{"_id":"6a849b1dd5fc7f911c0a99cf","slug":"children-off-to-school-schoolbags-on-their-backs-marshy-mire-beneath-their-feet-banda-news-c-12-1-knp1100-1622346-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बच्चे चले स्कूल...पीठ पर बस्ता, पैरों के नीचे दलदल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बच्चे चले स्कूल...पीठ पर बस्ता, पैरों के नीचे दलदल
Tue, 18 Aug 2026 11:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
फोटो-29-दलदल भरे रास्ते से स्कूल जाते बच्चे। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पैलानी। पैलानी तहसील के निवाईच गांव में पूर्व माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचने वाला करीब 250 मीटर रास्ता बच्चों के लिए मुसीबत बना हुआ है।
बारिश के बाद रास्ते पर इतना दलदल हो गया है कि छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। रास्ते में कीचड़ में फिसलकर बच्चे आए दिन चोटिल भी हो रहे हैं।
निवाईच गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। विद्यालय में वर्तमान में करीब 90 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इंचार्ज प्रधानाध्यापक आसिफ अली ने बताया कि विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को प्रतिदिन दलदल से होकर गुजरना पड़ता है।
उन्होंने पूर्व में ग्राम प्रधान सपना सिंह गौर के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया और रास्ते के निर्माण के लिए पत्राचार किया लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
छात्र मनीष, शिवानी, राधिका और अर्चना ने बताया कि उन्हें रोज इसी दलदल भरे रास्ते से स्कूल आना-जाना पड़ता है। विद्यालय स्टाफ में आसिफ अली, संजना, निशा देवी और सरिता भी इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान सपना सिंह गौर ने बताया कि उन्होंने कई बार ब्लॉक स्तर पर रास्ते के निर्माण को लेकर पत्राचार किया है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
-- -
100 से अधिक लोग प्रभावित
ग्रामीण गोपी द्विवेदी, दीपू दीक्षित, उमेश कुमार, प्रभाकर द्विवेदी, उदय प्रताप, विनोद गुप्ता और रामशरण पांडे ने बताया कि तीन पंचवर्षीय प्रधानों के कार्यकाल से पुलिया वाले रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। इससे विद्यालय आने वाले बच्चों और अभिभावकों समेत एक सैकड़ा से अधिक लोगों को परेशानी हो रही है। रास्ते के आसपास रहने वाले लोगों का जीवन भी नारकीय हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक हालत यह है कि एंबुलेंस भी यहां आने-जाने से कतराती है।
-- -
एसडीएम बोले- मौके पर जाकर करेंगे निरीक्षण
एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी अभी मिली है। बुधवार को मौके पर जाकर दलदल वाले रास्ते का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही खंड विकास अधिकारी तिंदवारी रेखा सियाक को भी समस्या से अवगत कराया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द रास्ते के निर्माण की कार्रवाई कराई जा सके।
विज्ञापन
बारिश के बाद रास्ते पर इतना दलदल हो गया है कि छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। रास्ते में कीचड़ में फिसलकर बच्चे आए दिन चोटिल भी हो रहे हैं।
निवाईच गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। विद्यालय में वर्तमान में करीब 90 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इंचार्ज प्रधानाध्यापक आसिफ अली ने बताया कि विद्यालय पहुंचने के लिए बच्चों को प्रतिदिन दलदल से होकर गुजरना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने पूर्व में ग्राम प्रधान सपना सिंह गौर के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया और रास्ते के निर्माण के लिए पत्राचार किया लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
छात्र मनीष, शिवानी, राधिका और अर्चना ने बताया कि उन्हें रोज इसी दलदल भरे रास्ते से स्कूल आना-जाना पड़ता है। विद्यालय स्टाफ में आसिफ अली, संजना, निशा देवी और सरिता भी इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान सपना सिंह गौर ने बताया कि उन्होंने कई बार ब्लॉक स्तर पर रास्ते के निर्माण को लेकर पत्राचार किया है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
100 से अधिक लोग प्रभावित
ग्रामीण गोपी द्विवेदी, दीपू दीक्षित, उमेश कुमार, प्रभाकर द्विवेदी, उदय प्रताप, विनोद गुप्ता और रामशरण पांडे ने बताया कि तीन पंचवर्षीय प्रधानों के कार्यकाल से पुलिया वाले रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। इससे विद्यालय आने वाले बच्चों और अभिभावकों समेत एक सैकड़ा से अधिक लोगों को परेशानी हो रही है। रास्ते के आसपास रहने वाले लोगों का जीवन भी नारकीय हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक हालत यह है कि एंबुलेंस भी यहां आने-जाने से कतराती है।
एसडीएम बोले- मौके पर जाकर करेंगे निरीक्षण
एसडीएम पैलानी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी अभी मिली है। बुधवार को मौके पर जाकर दलदल वाले रास्ते का निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी। साथ ही खंड विकास अधिकारी तिंदवारी रेखा सियाक को भी समस्या से अवगत कराया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द रास्ते के निर्माण की कार्रवाई कराई जा सके।