{"_id":"6a27137e0add435cf1077d3a","slug":"clouds-increased-the-trouble-people-troubled-by-humidity-and-heat-banda-news-c-212-1-bnd1017-147937-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बादलों ने बढ़ाई मुसीबत, उमस और गर्मी से परेशान लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बादलों ने बढ़ाई मुसीबत, उमस और गर्मी से परेशान लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 09 Jun 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
शहर के डीएम कालोनी रोड पर इस तरह से धूप से बचकर निकले परीक्षार्थी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बांदा। बादलों की आवाजाही से भीषण उमस रही। अधिकतम पारा 43 डिग्री पर पहुंचा। जबकि न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस पर रहा। तपन और उमस से लोग बेहाल रहे। हालांकि 12 किमी की रफ्तार से लू चली। दोपहर 12 बजे से दोपहर तीन बजे तक सड़कों पर पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थी ही दिखाई पड़े। हालांकि वह भी अपना बचाव करते दिखाई दिए।
सोमवार का दिन आठ जून खासा तपन भरा रहा। दोपहर दो बजे तक अधिकतम पारा 42 डिग्री पर था। बाद में यह 43 डिग्री पर टिक गया। इसी तरह से न्यूनतम पारा भी 29 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। प्रमुख चौराहों बाबूलाल चौराहा, महाराणा प्रताप चौक, झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार की तरह सन्नाटा रहा।
-- -- -
मानसून आने तक मौसम का यही हाल रहेगा। बादलों के आने से उमस में इजाफा होगा। बूंदाबांदी भी हो सकती है, पर तपन बरकरार रहेगी। पारा भी 42 व 43 डिग्री के आसपास रहेगा।
विज्ञापन
- डॉ. दिनेश शाहा
मौसम विज्ञानी, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा।
सोमवार का दिन आठ जून खासा तपन भरा रहा। दोपहर दो बजे तक अधिकतम पारा 42 डिग्री पर था। बाद में यह 43 डिग्री पर टिक गया। इसी तरह से न्यूनतम पारा भी 29 डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। प्रमुख चौराहों बाबूलाल चौराहा, महाराणा प्रताप चौक, झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार की तरह सन्नाटा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानसून आने तक मौसम का यही हाल रहेगा। बादलों के आने से उमस में इजाफा होगा। बूंदाबांदी भी हो सकती है, पर तपन बरकरार रहेगी। पारा भी 42 व 43 डिग्री के आसपास रहेगा।
- डॉ. दिनेश शाहा
मौसम विज्ञानी, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बांदा।