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Banda News: दावों के उलट, 60 फीसदी नालों में अब भी कूड़ा
Mon, 08 Jun 2026 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:29 AM IST
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सभासद योगेंद्र योगी। संवाद
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बांदा। मानसून आने से पहले नगर पालिका नाले-नालियों का सफाई अभियान चला रहा है। अधिकारियों का दावा है कि नगर के बड़े-छोटे नाले नालियों की 60 फीसदी तक सफाई कराई जा चुकी है। इस दावे के उलट शहर के दो बड़े नालों में सिल्ट, पॉलीथिन का कचरे से नाले पटे पड़े हैं।
नगर पालिका बांदा क्षेत्र में दो बड़े और 57 छोटे नाले हैं। इनमें प्रमुख रूप से दो बड़े नाले निम्नी और पंकज हैं। दोनों ही नालों से शहर का गंदा पानी निकलता है। निम्नी नाला नवाब टैंक से होकर पुराने शहर से होते हुए केन नदी में गिरता है। यह करीब छह किमी लंबा नाला है। इस नाले से शहर के करीब 12 बड़े मोहल्ले जुड़े हुए हैं।
वहीं रेलवे स्टेशन के बाद से शुरू होने वाले इलाकों के गंदे पानी की निकासी के लिए पंकज नाला है। यह कालूकुआं, जिलाधिकारी कॉलोनी, स्वराज कॉलोनी समेत 10 मोहल्लों से होकर केन में जाकर मिलता है। दोनों ही नालों की सिल्ट सफाई नहीं हो सकी है। नालों में पॉलीथिन का कचरा, थर्माकोल का कचरा, घास आदि जमा है। दोनों नालों की मौजूदा स्थिति देखने पर जाने पर यह महज 20 से 30 फीसदी तक साफ दिखाई दे रहा है।
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मानसून आने पर सबसे ज्यादा दिक्कत पंकज नाला से प्रभावित मोहल्ले जैसे कालूकुआं का एरिया होता है। इसमें बरसात के दिनों में लोगों के घरों तक में पानी भरता है। यहां सड़क भी ऊंची होने पर मकानों और गलियों में जलभराव रहता है। शेख सरवर साहब की मस्जिद से होकर छोटी बाजार को जाने वाले नाले की अभी तक सफाई नहीं हो सकी है।
बोले सभासद
वार्ड नंबर- 15 की भाजपा सभासद शिवदेवी साहू ने बताया कि नाला सफाई को लेकर नगर पालिका का रवैया उदासीन है। तीन माह पहले ही पालिका में प्रार्थना पत्र देकर निम्नी नाला की सफाई का निवेदन किया था लेकिन नाले की सफाई नहीं हो सकी। उनके वार्ड में पड़ने वाले इस नाले में सिल्ट जमा है।
वार्ड नंबर-आठ के सभासद योगेंद्र योगी ने बताया कि उन्होंने अपने वार्ड में आने वाले पंकज नाला को साफ कराया है लेकिन लोग नाले में रजाई गद्दे, थर्माकोल का कचरा आदि डाल देते हैं। इससे नाला चोक हो जाता है। हर वर्ष बारिश से पहले वह अपने क्षेत्र में नाला सफाई करा देते हैं।
बोले लोग
पीली कोठी के इलाही ने कहा कि नगर पालिका को नाले और नालियों की सफाई बारिश के पूर्व ही करा लेनी चाहिए। क्योंकि बारिश में बड़े नाले उफनाते हैं, इससे छोटी नालियां जाम हो जाती है।
छिपटहरी मोहल्ला के शफीक ने कहा कि नगर पालिका को चाहिए कि वह समय रहते नालों की सफाई करा लें। इससे बारिश के दिनों में गलियों और सड़कों में होने वाले जलभराव से बचा जा सकेगा।
वर्जन
नगर पालिका अपने संसाधन जेसीबी और पोकलैंड मशीन और गैंग से नालों की सफाई करा रही है। दोनों बड़े नालों की लगभग 60 फीसदी सफाई करा ली गई है। बारिश के पहले हम पूरा नाला साफ कर लेंगे। नाला सफाई का ठेका नहीं हुआ है। पालिका अपने संसाधन से करा रही है।
श्रीचंद्र चौधरी
ईओ, नगर पालिका, बांदा।
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नगर पालिका बांदा क्षेत्र में दो बड़े और 57 छोटे नाले हैं। इनमें प्रमुख रूप से दो बड़े नाले निम्नी और पंकज हैं। दोनों ही नालों से शहर का गंदा पानी निकलता है। निम्नी नाला नवाब टैंक से होकर पुराने शहर से होते हुए केन नदी में गिरता है। यह करीब छह किमी लंबा नाला है। इस नाले से शहर के करीब 12 बड़े मोहल्ले जुड़े हुए हैं।
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वहीं रेलवे स्टेशन के बाद से शुरू होने वाले इलाकों के गंदे पानी की निकासी के लिए पंकज नाला है। यह कालूकुआं, जिलाधिकारी कॉलोनी, स्वराज कॉलोनी समेत 10 मोहल्लों से होकर केन में जाकर मिलता है। दोनों ही नालों की सिल्ट सफाई नहीं हो सकी है। नालों में पॉलीथिन का कचरा, थर्माकोल का कचरा, घास आदि जमा है। दोनों नालों की मौजूदा स्थिति देखने पर जाने पर यह महज 20 से 30 फीसदी तक साफ दिखाई दे रहा है।
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मानसून आने पर सबसे ज्यादा दिक्कत पंकज नाला से प्रभावित मोहल्ले जैसे कालूकुआं का एरिया होता है। इसमें बरसात के दिनों में लोगों के घरों तक में पानी भरता है। यहां सड़क भी ऊंची होने पर मकानों और गलियों में जलभराव रहता है। शेख सरवर साहब की मस्जिद से होकर छोटी बाजार को जाने वाले नाले की अभी तक सफाई नहीं हो सकी है।
बोले सभासद
वार्ड नंबर- 15 की भाजपा सभासद शिवदेवी साहू ने बताया कि नाला सफाई को लेकर नगर पालिका का रवैया उदासीन है। तीन माह पहले ही पालिका में प्रार्थना पत्र देकर निम्नी नाला की सफाई का निवेदन किया था लेकिन नाले की सफाई नहीं हो सकी। उनके वार्ड में पड़ने वाले इस नाले में सिल्ट जमा है।
वार्ड नंबर-आठ के सभासद योगेंद्र योगी ने बताया कि उन्होंने अपने वार्ड में आने वाले पंकज नाला को साफ कराया है लेकिन लोग नाले में रजाई गद्दे, थर्माकोल का कचरा आदि डाल देते हैं। इससे नाला चोक हो जाता है। हर वर्ष बारिश से पहले वह अपने क्षेत्र में नाला सफाई करा देते हैं।
बोले लोग
पीली कोठी के इलाही ने कहा कि नगर पालिका को नाले और नालियों की सफाई बारिश के पूर्व ही करा लेनी चाहिए। क्योंकि बारिश में बड़े नाले उफनाते हैं, इससे छोटी नालियां जाम हो जाती है।
छिपटहरी मोहल्ला के शफीक ने कहा कि नगर पालिका को चाहिए कि वह समय रहते नालों की सफाई करा लें। इससे बारिश के दिनों में गलियों और सड़कों में होने वाले जलभराव से बचा जा सकेगा।
वर्जन
नगर पालिका अपने संसाधन जेसीबी और पोकलैंड मशीन और गैंग से नालों की सफाई करा रही है। दोनों बड़े नालों की लगभग 60 फीसदी सफाई करा ली गई है। बारिश के पहले हम पूरा नाला साफ कर लेंगे। नाला सफाई का ठेका नहीं हुआ है। पालिका अपने संसाधन से करा रही है।
श्रीचंद्र चौधरी
ईओ, नगर पालिका, बांदा।

सभासद योगेंद्र योगी। संवाद

सभासद योगेंद्र योगी। संवाद

सभासद योगेंद्र योगी। संवाद

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