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Banda News: अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा राम भरोसे, खुली पोल
Wed, 24 Jun 2026 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:51 AM IST
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बांदा। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद शासन के निर्देश पर अफसरों को अस्पतालों और कोचिंग सेंटरों के मानकों की सुध आई। इस कड़ी में चित्रकूटधाम मंडल के आयुक्त अजीत कुमार ने जिले के कई निजी अस्पतालों और कोचिंग संस्थानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कहीं फायर अलार्म बंद मिला, कहीं अग्निशामक सिलिंडरों की वैधता समाप्त मिली। इतना ही नहीं कहीं आपातकालीन निकास मार्ग ही मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। निरीक्षण में मिली खामियां अग्निशमन सुरक्षा की चुगली कर रहीं थीं। इस पर आयुक्त ने संबंधित संस्थानों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि दोबारा लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को आयुक्त ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी मकबूल हुसैन और सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला के साथ निजी अस्पतालों एवं कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवनी परिधि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में फायर अलार्म बंद मिला, जबकि फायर हाइड्रेंट से पानी का रिसाव और प्रेशर कम पाया गया। अस्पताल प्रबंधन को 24 घंटे के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
मोबुदा स्थित कैलाश हॉस्पिटल में अग्निशामक यंत्रों में प्रयुक्त ड्राई पाउडर की वैधता समाप्त मिली। वहीं बांदा सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में फायर अलार्म और फायर पंप प्रणाली दोनों बंद मिलीं और पानी का प्रेशर भी बेहद कम था। निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति रेडियन प्लॉजा स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में सामने आई।
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यहां अग्निशामक उपकरण और फायर अलार्म तो कार्यशील मिले, लेकिन निकास द्वार अत्यंत संकरा पाया गया। इसे छात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए आयुक्त ने निकास मार्ग को मानक के अनुरूप चौड़ा किए जाने तक शिक्षण कार्य स्थगित रखने के निर्देश दिए।
नरेंद्र गुप्ता मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में फायर पंप कक्ष पर ताला था, जिसे आयुक्त ने गंभीर लापरवाही माना। वहीं, शिव कृष्णा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आपातकालीन निकास सीढ़ियां मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
निरीक्षण के बाद आयुक्त ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिले के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों, विद्यालयों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला भवनों का चरणबद्ध निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।
वर्जन
अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का विषय है। मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अजीत कुमार, आयुक्त, चित्रकूटधाम मंडल
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मंगलवार को आयुक्त ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी मकबूल हुसैन और सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला के साथ निजी अस्पतालों एवं कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अवनी परिधि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में फायर अलार्म बंद मिला, जबकि फायर हाइड्रेंट से पानी का रिसाव और प्रेशर कम पाया गया। अस्पताल प्रबंधन को 24 घंटे के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए।
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मोबुदा स्थित कैलाश हॉस्पिटल में अग्निशामक यंत्रों में प्रयुक्त ड्राई पाउडर की वैधता समाप्त मिली। वहीं बांदा सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में फायर अलार्म और फायर पंप प्रणाली दोनों बंद मिलीं और पानी का प्रेशर भी बेहद कम था। निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति रेडियन प्लॉजा स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में सामने आई।
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यहां अग्निशामक उपकरण और फायर अलार्म तो कार्यशील मिले, लेकिन निकास द्वार अत्यंत संकरा पाया गया। इसे छात्रों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए आयुक्त ने निकास मार्ग को मानक के अनुरूप चौड़ा किए जाने तक शिक्षण कार्य स्थगित रखने के निर्देश दिए।
नरेंद्र गुप्ता मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में फायर पंप कक्ष पर ताला था, जिसे आयुक्त ने गंभीर लापरवाही माना। वहीं, शिव कृष्णा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आपातकालीन निकास सीढ़ियां मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
निरीक्षण के बाद आयुक्त ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिले के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, छात्रावासों, कोचिंग संस्थानों, विद्यालयों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला भवनों का चरणबद्ध निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।
वर्जन
अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का विषय है। मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अजीत कुमार, आयुक्त, चित्रकूटधाम मंडल