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Banda News: बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में बढ़ी तारीख
Tue, 11 Aug 2026 10:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 11 Aug 2026 10:54 PM IST
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बांदा। महोबा से बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार मामले में विशेष अदालत (भ्रष्टाचार निवारण) में शोकावकाश होने के कारण न्यायिक कार्रवाई नहीं हो सकी।
वादी मुकदमा रविकांत त्रिपाठी न्यायालय में मौजूद रहे। मणिलाल पाटीदार व अजय इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर ब्रह्मदत्त ने न्यायालय में हाजिरी लगाई। जबकि पूर्व एसओ देवेंद्र शुक्ला, मामले में सहयोगी रहे सूर्या केमिकल के डीलर सुरेश सोनी व पूर्व सिपाही अरुण के अधिवक्ता ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। न्यायालय ने इस मामले की अगली तारीख अब 20 अगस्त निर्धारित की है।
न्यायालय में विचाराधीन मामले में पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो प्रचलित किया था, जिसके बाद आठ सितंबर 2020 को उन्हें गोली लगी और 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी।
इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में कुल 53 गवाह हैं। सभी के बयान दर्ज किए जाने हैं।
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जेल कैंटीन संचालक का प्रार्थना पत्र खारिज, अब 27 को सुनवाई
बांदा। चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी व पत्नी निकहत की अवैध मुलाकात मामले में मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में जेल कैंटीन संचालक के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया। अदालत में तत्कालीन जेल अधीक्षक ने अपनी हाजिरी लगाई।
अब्बास निकहत समेत अन्य आरोपियों ने अपने-अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अपनी हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। न्यायालय ने इस मामले की अगली तारीख अब 27 अगस्त निर्धारित की है। बता दें कि 10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल में तत्कालीन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से छापा मारा था।
छापा मारी में अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत तत्कालीन जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं। जांच में सामने आया था कि वह नियमों के विपरीत लंबे समय तक जेल परिसर में मौजूद रहीं थीं।
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लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आरोपी बरी
बांदा। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्यवीर सिंह की अदालत ने 12 साल पुराने एक मामले में आरोपी राजनारायन को दोषमुक्त किया।
यह मामला लापरवाही से वाहन चलाने और एक व्यक्ति की मौत से जुड़ा था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध आरोपों को साबित नहीं कर सका।
यह घटना एक जुलाई 2014 को हुई थी। राजनारायण द्वारा चलाए जा रहे एक टेंपो के अतर्रा चुंगी के पास पलटने से थाना अतर्रा के इटरा खुर्द निवासी विशेश्वर की मृत्यु हो गई। विशेश्वर के बेटे शिवमंगल प्रसाद ने कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी शिवमंगल प्रसाद और विवेचक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह को गवाह के तौर पर पेश किया।
वादी शिवमंगल प्रसाद ने प्रति-परीक्षा में बताया कि वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लोगों के कहने पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह ने भी स्वीकार किया कि वह घटना के समय मौके पर नहीं थे।
सात जुलाई को सुनवाई के बाद अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष कोई चश्मदीद गवाह पेश नहीं कर सका। केवल दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर आरोप साबित नहीं माने जा सकते। न्यायालय ने राजनारायन को सभी आरोपों से दोषमुक्त करने का आदेश दिया। उसके जमानत बंधपत्र निरस्त कर दिए गए।
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वादी मुकदमा रविकांत त्रिपाठी न्यायालय में मौजूद रहे। मणिलाल पाटीदार व अजय इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर ब्रह्मदत्त ने न्यायालय में हाजिरी लगाई। जबकि पूर्व एसओ देवेंद्र शुक्ला, मामले में सहयोगी रहे सूर्या केमिकल के डीलर सुरेश सोनी व पूर्व सिपाही अरुण के अधिवक्ता ने हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। न्यायालय ने इस मामले की अगली तारीख अब 20 अगस्त निर्धारित की है।
न्यायालय में विचाराधीन मामले में पूर्व आईपीएस मणिलाल पाटीदार पर क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी से प्रतिमाह छह लाख रुपये रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप हैं। इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को रिश्वत मांगने का वीडियो प्रचलित किया था, जिसके बाद आठ सितंबर 2020 को उन्हें गोली लगी और 13 सितंबर 2020 को उनकी मौत हो गई थी।
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इंद्रकांत के भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर पाटीदार व अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, जिसके बाद 22 जुलाई 2021 को भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया। इस मामले में कुल 53 गवाह हैं। सभी के बयान दर्ज किए जाने हैं।
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जेल कैंटीन संचालक का प्रार्थना पत्र खारिज, अब 27 को सुनवाई
बांदा। चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी व पत्नी निकहत की अवैध मुलाकात मामले में मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में जेल कैंटीन संचालक के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया। अदालत में तत्कालीन जेल अधीक्षक ने अपनी हाजिरी लगाई।
अब्बास निकहत समेत अन्य आरोपियों ने अपने-अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अपनी हाजिरी माफी की अर्जी लगाई। न्यायालय ने इस मामले की अगली तारीख अब 27 अगस्त निर्धारित की है। बता दें कि 10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल में तत्कालीन जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से छापा मारा था।
छापा मारी में अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत तत्कालीन जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं। जांच में सामने आया था कि वह नियमों के विपरीत लंबे समय तक जेल परिसर में मौजूद रहीं थीं।
लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आरोपी बरी
बांदा। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सत्यवीर सिंह की अदालत ने 12 साल पुराने एक मामले में आरोपी राजनारायन को दोषमुक्त किया।
यह मामला लापरवाही से वाहन चलाने और एक व्यक्ति की मौत से जुड़ा था। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध आरोपों को साबित नहीं कर सका।
यह घटना एक जुलाई 2014 को हुई थी। राजनारायण द्वारा चलाए जा रहे एक टेंपो के अतर्रा चुंगी के पास पलटने से थाना अतर्रा के इटरा खुर्द निवासी विशेश्वर की मृत्यु हो गई। विशेश्वर के बेटे शिवमंगल प्रसाद ने कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने वादी शिवमंगल प्रसाद और विवेचक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह को गवाह के तौर पर पेश किया।
वादी शिवमंगल प्रसाद ने प्रति-परीक्षा में बताया कि वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने लोगों के कहने पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह ने भी स्वीकार किया कि वह घटना के समय मौके पर नहीं थे।
सात जुलाई को सुनवाई के बाद अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष कोई चश्मदीद गवाह पेश नहीं कर सका। केवल दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर आरोप साबित नहीं माने जा सकते। न्यायालय ने राजनारायन को सभी आरोपों से दोषमुक्त करने का आदेश दिया। उसके जमानत बंधपत्र निरस्त कर दिए गए।