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Banda News: टीम अधूरी, संसाधन कम...कैसे बुझेगी आग
Wed, 24 Jun 2026 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:53 AM IST
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बांदा। लखनऊ में हाल में हुए अग्निकांड की घटना ने एक बार फिर फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले की स्थिति पर नजर डालें तो यहां आगजनी जैसी बड़ी घटना से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग खुद ही संसाधनों और मैनपावर की कमी से जूझ रहा है। विभाग के पास वाहन तो हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने और घटनास्थल पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पर्याप्त टीम नहीं है।
जिले में अग्निशमन विभाग के पास पांच बड़े और चार छोटे दमकल वाहन हैं लेकिन इन्हें चलाने के लिए महज तीन चालक तैनात हैं। स्थिति सिर्फ चालकों तक सीमित नहीं है। विभाग में नेतृत्व स्तर पर भी कमी है। फायर सेफ्टी ऑफिसर के चार स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल एक अधिकारी की तैनाती है।
वहीं, सब इंस्पेक्टर के पांच पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी पद पर नियुक्ति नहीं है। हवलदार के नौ पदों में केवल तीन कर्मी हैं। इनमें भी एक का स्थानांतरण हो चुका है और दूसरा दिसंबर में सेवानिवृत्त होने वाला है। सबसे गंभीर स्थिति फायरमैन की है। जिले में कांस्टेबल के 69 पद स्वीकृत हैं जिसमें 43 पद खाली हैं। ऐसे में आगजनी की बड़ी घटनाओं में पर्याप्त संख्या में जवानों की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। (संवाद)
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दो केंद्रों के भरोसे पूरा जिला
जिले में केवल बांदा मुख्यालय और अतर्रा में ही अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। इन्हीं दो केंद्रों से पूरे जिले में आग लगने पर वाहन और कर्मी जाते हैं। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन और जवानों को पहुंचने में काफी समय लग जाता है। हालांकि तिंदवारी और नरैनी में केंद्र निर्माणाधीन हैं लेकिन जब तक ये केंद्र पूरी तरह संचालित नहीं हो जाते, तब तक जिले की बड़ी आबादी सीमित संसाधनों के भरोसे ही रहेगी। जबकि जसपुरा और बबेरू में नए अग्निशमन केंद्रों का शिलान्यास प्रस्तावित हैं।
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एक नजर में अग्निशमन विभाग
पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
फायर सेफ्टी ऑफिसर 4 1 3
सब इंस्पेक्टर 5 0 5
हवलदार 9 3 6
फायर कांस्टेबल 69 26 43
चालक 9 3 6
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अन्य प्रमुख तथ्य
कुल दमकल वाहन : 9 (5 बड़े, 4 छोटे)
संचालित अग्निशमन केंद्र : 2 (बांदा, अतर्रा)
निर्माणाधीन केंद्र : 2 (तिंदवारी, नरैनी)
प्रस्तावित नए केंद्र : 2 (जसपुरा, बबेरू)
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फायर कांस्टेबल के 62 प्रतिशत पद रिक्त
सब इंस्पेक्टर के 100 प्रतिशत पद खाली
फायर सेफ्टी ऑफिसर के 75 प्रतिशत पद खाली
रिक्त पदों की तस्वीर
कुल स्वीकृत पद : 87
कार्यरत कर्मी : 30
रिक्त पद : 57
कमी : 66 प्रतिशत
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जिले में चार नए अग्निशमन केंद्र बनाए जा रहे हैं। कर्मचारियों की कमी है, लेकिन आपात स्थिति दमकल टीमें मुस्तैदी से काम करती हैं। जल्द ही नए कर्मचारी मिलने की उम्मीद है। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है।
-कुलदीप कुमार, फायर सेफ्टी ऑफिसर
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जिले में अग्निशमन विभाग के पास पांच बड़े और चार छोटे दमकल वाहन हैं लेकिन इन्हें चलाने के लिए महज तीन चालक तैनात हैं। स्थिति सिर्फ चालकों तक सीमित नहीं है। विभाग में नेतृत्व स्तर पर भी कमी है। फायर सेफ्टी ऑफिसर के चार स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल एक अधिकारी की तैनाती है।
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वहीं, सब इंस्पेक्टर के पांच पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी पद पर नियुक्ति नहीं है। हवलदार के नौ पदों में केवल तीन कर्मी हैं। इनमें भी एक का स्थानांतरण हो चुका है और दूसरा दिसंबर में सेवानिवृत्त होने वाला है। सबसे गंभीर स्थिति फायरमैन की है। जिले में कांस्टेबल के 69 पद स्वीकृत हैं जिसमें 43 पद खाली हैं। ऐसे में आगजनी की बड़ी घटनाओं में पर्याप्त संख्या में जवानों की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। (संवाद)
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दो केंद्रों के भरोसे पूरा जिला
जिले में केवल बांदा मुख्यालय और अतर्रा में ही अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। इन्हीं दो केंद्रों से पूरे जिले में आग लगने पर वाहन और कर्मी जाते हैं। दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में वाहन और जवानों को पहुंचने में काफी समय लग जाता है। हालांकि तिंदवारी और नरैनी में केंद्र निर्माणाधीन हैं लेकिन जब तक ये केंद्र पूरी तरह संचालित नहीं हो जाते, तब तक जिले की बड़ी आबादी सीमित संसाधनों के भरोसे ही रहेगी। जबकि जसपुरा और बबेरू में नए अग्निशमन केंद्रों का शिलान्यास प्रस्तावित हैं।
एक नजर में अग्निशमन विभाग
पद स्वीकृत कार्यरत रिक्त
फायर सेफ्टी ऑफिसर 4 1 3
सब इंस्पेक्टर 5 0 5
हवलदार 9 3 6
फायर कांस्टेबल 69 26 43
चालक 9 3 6
अन्य प्रमुख तथ्य
कुल दमकल वाहन : 9 (5 बड़े, 4 छोटे)
संचालित अग्निशमन केंद्र : 2 (बांदा, अतर्रा)
निर्माणाधीन केंद्र : 2 (तिंदवारी, नरैनी)
प्रस्तावित नए केंद्र : 2 (जसपुरा, बबेरू)
फायर कांस्टेबल के 62 प्रतिशत पद रिक्त
सब इंस्पेक्टर के 100 प्रतिशत पद खाली
फायर सेफ्टी ऑफिसर के 75 प्रतिशत पद खाली
रिक्त पदों की तस्वीर
कुल स्वीकृत पद : 87
कार्यरत कर्मी : 30
रिक्त पद : 57
कमी : 66 प्रतिशत
जिले में चार नए अग्निशमन केंद्र बनाए जा रहे हैं। कर्मचारियों की कमी है, लेकिन आपात स्थिति दमकल टीमें मुस्तैदी से काम करती हैं। जल्द ही नए कर्मचारी मिलने की उम्मीद है। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है।
-कुलदीप कुमार, फायर सेफ्टी ऑफिसर