{"_id":"6a285a6b6b0df9fe9303f25f","slug":"expensive-oil-slows-down-construction-fuel-prices-surge-banda-news-c-212-1-sknp1006-147963-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: महंगे तेल से भवन निर्माण की रफ्तार में ब्रेक, सामग्री में आया उछाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: महंगे तेल से भवन निर्माण की रफ्तार में ब्रेक, सामग्री में आया उछाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 09 Jun 2026 11:54 PM IST
विज्ञापन
जीवेंद्र सिंह। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बांदा। डीजल मूल्य वृद्धि का सीधा असर माल ढुलाई पर पड़ रहा है। माल ढुलाई का भाड़ा बढ़ने से भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में उछाल आया है। सीमेंट, ईंटा, सरिया और गिट्टी के दामों में 20 फीसदी तक इजाफा हुआ है। इससे आम लोगों को मकान बनवाना अब और कठिन हो गया है। इसका असर प्रधानमंत्री आवास योजना से बन रहे मकानों भी देखने को मिला है। हालांकि निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से जिले में चल रहे 50 से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माणाधीन भवनों और पुल बनाने का काम जारी है।
निर्माण सामग्री विक्रेता राजेश ने बताया कि डीजल वृद्धि के बाद ट्रक व ट्रैक्टर का भाड़ा 25 फीसदी तक बढ़ने से ईंटा, छर्रू, सीमेंट और सरिया के दामों में इजाफा हुआ है। शहर के मढ़ियानाका निवासी रमेश ने बताया कि जो ईंटा दो माह पहले सात हजार रुपये हजार में मिल रहा था, वह अब 8500 रुपये में है। सामान्य सरिया छह हजार रुपये व ब्रांडेड सरिया आठ हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से है। सीमेंट के दामों में 100 रुपये तक की वृद्धि हुई है। 100 फीट मौरंग जो पहले चार हजार रुपये में मिल जाती थी वह अब पांच हजार फीट मिल रही है।
ठेकेदार रविंद्र चौरसिया ने बताया कि 15 फीट लंबा व चौड़ा कमरा बनवाने के लिए 50 बोरी सीमेंट, नौ इंची दीवार के लिए नौ हजार ईंटा, 300 फिट मौरंग, 200 फीट गिट्टी, चार क्विटंल सरिया और 40 हजार रुपये मजदूरी लग रही है। इसकी लागत पहले एक लाख के करीब आ जाती थी। अब डेढ़ लाख रुपये बैठ रही है। उधर, खप्टिहाकलां के महेंद्र सविता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण आवासों की लागत 1.20 लाख निर्धारित है। तब से भवन निर्माण सामग्री में 50 फीसदी तक का इजाफा हुआ है लेकिन सरकार ने भवन निर्माण की लागत नहीं बढ़ाई है। मजदूरी भी बढ़ गई है। राजमिस्त्री 800 व मजदूर 500 रुपये ले रहे हैं। उनकी दूसरी किस्त आई है। मकान बनाना टेढ़ी खीर हो रहा है।
विज्ञापन
चल रहे 50 से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माण, फिलहाल ब्रेक नहीं
बांदा। जिले में तकरीबन 50 से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें से पैलानी-तुर्रा नाला निर्माण सेतु निगम करा रहा है। इसकी लागत 1585 करोड़ है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद शहर का जीआईसी स्कूल का 9.85 करोड़ की लागत से करा रहा है। निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से फिलहाल इनके निर्माण में कोई असर नहीं पड़ा है।
सेतु निर्माण की लागत शासन से तय होती है। निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से सेतु निर्माण में फिलहाल असर नहीं पड़ा है। निर्माण कार्य जारी है। लागत उतनी ही है। अगर ज्यादा असर पड़ता है, तब लागत बढ़ाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा।
सीपी दिवाकर
परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम, बांदा।
जीआईसी स्कूल का निर्माण चल रहा है। कार्यदायी संस्था इसका निर्माण करा रही है। बजट भी निर्धारित है। उसी बजट से निर्माण कराया जा रहा है।
दिनेश कुमार
जिला विद्यालय निरीक्षक, बांदा।
शहर में प्रधानमंत्री आवास निर्माण को 2.50 लाख दिए जाते हैं। ग्रामीण में यह राशि 1.20 लाख है। जबकि गांव में मकान बनवाने में ज्यादा खर्च आता है। लाभार्थी को ज्यादातर सामान शहर से लाना पड़ता है। प्रधानमंत्री आवास की लागत बढ़नी चाहिए।
अजय पांडेय मुख्य विकास अधिकारी, बांदा
-- -- -
दो माह के अंदर बढ़े सरिया के दाम (क्विंटल में)
सामग्री पहले अब
ब्रांडेड सरिया 6000 8000
सामान्य सरिया 5500 7000
सीमेंट 300 325
ईंटा नंबर अव्वल 7000 8500
निर्माण सामग्री विक्रेता राजेश ने बताया कि डीजल वृद्धि के बाद ट्रक व ट्रैक्टर का भाड़ा 25 फीसदी तक बढ़ने से ईंटा, छर्रू, सीमेंट और सरिया के दामों में इजाफा हुआ है। शहर के मढ़ियानाका निवासी रमेश ने बताया कि जो ईंटा दो माह पहले सात हजार रुपये हजार में मिल रहा था, वह अब 8500 रुपये में है। सामान्य सरिया छह हजार रुपये व ब्रांडेड सरिया आठ हजार रुपये क्विंटल के हिसाब से है। सीमेंट के दामों में 100 रुपये तक की वृद्धि हुई है। 100 फीट मौरंग जो पहले चार हजार रुपये में मिल जाती थी वह अब पांच हजार फीट मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ठेकेदार रविंद्र चौरसिया ने बताया कि 15 फीट लंबा व चौड़ा कमरा बनवाने के लिए 50 बोरी सीमेंट, नौ इंची दीवार के लिए नौ हजार ईंटा, 300 फिट मौरंग, 200 फीट गिट्टी, चार क्विटंल सरिया और 40 हजार रुपये मजदूरी लग रही है। इसकी लागत पहले एक लाख के करीब आ जाती थी। अब डेढ़ लाख रुपये बैठ रही है। उधर, खप्टिहाकलां के महेंद्र सविता ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण आवासों की लागत 1.20 लाख निर्धारित है। तब से भवन निर्माण सामग्री में 50 फीसदी तक का इजाफा हुआ है लेकिन सरकार ने भवन निर्माण की लागत नहीं बढ़ाई है। मजदूरी भी बढ़ गई है। राजमिस्त्री 800 व मजदूर 500 रुपये ले रहे हैं। उनकी दूसरी किस्त आई है। मकान बनाना टेढ़ी खीर हो रहा है।
Trending Videos
चल रहे 50 से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माण, फिलहाल ब्रेक नहीं
बांदा। जिले में तकरीबन 50 से ज्यादा छोटे-बड़े निर्माण कार्य चल रहे हैं। इनमें से पैलानी-तुर्रा नाला निर्माण सेतु निगम करा रहा है। इसकी लागत 1585 करोड़ है। इसी तरह से उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद शहर का जीआईसी स्कूल का 9.85 करोड़ की लागत से करा रहा है। निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से फिलहाल इनके निर्माण में कोई असर नहीं पड़ा है।
सेतु निर्माण की लागत शासन से तय होती है। निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से सेतु निर्माण में फिलहाल असर नहीं पड़ा है। निर्माण कार्य जारी है। लागत उतनी ही है। अगर ज्यादा असर पड़ता है, तब लागत बढ़ाने के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा।
सीपी दिवाकर
परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम, बांदा।
जीआईसी स्कूल का निर्माण चल रहा है। कार्यदायी संस्था इसका निर्माण करा रही है। बजट भी निर्धारित है। उसी बजट से निर्माण कराया जा रहा है।
दिनेश कुमार
जिला विद्यालय निरीक्षक, बांदा।
शहर में प्रधानमंत्री आवास निर्माण को 2.50 लाख दिए जाते हैं। ग्रामीण में यह राशि 1.20 लाख है। जबकि गांव में मकान बनवाने में ज्यादा खर्च आता है। लाभार्थी को ज्यादातर सामान शहर से लाना पड़ता है। प्रधानमंत्री आवास की लागत बढ़नी चाहिए।
अजय पांडेय मुख्य विकास अधिकारी, बांदा
दो माह के अंदर बढ़े सरिया के दाम (क्विंटल में)
सामग्री पहले अब
ब्रांडेड सरिया 6000 8000
सामान्य सरिया 5500 7000
सीमेंट 300 325
ईंटा नंबर अव्वल 7000 8500

जीवेंद्र सिंह। संवाद

जीवेंद्र सिंह। संवाद

जीवेंद्र सिंह। संवाद

जीवेंद्र सिंह। संवाद