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Banda News: नील गाय के झुंड से टकराकर घायल किसान की मौत
Sat, 01 Aug 2026 10:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 01 Aug 2026 10:59 PM IST
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बांदा। नील गाय के झुंड से टकराकर घायल हुए किसान की आठ दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। उनका कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था। बीती रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
बबेरू के गांव टोलाकलां निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसके पिता रामकरन वर्मा (60) बीती 24 जुलाई को बबेरू से बाइक से अपने गांव टोला कलां आ रहे थे। गांव के पास ही सड़क पर एकदम पांच-छह नील गायों का झुंड रफ्तार से सड़क पार करने लगा।
इस बीच वह बाइक से नील गाय से टकराकर गंभीर घायल हो गए थे। परिजन ने उन्हें पहले बबेरू सीएचसी फिर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती कराया गया था। यहां से डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर हैलट के लिए रेफर किया था।
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कानपुर में हैलट में इलाज के बाद वह उन्हें प्राइवेट अस्पताल में ले गए थे। वहां शुक्रवार की रात करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। रामकरन के तीन पुत्र एक पुत्री है। वह मजदूरी और किसानी करते थे। घर में पत्नी सुनीता हैं।
बबेरू कोतवाल संजय द्विवेदी ने बताया कि नील गाय के झुंड से टकराकर घायल हुए थे। कानपुर में इलाज के दौरान मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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बबेरू के गांव टोलाकलां निवासी अमित कुमार ने बताया कि उसके पिता रामकरन वर्मा (60) बीती 24 जुलाई को बबेरू से बाइक से अपने गांव टोला कलां आ रहे थे। गांव के पास ही सड़क पर एकदम पांच-छह नील गायों का झुंड रफ्तार से सड़क पार करने लगा।
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इस बीच वह बाइक से नील गाय से टकराकर गंभीर घायल हो गए थे। परिजन ने उन्हें पहले बबेरू सीएचसी फिर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा में भर्ती कराया गया था। यहां से डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर हैलट के लिए रेफर किया था।
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कानपुर में हैलट में इलाज के बाद वह उन्हें प्राइवेट अस्पताल में ले गए थे। वहां शुक्रवार की रात करीब 11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। रामकरन के तीन पुत्र एक पुत्री है। वह मजदूरी और किसानी करते थे। घर में पत्नी सुनीता हैं।
बबेरू कोतवाल संजय द्विवेदी ने बताया कि नील गाय के झुंड से टकराकर घायल हुए थे। कानपुर में इलाज के दौरान मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।