांग को लेकर हंगामा किया। समझाने बुझाने पर परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए। बता दें कि बाइक चालक परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज तक आया था, यहां से भाग निकला।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र करतल गांव निवासी दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ अपनी पुत्री परी का मुंडन संस्कार कराने खत्रीपहाड़ देवीजी मंदिर में आए थे। दोपहर दो बजे करीब वह दर्शन और मुंडन कराकर जैसे ही मंदिर से निकले उनके चार वर्षीय पुत्र सुशांत गुप्ता को तेज रफ्तार बाइक चालक ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर घायल हो गया। परिजनों ने बाइक चालक को पकड़ लिया।
पुलिस ने उसे साथ में घायल का इलाज कराने के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां बाइक चालक परिजनों को धता बताकर भाग निकला। उधर, डॉक्टरों ने सुशांत को कानपुर के लिए रेफर कर दिया। देर रात इलाज के दौरान सुशांत की मौत हो गई। शुक्रवार को सुबह परिजन सुशांत का शव लेकर विंध्यवासिनी पुलिस चौकी पहुंचे। यहां शव रखकर बाइक चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पिता का कहना था कि जब बाइक चालक को उन्होंने पुलिस को सौंप दिया था तो पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज क्यों भेजा।
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थाना प्रभारी सुरेश सैनी ने बताया कि हादसे के बाद बाइक को चौकी में खड़ा कर दिया गया था और बाइक चालक घायल के परिजन के साथ मेडिकल कॉलेज बांदा बच्चे का इलाज कराने के लिए गया था। इलाज के दौरान ही वह वहां से कहीं चला गया है। उसकी तलाश की जा रही है। बाइक नंबर के आधार पर बाइक चालक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
मन्नतों के बाद जन्मा था बेटा, हादसे ने छीना
मां प्रज्ञा ने बताया कि हमारी शादी के दो साल तक कोई बच्चा नहीं हुआ था। हमने विंध्यवासिनी मंदिर आकर माता के यहां दर्शन कर अर्जी लगाई थी कि अगर हमारे कोई संतान होगी तो हम उसका मुंडन नहीं करेंगे तब जाकर एक साल बाद सुशांत का जन्म हुआ। उसके पश्चात तीन साल बाद एक लड़की का जन्म हुआ। जिसके मुंडन कराने के लिए परिवार सहित सब लोग दर्शन करने आए थे। यह किसे पता था कि छोटी बहन के मुंडन में यह हादसा होगा और चीख मारकर रो पड़ी।
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नरैनी कोतवाली क्षेत्र करतल गांव निवासी दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ अपनी पुत्री परी का मुंडन संस्कार कराने खत्रीपहाड़ देवीजी मंदिर में आए थे। दोपहर दो बजे करीब वह दर्शन और मुंडन कराकर जैसे ही मंदिर से निकले उनके चार वर्षीय पुत्र सुशांत गुप्ता को तेज रफ्तार बाइक चालक ने टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर घायल हो गया। परिजनों ने बाइक चालक को पकड़ लिया।
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पुलिस ने उसे साथ में घायल का इलाज कराने के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां बाइक चालक परिजनों को धता बताकर भाग निकला। उधर, डॉक्टरों ने सुशांत को कानपुर के लिए रेफर कर दिया। देर रात इलाज के दौरान सुशांत की मौत हो गई। शुक्रवार को सुबह परिजन सुशांत का शव लेकर विंध्यवासिनी पुलिस चौकी पहुंचे। यहां शव रखकर बाइक चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पिता का कहना था कि जब बाइक चालक को उन्होंने पुलिस को सौंप दिया था तो पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज क्यों भेजा।
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थाना प्रभारी सुरेश सैनी ने बताया कि हादसे के बाद बाइक को चौकी में खड़ा कर दिया गया था और बाइक चालक घायल के परिजन के साथ मेडिकल कॉलेज बांदा बच्चे का इलाज कराने के लिए गया था। इलाज के दौरान ही वह वहां से कहीं चला गया है। उसकी तलाश की जा रही है। बाइक नंबर के आधार पर बाइक चालक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
मन्नतों के बाद जन्मा था बेटा, हादसे ने छीना
मां प्रज्ञा ने बताया कि हमारी शादी के दो साल तक कोई बच्चा नहीं हुआ था। हमने विंध्यवासिनी मंदिर आकर माता के यहां दर्शन कर अर्जी लगाई थी कि अगर हमारे कोई संतान होगी तो हम उसका मुंडन नहीं करेंगे तब जाकर एक साल बाद सुशांत का जन्म हुआ। उसके पश्चात तीन साल बाद एक लड़की का जन्म हुआ। जिसके मुंडन कराने के लिए परिवार सहित सब लोग दर्शन करने आए थे। यह किसे पता था कि छोटी बहन के मुंडन में यह हादसा होगा और चीख मारकर रो पड़ी।

मृतक सुशांत। फाइल फोटो।