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Banda News: तिंदवारी के डॉ. अशोक नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय में बने असिस्टेंट चीफ टेक्नोलॉजिस्ट
Mon, 22 Jun 2026 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:49 PM IST
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डॉ. अशोक प्रजापति: स्रोत:स्वयं
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तिंदवारी। कस्बे के रहने वाले अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. अशोक प्रजापति ने नासा के विज्ञान मिशन निदेशालय (साइंस मिशन डायरेक्टोरेट) में असिस्टेंट चीफ टेक्नोलॉजिस्ट का पद संभाल लिया है। इस पद पर डॉ. प्रजापति नासा के भावी विज्ञान अभियानों के लिए प्रौद्योगिकी रणनीति तैयार करने, उभरती तकनीकों की पहचान करने और मिशन आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी दिशा तय करने का कार्य करेंगे। उनकी भूमिका पृथ्वी विज्ञान, ग्रह विज्ञान, हेलियोफिजिक्स और खगोल भौतिकी से जुड़े आगामी मिशनों की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में अहम मानी जा रही है।
डॉ. प्रजापति इससे पहले नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में कोर फ्लाइट सिस्टम (सीएफएस) कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर और नासा सीएफएस स्टीयरिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सीएफएस नासा का प्रमुख फ्लाइट सॉफ्टवेयर ढांचा है, जिसका उपयोग 100 से अधिक अंतरिक्ष अभियानों में किया जा चुका है।
फ्लाइट सॉफ्टवेयर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड आधारित विकास, साइबर सुरक्षा और उच्च-प्रदर्शन अंतरिक्ष कंप्यूटिंग के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता नासा के आगामी वैज्ञानिक अभियानों को नई तकनीकी दिशा देने में सहायक होगी। डॉ. प्रजापति ने ऑकलैंड यूनिवर्सिटी से विद्युत एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी की है।
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वर्ष 2025 में उन्हें विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। तिंदवारी के साधारण परिवेश से निकलकर दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था में शीर्ष तकनीकी नेतृत्व तक पहुंचने वाले डॉ. अशोक प्रजापति आज क्षेत्र के युवाओं और विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
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डॉ. प्रजापति इससे पहले नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में कोर फ्लाइट सिस्टम (सीएफएस) कार्यक्रम के प्रोग्राम मैनेजर और नासा सीएफएस स्टीयरिंग कमेटी के अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सीएफएस नासा का प्रमुख फ्लाइट सॉफ्टवेयर ढांचा है, जिसका उपयोग 100 से अधिक अंतरिक्ष अभियानों में किया जा चुका है।
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फ्लाइट सॉफ्टवेयर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड आधारित विकास, साइबर सुरक्षा और उच्च-प्रदर्शन अंतरिक्ष कंप्यूटिंग के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता नासा के आगामी वैज्ञानिक अभियानों को नई तकनीकी दिशा देने में सहायक होगी। डॉ. प्रजापति ने ऑकलैंड यूनिवर्सिटी से विद्युत एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग में पीएचडी की है।
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वर्ष 2025 में उन्हें विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। तिंदवारी के साधारण परिवेश से निकलकर दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था में शीर्ष तकनीकी नेतृत्व तक पहुंचने वाले डॉ. अशोक प्रजापति आज क्षेत्र के युवाओं और विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।