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Banda News: अब्बास-निकहत कांड में जेल अधीक्षक की डिस्चार्ज अर्जी पर सुनवाई टली

Sat, 23 May 2026 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sat, 23 May 2026 11:36 PM IST
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Hearing on the discharge application of the jail superintendent in the Abbas-Nikhat case has been postponed.
बांदा। चित्रकूट जेल में विधायक अब्बास अंसारी और उनकी पत्नी निकहत की नियम विरुद्ध मुलाकात के चर्चित मामले में शनिवार को बांदा स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में सुनवाई हुई। मामले में निलंबित जेल अधीक्षक संतोष कुमार सागर ने दाखिल उन्मोचन (डिस्चार्ज) प्रार्थना पत्र पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अदालत में बहस की। सुनवाई पूरी न होने पर न्यायालय ने मामले की अगली तारीख छह जून नियत की है। सुनवाई के दौरान निलंबित जेल अधीक्षक संतोष कुमार सागर न्यायालय में उपस्थित रहे। वहीं मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की ओर से उनके अधिवक्ता दयाराम ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दाखिल किया, जिसे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
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10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल में तत्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा छापेमारी की गई थी। जांच के दौरान विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत जेल अधीक्षक के कक्ष में मिली थीं। आरोप था कि निकहत की जेल में नियमों के विपरीत मुलाकात कराई जा रही थी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। मामले में कर्वी कोतवाली में अब्बास अंसारी, उनकी पत्नी निकहत, चालक ललक नियाज, जेल अधीक्षक संतोष कुमार सागर, जेलर संतोष कुमार, डिप्टी जेलर चंद्रकला, जेल कैंटीन संचालक नवनीत सचान और सपा जिलाध्यक्ष फराज खान समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं, जबकि जेल अधीक्षक और जेलर निलंबित हैं। अदालत में आरोपी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि संतोष कुमार सागर को गलत तरीके से फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उन्हें मामले से बरी किया जाना चाहिए। वहीं अपर लोक अभियोजक और शासकीय अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि विवेचना के बाद न्यायालय में दाखिल चार्जशीट में आरोपों से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
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ऐसे में डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र खारिज किया जाना चाहिए। अब न्यायालय छह जून को इस मामले में सुनवाई करते हुए तय करेगा कि जेल अधीक्षक संतोष कुमार सागर को मामले से बरी किया जाएगा या उनके खिलाफ मुकदमे की सुनवाई आगे जारी रहेगी।
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