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Banda News: अरे आप यहां, बैठो तुम्हें लेने आए हैं...से शुरू हुई अपहरण की वारदात

संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 10 May 2026 12:28 AM IST
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Hey, you sit here, we have come to pick you up...the kidnapping incident started with this.
फोटो - 23 रोहतक में पुलिस की गिरफ्त में रामजी (काली टीशर्ट) व उसके साथी सुमित (सफेद टीशर्ट) व अ
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बांदा। अरे आप यहां कैसे, आओ गाड़ी में बैठो, तुम्हें ही लेने आए हैं। यह बातचीत की शुरुआत अपहरण की वारदात में बदल गई। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के कृष्णानगर निवासी व्यापारी अनिल कुमार के इकलौते पुत्र हर्षित (10) का स्कूल से लौटते वक्त बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 12 बजे उसके ही मामा महोबा के सूपा गांव निवासी रामजी ने अपहरण किया था।



अपहरणकर्ताओं से मुक्त हुए हर्षित ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अपने मित्र के साथ स्कूल से लौट रहा था। तभी उसके मामा रामजी काली कार से आए और उसके पास कार रोककर उसे इशारा किया। उसने मामा को देखा तो पूछा अरे आप यहां, तो उन्होंने कहा कि तुम्हें लेने आए हैं। घर चलना है। यहीं से वह हर्षित को लेकर चले गए थे। इस बात की पुष्टि हर्षित के हमउम्र मित्र ने भी पुलिस की पूछताछ में की थी। तभी पुलिस को शक हुआ था कि कोई अपना जानकार ही हर्षित का अपहरण कर ले गया है।
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हर्षित ने बताया कि रास्ते भर मामा घुमाने ले जाने की बात कहकर बहलाते रहे। खाने में नमकीन और कोल्डड्रिंक भी पिलाई गई। मामा कार की आगे वाली सीट में ड्राइवर के बगल में बैठे थे। मामा के एक दोस्त पीछे उसके साथ बैठे थे। उधर, अपहरण की इस वारदात के बाद पुलिस की टीम हर्षित के घर पहुंची तो हर्षित की मां रश्मि ने बताया कि कई महीनों के बाद उसके भाई रामजी का फोन आया था। वह हालचाल लेने के बाद पूछ रहा था कि हर्षित स्कूल गया होगा। रश्मि ने हां कहा तो उसने एक-दो बात करके फोन काट दिया था। पूछताछ में भाई का फोन आने पर पुलिस का शक गहरा गया था।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से शुरू किया सफर, आगरा एक्सप्रेसवे से होकर पहुंचे थे रोहतक



-हाथ से टोल पर टैग स्कैन करता था रामजी



-दूसरे टोल पर कार में बैठे में लोगों की तस्वीर हुई थी साफ



संवाद न्यूज एजेंसी



बांदा। काले रंग की कार बबेरू से होकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते से आगरा एक्सप्रेसवे से होकर रोहतक तक पहुंची थी। अपहरणकर्ता रामजी व उसके दो साथी कार में फर्जी नंबर प्लेट भी लगाए थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से पीछा करती हुई जब पुलिस टीम पहले टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां के सीसीटीवी में कार की तस्वीर तो आई, लेकिन उसमें बैठा कौन-कौन है, यह साफ नहीं हो सका था। इसके बाद पुलिस टीम जब दूसरे टोल प्लाजा पर पहुंची तो वहां लगे सीसीटीवी में कार के अंदर बैठा हर्षित, उसके मामा और दो और साथियों की तस्वीरें साफ हो गईं थीं। टोल में रामजी अपने हाथ से फास्टैग इस्तेमाल कर रहा था।



पुलिस टीम सीधे आगरा एक्सप्रेसवे से होकर आगरा पहुंच चुकी थी, लेकिन वहां रामजी का मोबाइल बंद होने पर उन्हें लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। इस बीच जब रामजी का मोबाइल खुला और उसने अपनी बहन को कॉल करके बताया कि हर्षित कुछ गलत लोगों के हाथ लग गया है। वह पंजाब के हैं। 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं तब पुलिस टीम जो हर्षित के घर में मौजूद थी। उन्होंने हर्षित के सकुशल होने का वीडियो भी मांगा। जिस पर रामजी ने हर्षित का वीडियो भी भेजा था, जिसमें वह किसी कमरे में बैठा कोल्डड्रिंक पी रहा था। इससे पुलिस को स्पष्ट हुआ कि वह किसी होटल के रूम में हैं। उधर, पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने टोल में पास हुए फास्टैग से गाड़ी का असली नंबर ट्रेस कराया तो वह दिल्ली का नंबर निकला। गाड़ी मालिक ने बताया कि गाड़ी उसकी है। वह भाड़े में देता है। तब तक अपहरणकर्ताओं की लोकेशन रोहतक में मिल रही थी। पुलिस की टीम चार घंटे का सफर तय कर रोहतक तक पहुंच गई। वहां उन्होंने उसे तलाश कर लिया।



देहरादून में घूमने के दौरान बनाया था भांजे के अपहरण का प्लान



-मानेसर में सुपरवाइजरी करते समय रामजी की मुलाकात सुमित व अनीस से हुई थी



-जुआ और मौज-मस्ती की लत ने पहुंचा दिया हवालात



संवाद न्यूज एजेंसी



बांदा। महोबा जनपद के चरखारी थाना क्षेत्र के सूपा गांव निवासी रामजी की उम्र महज 22 साल है। वह एक साल पहले पुणे में रहकर काम करता था। उसके बाद वहां से अपनी मौसी के गांव बांदा के फतेहगंज थाना क्षेत्र के रक्सा गांव में आ गया था। वहां तीन माह तक रहा था। इस बीच रक्सा गांव निवासी सोहित श्रीवास मानेसर में रहकर लाइफ लॉन्ग इंजेक्शन कंपनी में काम कर रहा था, रामजी का संपर्क सोहित से हुआ तो 17 दिन पहले ही रामजी मानेसर गया था, वहां सुपरवाइजर की नौकरी करने लगा था।



मानेसर में ही उसका संपर्क अपहरण के आरोपी रोहतक जिले के अर्बन स्टेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला सेक्टर चार निवासी सुमित (21) और अनीस (19) से हो गया। तीनों देहरादून ऋषिकेश घूमने गए थे। वहीं रुपयों के लालच में आकर रामजी व उपरोक्त ने अपने ही सगे भांजे के अपहरण की साजिश रचने का प्लान बनाया था। पुलिस ने बताया कि तीनों जुआ और गलत संगत में पड़कर कम समय में अधिक पैसा कमाना चाह रहे थे।



रामजी से बंद थी बोलचाल, उधारी के दो लाख रुपये थे बाकी



बांदा। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के कृष्णा नगर निवासी अनिल कुमार दरवाजा बनाने के व्यवसायी हैं। उनका इकलौता पुत्र हर्षित है। अनिल की शादी महोबा के सूपा गांव निवासी रश्मि के साथ हुई थी। रश्मि के भाई रामजी ने तीन साल पहले उनसे साढ़े तीन लाख रुपये व्यापार करने के लिए उधार लिए थे। डेढ़ लाख रुपये उसने लौटा दिए थे। दो लाख बाकी थे। अनिल के मुताबिक दो लाख रुपये रामजी नहीं दे रहा था। इसलिए उन्होंने उससे बोलचाल बंद कर दी थी। उसका घर आना जाना भी बंद था। कई महीनों बाद उसने सात मई बृहस्पतिवार को अपनी बहन रश्मि को फोन किया था। उधर, अनिल ने बताया कि उसके पिता यानी हर्षित के बाबा का रिटायरमेंट होने पर 40 लाख रुपये मिले थे। इसकी जानकारी रामजी को हो गई थी।



वर्जन



बांदा पुलिस टीम ने दोपहर बाद तीनों आरोपियों को अपनी कस्टडी में लिया है। देर रात तक बांदा पहुंचने की संभावना है। तीनों ने गलत संगत में पड़कर अपहरण की वारदात की है। आरोपियों का मुख्य उद्देश्य पैसा था। तीनों को बांदा पुलिस टीम बांदा लेकर आ रही है।



पलाश बंसल



पुलिस अधीक्षक, बांदा
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