{"_id":"6a7dde3dc0d68ecf9b0bce54","slug":"banda-minister-and-dm-inspect-damaged-causeway-emphasis-placed-on-constructing-a-permanent-bridge-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda: क्षतिग्रस्त रपटा का मंत्री और डीएम ने किया निरीक्षण, स्थायी सेतु निर्माण पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda: क्षतिग्रस्त रपटा का मंत्री और डीएम ने किया निरीक्षण, स्थायी सेतु निर्माण पर जोर
Thu, 13 Aug 2026 08:44 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 13 Aug 2026 08:44 PM IST
विज्ञापन
क्षतिग्रस्त रपटा का किया निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील पैलानी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पड़ोहरा रपटा मार्ग से आवागमन की समस्या को लेकर बृहस्पतिवार को जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद और जिलाधिकारी अमित आसेरी ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 100 ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त रपटा के कारण हो रही परेशानियों से मंत्री और डीएम को अवगत कराया।
ग्रामीणों ने चंद्रावल नदी पर बने रपटा के क्षतिग्रस्त पिलरों की लोहे के गाटर से मरम्मत कराने की मांग की। इस पर जल शक्ति राज्य मंत्री ने अस्थायी मरम्मत के बजाय समस्या के स्थायी समाधान के लिए सेतु निर्माण कराने पर जोर दिया। क्षतिग्रस्त रपटा मार्ग से आसपास के कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल राहत के लिए लोहे के पीपे रखकर अस्थायी मार्ग बनाए जाने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग से वार्ता कर व्यवहारिक और सुरक्षित विकल्प तलाशने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग को वैकल्पिक आवागमन की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री और जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्रवासियों की आवागमन संबंधी समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन में परेशानी न हो। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व कुमार धर्मेंद्र भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने चंद्रावल नदी पर बने रपटा के क्षतिग्रस्त पिलरों की लोहे के गाटर से मरम्मत कराने की मांग की। इस पर जल शक्ति राज्य मंत्री ने अस्थायी मरम्मत के बजाय समस्या के स्थायी समाधान के लिए सेतु निर्माण कराने पर जोर दिया। क्षतिग्रस्त रपटा मार्ग से आसपास के कई गांवों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल राहत के लिए लोहे के पीपे रखकर अस्थायी मार्ग बनाए जाने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग से वार्ता कर व्यवहारिक और सुरक्षित विकल्प तलाशने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
लोक निर्माण विभाग को वैकल्पिक आवागमन की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री और जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्रवासियों की आवागमन संबंधी समस्या का स्थायी और प्रभावी समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित आवागमन में परेशानी न हो। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व कुमार धर्मेंद्र भी मौजूद रहे।