{"_id":"6a5fbb8c98230e0ffb03840e","slug":"demand-to-rename-banda-as-bamdev-nagar-banda-news-c-12-1-knp1100-1594400-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बांदा का नाम बदलकर बामदेव नगर करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बांदा का नाम बदलकर बामदेव नगर करने की मांग
Wed, 22 Jul 2026 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। बुंदेलखंड के ऐतिहासिक जिले बांदा का नाम बदलकर बामदेव नगर किए जाने की मांग उठी है। बार संघ ने चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है।
बार संघ अध्यक्ष विमल कुमार सिंह ने महासचिव राजेश त्रिपाठी और अन्य सदस्यों के साथ आयुक्त को यह ज्ञापन सौंपा। पत्र में कहा गया है कि बांदा एक प्राचीन शहर है और चित्रकूट मंडल का मुख्यालय भी है। यह शहर अपने गौरवमयी इतिहास के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
मांगकर्ताओं ने इसके पौराणिक महत्व पर जोर दिया है। यहां कालिंजर का ऐतिहासिक किला और प्रसिद्ध नीलकण्ठ मंदिर स्थित है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं यहां विराजमान थे। शहर में बाम्बेश्वर मंदिर भी है, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। प्राचीन बामदेव ऋषि ने इसी स्थान पर तपस्या की थी।
विज्ञापन
पत्र में बताया गया है कि पहले इस स्थान का नाम बम्दा था, जो बाद में बांदा हो गया। ऋग्वेद में बामदेव ऋषि का उल्लेख है और उन्हें देवतुल्य माना जाता है। इसी आधार पर जिला बांदा की पहचान बामदेव नगर के रूप में होनी चाहिए। ब्यूरो
विज्ञापन
बार संघ अध्यक्ष विमल कुमार सिंह ने महासचिव राजेश त्रिपाठी और अन्य सदस्यों के साथ आयुक्त को यह ज्ञापन सौंपा। पत्र में कहा गया है कि बांदा एक प्राचीन शहर है और चित्रकूट मंडल का मुख्यालय भी है। यह शहर अपने गौरवमयी इतिहास के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
मांगकर्ताओं ने इसके पौराणिक महत्व पर जोर दिया है। यहां कालिंजर का ऐतिहासिक किला और प्रसिद्ध नीलकण्ठ मंदिर स्थित है। मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं यहां विराजमान थे। शहर में बाम्बेश्वर मंदिर भी है, जिसे 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। प्राचीन बामदेव ऋषि ने इसी स्थान पर तपस्या की थी।
विज्ञापन
पत्र में बताया गया है कि पहले इस स्थान का नाम बम्दा था, जो बाद में बांदा हो गया। ऋग्वेद में बामदेव ऋषि का उल्लेख है और उन्हें देवतुल्य माना जाता है। इसी आधार पर जिला बांदा की पहचान बामदेव नगर के रूप में होनी चाहिए। ब्यूरो