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Banda News: दो साल से अदालत नहीं पहुंचा परिवादी, चेक बाउंस का परिवाद खारिज
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= अदालत से का लोगो =
-विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में चल रहा था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। चेक बाउंस के मामले में परिवादी की लगातार गैरहाजिरी आखिरकार उसके मुकदमे पर भारी पड़ गई। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय की अदालत ने करीब दो वर्षों से पैरवी न किए जाने और लगातार अनुपस्थित रहने पर परिवाद खारिज कर दिया। मर्दननाका निवासी पप्पू ने इदरीस के खिलाफ वर्ष 2020 में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत परिवाद दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान परिवादी और उसका अधिवक्ता दोनों ही अदालत में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने आदेश में कहा कि परिवादी 30 जुलाई 2024 से लगातार सुनवाई पर अनुपस्थित रहा है। इस दौरान कई तिथियों पर न तो उसने स्वयं अदालत में हाजिरी लगाई और न ही उसकी ओर से कोई प्रभावी पैरवी की गई। अदालत की ओर से नोटिस भेजे गए और अधिवक्ता को मोबाइल से भी सूचित किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ता ने भी न्यायालय को बताया कि परिवादी अब उनके संपर्क में नहीं है। इन परिस्थितियों में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय सत्यवीर सिंह ने परिवादी लगातार अनुपस्थिति को आधार मानते हुए परिवाद खारिज कर पत्रावली दफ्तर दाखिल करने का आदेश दिया।
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-विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में चल रहा था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। चेक बाउंस के मामले में परिवादी की लगातार गैरहाजिरी आखिरकार उसके मुकदमे पर भारी पड़ गई। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय की अदालत ने करीब दो वर्षों से पैरवी न किए जाने और लगातार अनुपस्थित रहने पर परिवाद खारिज कर दिया। मर्दननाका निवासी पप्पू ने इदरीस के खिलाफ वर्ष 2020 में धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत परिवाद दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान परिवादी और उसका अधिवक्ता दोनों ही अदालत में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने आदेश में कहा कि परिवादी 30 जुलाई 2024 से लगातार सुनवाई पर अनुपस्थित रहा है। इस दौरान कई तिथियों पर न तो उसने स्वयं अदालत में हाजिरी लगाई और न ही उसकी ओर से कोई प्रभावी पैरवी की गई। अदालत की ओर से नोटिस भेजे गए और अधिवक्ता को मोबाइल से भी सूचित किया गया, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ता ने भी न्यायालय को बताया कि परिवादी अब उनके संपर्क में नहीं है। इन परिस्थितियों में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-द्वितीय सत्यवीर सिंह ने परिवादी लगातार अनुपस्थिति को आधार मानते हुए परिवाद खारिज कर पत्रावली दफ्तर दाखिल करने का आदेश दिया।
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