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Banda News: धर्मनगरी में पांच करोड़ से बनेंगे भव्य प्रवेश द्वार
Wed, 05 Aug 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:58 PM IST
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फोटो 05 सीकेटीपी 01 चयनित मार्गाें पर इस तरह बनाए जाएंगे थीम गेटवे। स्रोत: प्रशासन
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चित्रकूट। आस्था की धरती चित्रकूट में श्रद्धालुओं को सीमा में प्रवेश करते ही राममय की अनुभूति होगी। इसके लिए यहां के तीन प्रमुख मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे।
इन द्वारों पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की दिव्य झांकियां उकेरी जाएंगी। साथ ही उन्हें आकर्षक लाइटों की रोशनी से जगमगाया भी जाएगा। इस परियोजना पर पर पांच करोड़ रुपये व्यय होंगे।
चित्रकूट मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोभूमि रही। वनवास काल में यहां पर प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने करीब साढ़े 11 वर्ष यहीं पर बिताए थे। आध्यात्मिक नगरी होने से यहां पर दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन विभाग की तीर्थ विकास योजना के तहत अब यह पहल की जा रही है।
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पर्यटन विभाग की तीर्थ विकास योजना के तहत चित्रकूट में तीन प्रमुख मार्गों पर थीम गेटवे बनाए जाएंगे, इनमें प्रयागराज, बांदा और कौशांबी मार्ग शामिल हैं। ये द्वार प्रयागराज, बांदा और कौशांबी से आने वाले मार्गों पर बनाए जाएंगे। धार्मिक प्रतीकों और बुंदेली स्थापत्य कला का भी इन द्वारों के डिजाइन में समावेश किया जाएगा।
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यात्रियों के लिए सुविधाएं
प्रत्येक द्वार के पास यात्रियों के लिए विश्राम स्थल बनाए जाएंगे। यहां सुव्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, प्रसाद और भोजन की दुकानें भी बनेंगी, जिससे लंबी यात्रा के बाद श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
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वर्जन
हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। नए द्वार बनने से न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
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इन द्वारों पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की दिव्य झांकियां उकेरी जाएंगी। साथ ही उन्हें आकर्षक लाइटों की रोशनी से जगमगाया भी जाएगा। इस परियोजना पर पर पांच करोड़ रुपये व्यय होंगे।
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चित्रकूट मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की तपोभूमि रही। वनवास काल में यहां पर प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने करीब साढ़े 11 वर्ष यहीं पर बिताए थे। आध्यात्मिक नगरी होने से यहां पर दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। पर्यटन विभाग की तीर्थ विकास योजना के तहत अब यह पहल की जा रही है।
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पर्यटन विभाग की तीर्थ विकास योजना के तहत चित्रकूट में तीन प्रमुख मार्गों पर थीम गेटवे बनाए जाएंगे, इनमें प्रयागराज, बांदा और कौशांबी मार्ग शामिल हैं। ये द्वार प्रयागराज, बांदा और कौशांबी से आने वाले मार्गों पर बनाए जाएंगे। धार्मिक प्रतीकों और बुंदेली स्थापत्य कला का भी इन द्वारों के डिजाइन में समावेश किया जाएगा।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
प्रत्येक द्वार के पास यात्रियों के लिए विश्राम स्थल बनाए जाएंगे। यहां सुव्यवस्थित पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, प्रसाद और भोजन की दुकानें भी बनेंगी, जिससे लंबी यात्रा के बाद श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
वर्जन
हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। नए द्वार बनने से न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह परियोजना क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेगी।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।