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Banda News: युवक की मौत से डॉक्टर व स्टाफ पर प्राथमिकी
Tue, 04 Aug 2026 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:35 PM IST
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बांदा। शहर के चिल्ला रोड स्थित निखलम सर्जरी सेंटर की डॉ. अदिति श्रीवास्तव व उनके स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी 20 मई को अस्पताल में हुई युवक की मौत के मामले में हुई है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
थाना गिरवां क्षेत्र के गांव हुसैनगंज निवासी द्वारिका ने कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि वह अपने परिवार के साथ विलासपुर छत्तीसगढ़ में रहता है। कुछ महीने पहले वह परिवार सहित अपने गांव आया था। इस दौरान उसके इकलौते 25 साल के बेटे अतुल सिंह को पेट में अचानक तेज दर्द हुआ। जिस पर 17 मई को बांदा के डाॅ. करन राजपूत ने बेटे को चिल्ला रोड स्थित निखलम सर्जरी सेंटर रेफर किया।
जब वह सर्जरी सेंटर पहुंचा तो वहां मौजूद डॉ. अदिति श्रीवास्तव ने उसके बेटे के खून व पेशाब की जांच कराई और तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी। डॉक्टर के कहने पर उसने एक लाख रुपये भी जमा किए। डॉक्टर ने17 मई की शाम को ही बेटे का ऑपरेशन कर दिया। 18 मई को बेटे को तेज बुखार आया तो डाॅक्टर नहीं आईं। बाद में बताया कि बेटे को सेप्टिक हो गया है। 20 मई की सुबह डॉक्टर के कहने पर नर्स ने दो इंजेक्शन लगाए थे, जिसके बाद उसके बेटे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
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पीड़ित ने डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी देते हुए शव लेकर जाने को कहा और सभी अभिलेख रख लिए। उसने पुलिस को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया था। आरोप है कि उसे धमकाने के लिए बाइक सवार अराजक तत्व भी भेजे गए।
पुलिस ने डॉ. अदिति, अस्पताल के स्टाफ के कर्मचारी व पांच अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना की जा रही है।
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वर्जन
जब मरीज पास आया था तो उसकी जांच में आंतें फटी थीं। इमरजेंसी ऑपरेशन करना था। ऑपरेशन की महज छह हजार रुपये फीस ली थी। परिजन से मौखिक, वीडियो और लिखित लिया गया था। ऑपरेशन के बाद मरीज ठीक था, चार दिन बाद उसकी मौत हुई है। अब वह रुपये की मांग कर रहे हैं। नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराई है।
-डॉक्टर अदिति
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थाना गिरवां क्षेत्र के गांव हुसैनगंज निवासी द्वारिका ने कोतवाली में तहरीर दी। बताया कि वह अपने परिवार के साथ विलासपुर छत्तीसगढ़ में रहता है। कुछ महीने पहले वह परिवार सहित अपने गांव आया था। इस दौरान उसके इकलौते 25 साल के बेटे अतुल सिंह को पेट में अचानक तेज दर्द हुआ। जिस पर 17 मई को बांदा के डाॅ. करन राजपूत ने बेटे को चिल्ला रोड स्थित निखलम सर्जरी सेंटर रेफर किया।
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जब वह सर्जरी सेंटर पहुंचा तो वहां मौजूद डॉ. अदिति श्रीवास्तव ने उसके बेटे के खून व पेशाब की जांच कराई और तुरंत ऑपरेशन की सलाह दी। डॉक्टर के कहने पर उसने एक लाख रुपये भी जमा किए। डॉक्टर ने17 मई की शाम को ही बेटे का ऑपरेशन कर दिया। 18 मई को बेटे को तेज बुखार आया तो डाॅक्टर नहीं आईं। बाद में बताया कि बेटे को सेप्टिक हो गया है। 20 मई की सुबह डॉक्टर के कहने पर नर्स ने दो इंजेक्शन लगाए थे, जिसके बाद उसके बेटे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
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पीड़ित ने डॉक्टर व स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया तो उन्होंने जान से मारने की धमकी देते हुए शव लेकर जाने को कहा और सभी अभिलेख रख लिए। उसने पुलिस को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया था। आरोप है कि उसे धमकाने के लिए बाइक सवार अराजक तत्व भी भेजे गए।
पुलिस ने डॉ. अदिति, अस्पताल के स्टाफ के कर्मचारी व पांच अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। विवेचना की जा रही है।
वर्जन
जब मरीज पास आया था तो उसकी जांच में आंतें फटी थीं। इमरजेंसी ऑपरेशन करना था। ऑपरेशन की महज छह हजार रुपये फीस ली थी। परिजन से मौखिक, वीडियो और लिखित लिया गया था। ऑपरेशन के बाद मरीज ठीक था, चार दिन बाद उसकी मौत हुई है। अब वह रुपये की मांग कर रहे हैं। नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराई है।
-डॉक्टर अदिति