{"_id":"6a8499ce5702d9f3bd01ec77","slug":"inmate-lands-in-trouble-while-trying-to-take-his-wife-along-banda-news-c-12-1-jhs1001-1622261-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: पत्नी को साथ ले जाने की कोशिश में फंसा बंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: पत्नी को साथ ले जाने की कोशिश में फंसा बंदी
Tue, 18 Aug 2026 11:13 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। हेड कांस्टेबल को चकमा देकर भागा संजय सिंह शहर से निकलते ही सड़क किनारे झाड़ियों में छिपता-फिरता रहा। शाम हुई तो उसने रेलवे स्टेशन की ओर रुख किया।
रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों को देखकर वह वापस शहर की ओर आया और फिर गांव की ओर निकला। जिले से बाहर निकलने से पहले वह पत्नी को साथ लेना चाहता था। जैसे ही उसने पत्नी से संपर्क किया तो वह पुलिस के रडार पर आ गया।
थाना पैलानी क्षेत्र के गांव खप्टिहा कलां निवासी संजय सिंह 14 अगस्त को बांदा कचहरी से हेड कांस्टेबल वीर सिंह को चकमा देकर भाग निकला था। पुलिस ने जब रविवार की रात उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया और अस्पताल ले गई तो उससे पूछताछ भी हुई।
विज्ञापन
पता चला कि कचहरी से वह चुपचाप बचकर निकला और इसके बाद शहर से बाहर निकल गया। दिन का समय था तो उसे पता था कि पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई होगी। ऐसे में उसने सड़क किनारे जंगल व झाड़ियों का सहारा लिया और शाम होने तक छिपता रहा।
पुलिस से बचने के लिए उसका जनपद से बाहर जाना जरूरी था। उसने तुरंत रेलवे स्टेशन बांदा जाने की सोची। वह बचते-बचते रेलवे स्टेशन पहुंचा। यहां पर जब वह अंदर गया तो वहां जीआरपी व आरपीएफ पुलिसकर्मी गश्त पर थे। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और वहां से वापस हो आया।
इसके बाद वह पैदल ही घूमता रहा और फिर वाहन से गांव खप्टिहा कलां के बाहर जा पहुंचा। उसने गांव के बाहर अपने एक ठिकाने से तमंचा व कारतूस भी उठाया। उसे पता था कि उसके घर पर पुलिस की नजर होगी तो वह घर नहीं गया। 15 अगस्त को किसी राहगीर से फोन लेकर पत्नी से संपर्क किया और उसे साथ चलने की साजिश बताई।
पत्नी से संपर्क करते ही पुलिस ने फोन की लोकेशन चेक की तो वह गांव के बाहर मिली लेकिन जांच में वह किसी दूसरे का नंबर मिला और संजय फिर बच गया। गांव के बाहर खेत व जंगल में छिपकर बैठे संजय को पुलिस ने रविवार की रात घेराबंदी कर मुठभेड़ में पकड़ लिया। सोमवार को उसे जेल भेज दिया।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों को देखकर वह वापस शहर की ओर आया और फिर गांव की ओर निकला। जिले से बाहर निकलने से पहले वह पत्नी को साथ लेना चाहता था। जैसे ही उसने पत्नी से संपर्क किया तो वह पुलिस के रडार पर आ गया।
विज्ञापन
थाना पैलानी क्षेत्र के गांव खप्टिहा कलां निवासी संजय सिंह 14 अगस्त को बांदा कचहरी से हेड कांस्टेबल वीर सिंह को चकमा देकर भाग निकला था। पुलिस ने जब रविवार की रात उसे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया और अस्पताल ले गई तो उससे पूछताछ भी हुई।
विज्ञापन
पता चला कि कचहरी से वह चुपचाप बचकर निकला और इसके बाद शहर से बाहर निकल गया। दिन का समय था तो उसे पता था कि पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई होगी। ऐसे में उसने सड़क किनारे जंगल व झाड़ियों का सहारा लिया और शाम होने तक छिपता रहा।
पुलिस से बचने के लिए उसका जनपद से बाहर जाना जरूरी था। उसने तुरंत रेलवे स्टेशन बांदा जाने की सोची। वह बचते-बचते रेलवे स्टेशन पहुंचा। यहां पर जब वह अंदर गया तो वहां जीआरपी व आरपीएफ पुलिसकर्मी गश्त पर थे। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और वहां से वापस हो आया।
इसके बाद वह पैदल ही घूमता रहा और फिर वाहन से गांव खप्टिहा कलां के बाहर जा पहुंचा। उसने गांव के बाहर अपने एक ठिकाने से तमंचा व कारतूस भी उठाया। उसे पता था कि उसके घर पर पुलिस की नजर होगी तो वह घर नहीं गया। 15 अगस्त को किसी राहगीर से फोन लेकर पत्नी से संपर्क किया और उसे साथ चलने की साजिश बताई।
पत्नी से संपर्क करते ही पुलिस ने फोन की लोकेशन चेक की तो वह गांव के बाहर मिली लेकिन जांच में वह किसी दूसरे का नंबर मिला और संजय फिर बच गया। गांव के बाहर खेत व जंगल में छिपकर बैठे संजय को पुलिस ने रविवार की रात घेराबंदी कर मुठभेड़ में पकड़ लिया। सोमवार को उसे जेल भेज दिया।