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Banda News: कारोबारियों पर हो सकता है 200 करोड़ का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:22 AM IST
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फोटो- 14 गैस के लिए जिला अस्पताल के पास हनुमान मंदिर मैदान में सुबह छह बजे लगी उपभोक्ताओं की भी
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बांदा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आयकर विभाग ने ग्रेनाइट खनन, मेडिकल और रियल एस्टेट व्यवसायों से जुड़े लगभग 18 से 20 कारोबारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर एक साथ बड़े पैमाने पर छापे मारे गए हैं। पांच दिनों तक चली इस गहन जांच में सालाना 10 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है। जिससे कुल 500 करोड़ रुपये से अधिक के नामी-बेनामी कारोबार का पर्दाफाश हुआ है।
कानपुर आयकर विभाग की टीमों ने बीते बुधवार को बिहार के एक मेडिकल कारोबारी व पूर्व मंत्री की शिकायत के बाद यह कार्रवाई शुरू की। जीडी ग्रुप के संचालक दिलीप सिंह, शिवशरण सिंह, सीरजध्वज सिंह और अज्ञात गुप्ता जैसे प्रमुख कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा, चित्रकूट और महोबा जनपदों में चल रहे स्टोन क्रशर, मौरंग खदान, अस्पताल, पेट्रोल पंप और प्लाटिंग जैसे विभिन्न व्यवसायों की जांच की गई। इसके बाद रविवार को एक बार फिर टीम दिलीप सिंह के यहां भोर में पहुंची। यहां करीब तीन घंटे रुककर जरूरी दस्तावेज एकत्र कर लौट गई।
बरामदगी और सीज की गई संपत्तियां
जांच के दौरान आयकर विभाग को करोड़ों रुपये के सोने के गहने, हीरे की अंगूठी, हार, महंगी गाड़ियां और बैंक खाते सीज किए हैं। इसके अलावा, कई महानगरों में कारोबारियों के परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे गए मकानों के बैनामों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कारोबारी महज एक करोड़ रुपये के कारोबार पर होने वाली आय से संबंधित टैक्स का भुगतान कर रहे थे, जबकि 400 करोड़ रुपये के कारोबार को फर्जी नामों से संचालित किया जा रहा था।
संभावित जुर्माना और आगे की कार्रवाई
आयकर विभाग के एक ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि अब तक की जांच में सालाना 10 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी पाई गई है और यह सिलसिला दशकों से चल रहा था। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विभाग इन कारोबारियों से 20 गुना जुर्माने के साथ टैक्स की वसूली करेगा। वर्तमान जांच में लगभग एक महीने का समय लगने का अनुमान है। बरामद दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी और कारोबारी सहित, जिनके नाम पर संपत्तियां खरीदी गई हैं या फर्म बनाई गई हैं, उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए विभागीय नोटिस जारी किए जाएंगे।
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पहले फोटो कॉपी की दुकान, 20 साल में बने करोड़पति
बांदा। ठेकेदार अज्ञात गुप्ता की आज शहर के अमीर लोगों की गिनती की जाती है। अवनि परिधि अस्पताल संचालक अज्ञात गुप्ता के घर आयकर विभाग ने छापेमारी की। गौरतलब है कि करीब 30 वर्ष पहले यही अज्ञात गुप्ता शहर में किराये के घर में रहा करते थे। कचहरी परिसर के पास एक फोटो कॉपी की दुकान से काम शुरू किया और इसके बाद इतने वर्षों में करोड़ों के मालिक हो गए। यह पैलानी के खप्टिहा कलां के मूलत: रहने वाले हैं। इसके बाद जादुई तरीके से बड़े लोगों से संपर्क हुआ और शहर के अलावा गोमती नगर में करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली।
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एपीओ का बेटा आज अरबों का मालिक
हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट से चुनाव लड़ चुके दिलीप सिंह आज अरबों के मालिक हैं। बांदा के महोखर गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता सहायक अभियोजन अधिकारी रहे हैं। एक करीबी ने बताया कि 2001 में एक राजनीतिक व मौरंग करोबारी के यहां कार्यरत थे। यहां विश्वासपात्र बनने के बाद दिलीप सिंह की किस्मत चमकी और वह 15 वर्षों में यह अकूत संपदा के मालिक हो गए। चर्चा तो यह भी है कि एक मंत्री के संपर्क में आने के बाद इन्होंने मौरंग खदानों से करोड़ों कमाए। इसके बाद वहीं उसे अर्जित की रकम से आगे बढ़ते गए। आज इनके पास अरबों की संपदा है।
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बरामदगी और सीज की गई संपत्तियां
जांच के दौरान आयकर विभाग को करोड़ों रुपये के सोने के गहने, हीरे की अंगूठी, हार, महंगी गाड़ियां और बैंक खाते सीज किए हैं। इसके अलावा, कई महानगरों में कारोबारियों के परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे गए मकानों के बैनामों की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कारोबारी महज एक करोड़ रुपये के कारोबार पर होने वाली आय से संबंधित टैक्स का भुगतान कर रहे थे, जबकि 400 करोड़ रुपये के कारोबार को फर्जी नामों से संचालित किया जा रहा था।
संभावित जुर्माना और आगे की कार्रवाई
आयकर विभाग के एक ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि अब तक की जांच में सालाना 10 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी पाई गई है और यह सिलसिला दशकों से चल रहा था। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विभाग इन कारोबारियों से 20 गुना जुर्माने के साथ टैक्स की वसूली करेगा। वर्तमान जांच में लगभग एक महीने का समय लगने का अनुमान है। बरामद दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी और कारोबारी सहित, जिनके नाम पर संपत्तियां खरीदी गई हैं या फर्म बनाई गई हैं, उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए विभागीय नोटिस जारी किए जाएंगे।
पहले फोटो कॉपी की दुकान, 20 साल में बने करोड़पति
बांदा। ठेकेदार अज्ञात गुप्ता की आज शहर के अमीर लोगों की गिनती की जाती है। अवनि परिधि अस्पताल संचालक अज्ञात गुप्ता के घर आयकर विभाग ने छापेमारी की। गौरतलब है कि करीब 30 वर्ष पहले यही अज्ञात गुप्ता शहर में किराये के घर में रहा करते थे। कचहरी परिसर के पास एक फोटो कॉपी की दुकान से काम शुरू किया और इसके बाद इतने वर्षों में करोड़ों के मालिक हो गए। यह पैलानी के खप्टिहा कलां के मूलत: रहने वाले हैं। इसके बाद जादुई तरीके से बड़े लोगों से संपर्क हुआ और शहर के अलावा गोमती नगर में करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली।
एपीओ का बेटा आज अरबों का मालिक
हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी संसदीय सीट से चुनाव लड़ चुके दिलीप सिंह आज अरबों के मालिक हैं। बांदा के महोखर गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता सहायक अभियोजन अधिकारी रहे हैं। एक करीबी ने बताया कि 2001 में एक राजनीतिक व मौरंग करोबारी के यहां कार्यरत थे। यहां विश्वासपात्र बनने के बाद दिलीप सिंह की किस्मत चमकी और वह 15 वर्षों में यह अकूत संपदा के मालिक हो गए। चर्चा तो यह भी है कि एक मंत्री के संपर्क में आने के बाद इन्होंने मौरंग खदानों से करोड़ों कमाए। इसके बाद वहीं उसे अर्जित की रकम से आगे बढ़ते गए। आज इनके पास अरबों की संपदा है।

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