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दोस्त के साथ घूमने गया था, बताना जरूरी नहीं समझा : गोविंद
Tue, 04 Aug 2026 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:38 PM IST
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फोटो 19- अपने घर में सकुशल लौटे गोविंद पत्नी संगीता के साथ। स्रोत-पुलिस
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बांदा। शहर से 31 जुलाई की शाम से लापता पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के भतीजे व रेलकमी गोविंद सोमवार की रात सकुशल घर लौट आए। उन्होंने कहा कि वह दोस्तों के साथ घूमने गए थे। बोले कि पुलिस को इसकी सूचना देने की जरूरत नहीं थी।
सोमवार की देर रात पुलिस को खबर मिली की गोविंद हमीरपुर जनपद के भरुआ सुमेरपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर पर रुके हुए हैं। यह सूचना रिश्तेदार की ओर से ही पुलिस को दी गई थी। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम उन्हें लेने के लिए हमीरपुर के लिए निकली।
रात अधिक होने के कारण रिश्तेदार ने पुलिस से आधी दूर तक आने के लिए कहा और आधी दूर वह गाड़ी से खुद आ गए। रितेश्दार ने गोविंद सिंह को बीच रास्ते में पुलिस को सौंपा। इसके बाद पुलिस देर रात उन्हें लेकर बांदा पहुंची और उनके आवास पर छोड़ दिया।
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पुलिस के अनुसार बिना बताए घर से जाने के पीछे गोविंद की मानसिक उलझन थी, जो पारिवारिक हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि परिवार की ओर से नहीं की गई है। गोविंद की पत्नी संगीता ने बताया कि घर आने पर पति से बिना बताए जाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह अपने दोस्त के साथ घूमने के लिए चले गए थे।
उधर, मंगलवार को गोविंद सिंह ड्यूटी पर नहीं गए और अपने बांदा स्थित रेलवे कॉलोनी के आवास पर परिवार के साथ समय बिताया। गोविंद के लौटने पर पूरे परिवार व रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली है। हमीरपुर के पत्यौरा निवासी गोविंद करीब आठ साल से बांदा रेलवे स्टेशन के रेल लाइट विभाग में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं।
वह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के सगे भतीजे हैं। गोविंद के विभागीय कामकाज की सराहना उनके विभाग की ओर से की गई और बताया गया कि उनकी छवि अच्छी है।
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बस से बबेरू गए थे गोविंद, दोस्त के साथ पहुंचे हमीरपुर
बांदा। गोविंद 31 जुलाई की शाम रोडवेज बस स्टैंड से बबेरू जाने वाली बस में बैठे थे। इसके बाद वह बस से बबेरू पहुंचे और वहां से अपने एक पुराने दोस्त को बुलाया। दोस्त के साथ वह फिर से बस से यात्रा करते हुए हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर जा पहुंचे और वहीं एक रिश्तेदार के यहां रुक गए। रिश्तेदार को जब उनके घर से गायब होने की कहानी पता चली तो उन्होंने पुलिस से संपर्क कर सूचना दी थी। इसके बाद उन्हें घर लाया गया।
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सोमवार की देर रात पुलिस को खबर मिली की गोविंद हमीरपुर जनपद के भरुआ सुमेरपुर में अपने एक रिश्तेदार के घर पर रुके हुए हैं। यह सूचना रिश्तेदार की ओर से ही पुलिस को दी गई थी। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम उन्हें लेने के लिए हमीरपुर के लिए निकली।
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रात अधिक होने के कारण रिश्तेदार ने पुलिस से आधी दूर तक आने के लिए कहा और आधी दूर वह गाड़ी से खुद आ गए। रितेश्दार ने गोविंद सिंह को बीच रास्ते में पुलिस को सौंपा। इसके बाद पुलिस देर रात उन्हें लेकर बांदा पहुंची और उनके आवास पर छोड़ दिया।
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पुलिस के अनुसार बिना बताए घर से जाने के पीछे गोविंद की मानसिक उलझन थी, जो पारिवारिक हो सकती है। हालांकि इसकी पुष्टि परिवार की ओर से नहीं की गई है। गोविंद की पत्नी संगीता ने बताया कि घर आने पर पति से बिना बताए जाने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह अपने दोस्त के साथ घूमने के लिए चले गए थे।
उधर, मंगलवार को गोविंद सिंह ड्यूटी पर नहीं गए और अपने बांदा स्थित रेलवे कॉलोनी के आवास पर परिवार के साथ समय बिताया। गोविंद के लौटने पर पूरे परिवार व रिश्तेदारों ने राहत की सांस ली है। हमीरपुर के पत्यौरा निवासी गोविंद करीब आठ साल से बांदा रेलवे स्टेशन के रेल लाइट विभाग में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं।
वह पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के सगे भतीजे हैं। गोविंद के विभागीय कामकाज की सराहना उनके विभाग की ओर से की गई और बताया गया कि उनकी छवि अच्छी है।
बस से बबेरू गए थे गोविंद, दोस्त के साथ पहुंचे हमीरपुर
बांदा। गोविंद 31 जुलाई की शाम रोडवेज बस स्टैंड से बबेरू जाने वाली बस में बैठे थे। इसके बाद वह बस से बबेरू पहुंचे और वहां से अपने एक पुराने दोस्त को बुलाया। दोस्त के साथ वह फिर से बस से यात्रा करते हुए हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर जा पहुंचे और वहीं एक रिश्तेदार के यहां रुक गए। रिश्तेदार को जब उनके घर से गायब होने की कहानी पता चली तो उन्होंने पुलिस से संपर्क कर सूचना दी थी। इसके बाद उन्हें घर लाया गया।