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Banda News: चंद्रावल नदी का रपटा टूटा, 70 हजार की आबादी फंसी
Mon, 10 Aug 2026 10:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 10 Aug 2026 10:58 PM IST
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फोटो 20- क्षतिग्रस्त रपटा के नीचे से बह रहा नदी का पानी। संवाद
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बांदा/पैलानी। जसपुरा ब्लॉक में चंद्रावल नदी पर बना रपटा क्षतिग्रस्त हो गया है।
इससे पांच बड़े गांव नांदादेव, कुटीडेरा, पड़ोहरा, मड़ौली खुर्द और अमारा सहित 30 मजरों की करीब 70 हजार आबादी की आवाजाही पर संकट खड़ा हो गया है। उधर, रपटे में दरार पड़ गई है, चाैथा पिलर भी धंस गया है।
क्षेत्र में चंद्रावल नदी का रपटा क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पड़ोहरा गांव के ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी भूपेंद्र सिंह को रपटे पर दरार और चौथा पिलर धंसने की जानकारी दी थी। उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार राधेश्याम सिंह और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अभय कुमार को जांच के लिए भेजा।
अधिकारियों ने पुलिस बल तैनात कर वाहनों का संचालन बंद कराया। उप जिलाधिकारी ने बताया कि रपटे के दोनों ओर जल्द ही दीवार बनाई जाएगी। ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने पर रपटा पानी में डूब जाता है। क्षतिग्रस्त होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल है। रोजमर्रा के काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी दिक्कतें आ रही हैं।
आपातकालीन सेवाओं, जैसे एंबुलेंस, के गांव तक पहुंचने में बाधा आ रही है। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
ग्रामीणों ने विधायक रामकेश निषाद से पक्का पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि रपटा हर बारिश में टूटता है, इसलिए यहां पक्का पुल बनना चाहिए।
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इससे पांच बड़े गांव नांदादेव, कुटीडेरा, पड़ोहरा, मड़ौली खुर्द और अमारा सहित 30 मजरों की करीब 70 हजार आबादी की आवाजाही पर संकट खड़ा हो गया है। उधर, रपटे में दरार पड़ गई है, चाैथा पिलर भी धंस गया है।
क्षेत्र में चंद्रावल नदी का रपटा क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पड़ोहरा गांव के ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी भूपेंद्र सिंह को रपटे पर दरार और चौथा पिलर धंसने की जानकारी दी थी। उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार राधेश्याम सिंह और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अभय कुमार को जांच के लिए भेजा।
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अधिकारियों ने पुलिस बल तैनात कर वाहनों का संचालन बंद कराया। उप जिलाधिकारी ने बताया कि रपटे के दोनों ओर जल्द ही दीवार बनाई जाएगी। ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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वहीं ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में चंद्रावल नदी का जलस्तर बढ़ने पर रपटा पानी में डूब जाता है। क्षतिग्रस्त होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल है। रोजमर्रा के काम के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी दिक्कतें आ रही हैं।
आपातकालीन सेवाओं, जैसे एंबुलेंस, के गांव तक पहुंचने में बाधा आ रही है। स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
ग्रामीणों ने विधायक रामकेश निषाद से पक्का पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि रपटा हर बारिश में टूटता है, इसलिए यहां पक्का पुल बनना चाहिए।

फोटो 20- क्षतिग्रस्त रपटा के नीचे से बह रहा नदी का पानी। संवाद