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Banda News: बुंदेलखंड में कृषि विकास के लिए मंडलस्तरीय माइक्रो प्लान बनाया जाए
Thu, 13 Aug 2026 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:26 AM IST
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फोटो-10- कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं व अतिथिगण। संवाद
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बांदा। कृषि प्रसार वैज्ञानिक व पूर्व कृषि सलाहकार, योजना आयोग डॉ. वीवी सदामते ने कहा कि बुंदेलखंड में कृषि के विकास के लिए मंडल स्तरीय माइक्रो प्लान बनाने की आवश्यकता है।
इसके लिए सबको मिलकर कार्य करना पड़ेगा। वह कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कृषि जितनी मजबूत होगी, आर्थिक स्थिति भी उतनी ही मजबूत होगी। इसके लिए खेती में नई तकनीक को अपनाना पड़ेगा। उन्होंने इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं से कहा कि कॅरिअर बनाने के लिए शार्टकट न अपनाएं, हमेशआ कठिन परिश्रम करके सफलता प्राप्त करें।
इस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबड़े ने अपनी जापान यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वहां रहकर समय का पालन और टीम वर्क, कठिन परिश्रम देखा। इस अवसर पर उन्होंने कुलाधिपति का भाषण भी पढ़कर सुनाया। कहा कि बुंदेलखंड की खेती की चुनौतियों को नवाचार के रूप में अपनाएं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय खेत और प्रयोगशाला के बीच का सेतु है।
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उन्होंने यहां कुल 250 उपाधियां प्रदान कीं। जिनमें 207 उपाधियां छात्रों तथा 43 उपाधियां छात्राओं को प्रदान की गईं। इसमें अनुष्का सिंह (चांसलर स्वर्ण पदक) बीएससी (ऑनर्स) कृषि को मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
इसके अलावा वाइस चांसलर स्वर्ण पदक में निर्भय सिंह - बीएससी (कृषि) (87.13 प्रतिशत), दीपल जोशी- बीएससी (उद्यान) (86.99 प्रतिशत), शिवानी- बीएससी (वानिकी) (85.58 प्रतिशत), मुस्कान गुप्ता- एमएससी (कृषि) कृषि सांख्यिकी (91.30 प्रतिशत), साक्षी पटेल - एमएससी (उद्यान) फल विज्ञान (87.21 प्रतिशत), रत्नेश सिंह - एमएससी (वानिकी) सिल्विकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री (85.65 प्रतिशत) को सम्मानित किया।
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ये हैं वाइस चांसलर सिल्वर मेडल विजेता
-दिव्यांशी गुप्ता- बीएससी (कृषि) (86.75 प्रतिशत)
-अर्पित मौर्या- बीएससी (उद्यान) (83.32 प्रतिशत)
-हर्षदीप रस्तोगी - बीएससी (वानिकी) (82.07 प्रतिशत)
-ख्याति सिंह - एमएससी (कृषि) कृषि प्रसार शिक्षा (89.99 प्रतिशत)
-ऋद्धिमा शुक्ला - एमएससी (उद्यान) फल विज्ञान (86.98 प्रतिशत)
-उज्ज्वल शर्मा - एमएससी (वानिकी) वन संसाधन प्रबंधन (84.32 प्रतिशत)
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वाइस चांसलर ब्रॉंज मेडल विजेता
-प्रनव मिश्रा- बीएससी (कृषि) (85.78 प्रतिशत)
-प्रांजलि गुप्ता- बीएससी (उद्यान) (83.26 प्रतिशत)
-संगम तिवारी - एमएससी (कृषि) कृषि सांख्यिकी (87.89 प्रतिशत)
-ओशिका जैन - एमएससी (उद्यान) सब्जी विज्ञान (85.74 प्रतिशत)
-निहाल कुमार गुप्ता- एम.एस.सी. (वानिकी) सिल्विकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री (82.71 प्रतिशत)
इसके अतिरिक्त कुल 50 मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
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दीक्षांत समारोह में 250 विद्यार्थियों को उपाधियां
बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह 250 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 207 छात्र और 43 छात्राएं शामिल हैं। 73 विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाणपत्र दिए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सात स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य समेत कुल 18 पदक प्रदान किए गए। उपाधियों को डिजीलॉकर में भी अपलोड किया गया।
इस दौरान तीन शिक्षकों प्रो. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. सीएम सिंह और डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखी पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। समारोह में स्कूली विद्यार्थियों ने पर्यावरण गीत, कजरी लोकनृत्य और देशभक्ति प्रस्तुतियां दीं।
इसके अलावा आसपास के पांच गांवों के विद्यार्थियों के बीच कहानी कथन, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं कराई गईं। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। बांदा, हमीरपुर और जालौन के चयनित 400 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट भी वितरित की गईं। इनमें 100 किट विश्वविद्यालय और 300 किट जिला प्रशासन की ओर से दी गईं।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। कुलपति प्रो. एसवीएस राजू ने वार्षिक प्रतिवेदन में बताया कि विश्वविद्यालय को शोध एवं विकास के क्षेत्र में 19.69 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं मिली हैं। इसके अलावा नौ पेटेंट और एक कॉपीराइट भी हासिल किया गया।
दीक्षांत समारोह से पहले कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबड़े ने उद्यान महाविद्यालय में आयोजित एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने निर्धारित दीक्षांत परिधान धारण कर ग्रुप फोटोग्राफ में प्रतिभाग किया। शोभायात्रा के दीक्षांत स्थल पहुंचने और राष्ट्रगीत के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया।
कुलपति ने बताया कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में नया स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने की भारतीय पशुचिकित्सा परिषद से अनुमति मिली है। विश्वविद्यालय के 110 स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों को रोजगार मिला, जबकि 18 विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लिया। आईआईआरएफ 2025-26 में विश्वविद्यालय को देश में 39वां स्थान मिला।
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आईसीआरआईएसएटी, हैदराबाद के साथ समझौता
शोध को बढ़ावा देने के लिए आईसीआरआईएसएटी, हैदराबाद के साथ बुंदेलखंड में शुष्क खेती पर शोध समझौता किया गया। कृषि प्रसार के तहत करीब तीन हजार हेक्टेयर में दलहनी और तिलहनी फसलों के प्रदर्शन लगाए गए। कृषि विज्ञान केंद्रों ने 557 प्रशिक्षणों के माध्यम से 12,533 किसानों को प्रशिक्षित किया।
सीड हब परियोजना के तहत 741.79 क्विंटल बीज का उत्पादन कर 77.18 लाख रुपये की आय अर्जित की गई। 40 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम का निर्माण भी प्रगति पर है।
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ओएसडी ने विद्यार्थियों की समस्याएं भी गिनाईं
बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) सुधीर एम. बोबड़े ने छात्रावासों समेत विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं का मुद्दा मंच से उठाया।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान मिलीं कमियों को साझा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही पदक हासिल करने में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की।
सुधीर एम. बोबड़े ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुल 28 भवन हैं। भ्रमण के दौरान उन्होंने महिला और पुरुष छात्रावासों का निरीक्षण किया। महिला छात्रावास में वाईफाई और वाशिंग मशीन की सुविधा नहीं मिली। पानी की टंकी, टीवी और पंखे खराब पाए गए।
पानी के लिए लगाई गई टंकी से आपूर्ति नहीं होने की जानकारी भी मिली। महिला छात्रावास में चिकित्सीय सुविधा भी केवल मंगलवार को उपलब्ध होने की बात सामने आई। इसके अलावा फायर सिलिंडर की वैधता समाप्त मिली।
पुरुष छात्रावास के निरीक्षण में खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। स्टेडियम में घास उगी होने की बात भी उन्होंने मंच से बताई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से इन व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराने को कहा। साथ ही पुरुष हॉस्टल में सीसीटीवी लगाने के लिए कहा।
छात्राओं को वाईफाई और वाशिंग मशीन का भरोसा
विशेष कार्याधिकारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में दिए गए 18 पदकों में 10 पदक छात्राओं ने हासिल किए हैं। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कुलपति की ओर संकेत करते हुए कहा कि छात्राओं को वाईफाई और वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्यपाल से वार्ता की जाएगी। अन्य कमियों को भी दूर कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया। मंच से छात्रावासों की समस्याएं उठाए जाने पर छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।
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इसके लिए सबको मिलकर कार्य करना पड़ेगा। वह कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कृषि जितनी मजबूत होगी, आर्थिक स्थिति भी उतनी ही मजबूत होगी। इसके लिए खेती में नई तकनीक को अपनाना पड़ेगा। उन्होंने इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं से कहा कि कॅरिअर बनाने के लिए शार्टकट न अपनाएं, हमेशआ कठिन परिश्रम करके सफलता प्राप्त करें।
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इस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबड़े ने अपनी जापान यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वहां रहकर समय का पालन और टीम वर्क, कठिन परिश्रम देखा। इस अवसर पर उन्होंने कुलाधिपति का भाषण भी पढ़कर सुनाया। कहा कि बुंदेलखंड की खेती की चुनौतियों को नवाचार के रूप में अपनाएं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय खेत और प्रयोगशाला के बीच का सेतु है।
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उन्होंने यहां कुल 250 उपाधियां प्रदान कीं। जिनमें 207 उपाधियां छात्रों तथा 43 उपाधियां छात्राओं को प्रदान की गईं। इसमें अनुष्का सिंह (चांसलर स्वर्ण पदक) बीएससी (ऑनर्स) कृषि को मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
इसके अलावा वाइस चांसलर स्वर्ण पदक में निर्भय सिंह - बीएससी (कृषि) (87.13 प्रतिशत), दीपल जोशी- बीएससी (उद्यान) (86.99 प्रतिशत), शिवानी- बीएससी (वानिकी) (85.58 प्रतिशत), मुस्कान गुप्ता- एमएससी (कृषि) कृषि सांख्यिकी (91.30 प्रतिशत), साक्षी पटेल - एमएससी (उद्यान) फल विज्ञान (87.21 प्रतिशत), रत्नेश सिंह - एमएससी (वानिकी) सिल्विकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री (85.65 प्रतिशत) को सम्मानित किया।
ये हैं वाइस चांसलर सिल्वर मेडल विजेता
-दिव्यांशी गुप्ता- बीएससी (कृषि) (86.75 प्रतिशत)
-अर्पित मौर्या- बीएससी (उद्यान) (83.32 प्रतिशत)
-हर्षदीप रस्तोगी - बीएससी (वानिकी) (82.07 प्रतिशत)
-ख्याति सिंह - एमएससी (कृषि) कृषि प्रसार शिक्षा (89.99 प्रतिशत)
-ऋद्धिमा शुक्ला - एमएससी (उद्यान) फल विज्ञान (86.98 प्रतिशत)
-उज्ज्वल शर्मा - एमएससी (वानिकी) वन संसाधन प्रबंधन (84.32 प्रतिशत)
वाइस चांसलर ब्रॉंज मेडल विजेता
-प्रनव मिश्रा- बीएससी (कृषि) (85.78 प्रतिशत)
-प्रांजलि गुप्ता- बीएससी (उद्यान) (83.26 प्रतिशत)
-संगम तिवारी - एमएससी (कृषि) कृषि सांख्यिकी (87.89 प्रतिशत)
-ओशिका जैन - एमएससी (उद्यान) सब्जी विज्ञान (85.74 प्रतिशत)
-निहाल कुमार गुप्ता- एम.एस.सी. (वानिकी) सिल्विकल्चर एवं एग्रोफोरेस्ट्री (82.71 प्रतिशत)
इसके अतिरिक्त कुल 50 मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
दीक्षांत समारोह में 250 विद्यार्थियों को उपाधियां
बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह 250 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें 207 छात्र और 43 छात्राएं शामिल हैं। 73 विद्यार्थियों को मेरिट प्रमाणपत्र दिए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सात स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य समेत कुल 18 पदक प्रदान किए गए। उपाधियों को डिजीलॉकर में भी अपलोड किया गया।
इस दौरान तीन शिक्षकों प्रो. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. सीएम सिंह और डॉ. अरविंद कुमार गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखी पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। समारोह में स्कूली विद्यार्थियों ने पर्यावरण गीत, कजरी लोकनृत्य और देशभक्ति प्रस्तुतियां दीं।
इसके अलावा आसपास के पांच गांवों के विद्यार्थियों के बीच कहानी कथन, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं कराई गईं। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। बांदा, हमीरपुर और जालौन के चयनित 400 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट भी वितरित की गईं। इनमें 100 किट विश्वविद्यालय और 300 किट जिला प्रशासन की ओर से दी गईं।
इससे पूर्व विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया। कुलपति प्रो. एसवीएस राजू ने वार्षिक प्रतिवेदन में बताया कि विश्वविद्यालय को शोध एवं विकास के क्षेत्र में 19.69 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं मिली हैं। इसके अलावा नौ पेटेंट और एक कॉपीराइट भी हासिल किया गया।
दीक्षांत समारोह से पहले कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी सुधीर एम. बोबड़े ने उद्यान महाविद्यालय में आयोजित एचपीवी वैक्सीनेशन कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने निर्धारित दीक्षांत परिधान धारण कर ग्रुप फोटोग्राफ में प्रतिभाग किया। शोभायात्रा के दीक्षांत स्थल पहुंचने और राष्ट्रगीत के साथ समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई। विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय कुलगीत प्रस्तुत किया।
कुलपति ने बताया कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में नया स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने की भारतीय पशुचिकित्सा परिषद से अनुमति मिली है। विश्वविद्यालय के 110 स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों को रोजगार मिला, जबकि 18 विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लिया। आईआईआरएफ 2025-26 में विश्वविद्यालय को देश में 39वां स्थान मिला।
आईसीआरआईएसएटी, हैदराबाद के साथ समझौता
शोध को बढ़ावा देने के लिए आईसीआरआईएसएटी, हैदराबाद के साथ बुंदेलखंड में शुष्क खेती पर शोध समझौता किया गया। कृषि प्रसार के तहत करीब तीन हजार हेक्टेयर में दलहनी और तिलहनी फसलों के प्रदर्शन लगाए गए। कृषि विज्ञान केंद्रों ने 557 प्रशिक्षणों के माध्यम से 12,533 किसानों को प्रशिक्षित किया।
सीड हब परियोजना के तहत 741.79 क्विंटल बीज का उत्पादन कर 77.18 लाख रुपये की आय अर्जित की गई। 40 करोड़ रुपये की लागत से विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम का निर्माण भी प्रगति पर है।
ओएसडी ने विद्यार्थियों की समस्याएं भी गिनाईं
बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) सुधीर एम. बोबड़े ने छात्रावासों समेत विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं का मुद्दा मंच से उठाया।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान मिलीं कमियों को साझा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। साथ ही पदक हासिल करने में छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की।
सुधीर एम. बोबड़े ने कहा कि विश्वविद्यालय में कुल 28 भवन हैं। भ्रमण के दौरान उन्होंने महिला और पुरुष छात्रावासों का निरीक्षण किया। महिला छात्रावास में वाईफाई और वाशिंग मशीन की सुविधा नहीं मिली। पानी की टंकी, टीवी और पंखे खराब पाए गए।
पानी के लिए लगाई गई टंकी से आपूर्ति नहीं होने की जानकारी भी मिली। महिला छात्रावास में चिकित्सीय सुविधा भी केवल मंगलवार को उपलब्ध होने की बात सामने आई। इसके अलावा फायर सिलिंडर की वैधता समाप्त मिली।
पुरुष छात्रावास के निरीक्षण में खिड़कियों के शीशे टूटे मिले। स्टेडियम में घास उगी होने की बात भी उन्होंने मंच से बताई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से इन व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त कराने को कहा। साथ ही पुरुष हॉस्टल में सीसीटीवी लगाने के लिए कहा।
छात्राओं को वाईफाई और वाशिंग मशीन का भरोसा
विशेष कार्याधिकारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में दिए गए 18 पदकों में 10 पदक छात्राओं ने हासिल किए हैं। उन्होंने इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कुलपति की ओर संकेत करते हुए कहा कि छात्राओं को वाईफाई और वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्यपाल से वार्ता की जाएगी। अन्य कमियों को भी दूर कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया। मंच से छात्रावासों की समस्याएं उठाए जाने पर छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर उनका समर्थन किया।

फोटो-10- कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं व अतिथिगण। संवाद