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Banda News: कालिंजर में जल जीवन मिशन का बुरा हाल, तीन साल से न पानी, न दुरुस्त सड़कें
Sat, 18 Jul 2026 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:42 PM IST
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फोटो -6- गांव तरहटी कालिंजर के एक मोहल्ले में जर्जर सड़क। संवाद
- फोटो : 1
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कालिंजर। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कालिंजर कस्बे में जल जीवन मिशन लोगों के लिए एक दुस्वप्न बन गया है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था। करीब तीन वर्ष पहले शुरू हुई यह योजना अब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाई है।
ग्रामीणों तक न तो पेयजल पहुंचा है और न ही पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें दुरुस्त हुई हैं। बरसात के कारण सड़कों पर जगह-जगह गड्ढों में पानी भर गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव तरहटी कालिंजर के बघेलावारी मार्ग से कालिंजर कस्बे की मुख्य सड़क जर्जर हो चुकी है। यह मार्ग मुखिया महल से सहकारी समिति तक पूरी तरह खराब है। यह सड़क कालिंजर दुर्ग, नीलकंठ महादेव मंदिर और कस्बे को जोड़ती है। प्रतिदिन स्थानीय लोग, श्रद्धालु और पर्यटक इसी रास्ते से गुजरते हैं। सड़क की बदहाली के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई घरों में नल कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। कई स्थानों पर नल तक नहीं लगाए गए हैं। अनेक परिवार अब भी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायतें कीं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। कालिंजर की बदहाल सड़कें और अधूरी पेयजल योजना प्रशासनिक उदासीनता दर्शाती है।
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अधूरी मरम्मत और पेयजल आपूर्ति
स्थानीय निवासी शीलू राज, संदीप पाठक, अंशु गुप्ता, अशोक मिश्रा और पंकज सुल्लेरे ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन तो डाल दी गई है लेकिन कई स्थानों पर सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। कहीं-कहीं केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, जिससे बरसात में सड़क धंस गई है। इससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
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ग्रामीणों तक न तो पेयजल पहुंचा है और न ही पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें दुरुस्त हुई हैं। बरसात के कारण सड़कों पर जगह-जगह गड्ढों में पानी भर गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव तरहटी कालिंजर के बघेलावारी मार्ग से कालिंजर कस्बे की मुख्य सड़क जर्जर हो चुकी है। यह मार्ग मुखिया महल से सहकारी समिति तक पूरी तरह खराब है। यह सड़क कालिंजर दुर्ग, नीलकंठ महादेव मंदिर और कस्बे को जोड़ती है। प्रतिदिन स्थानीय लोग, श्रद्धालु और पर्यटक इसी रास्ते से गुजरते हैं। सड़क की बदहाली के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि कई घरों में नल कनेक्शन नहीं दिए गए हैं। कई स्थानों पर नल तक नहीं लगाए गए हैं। अनेक परिवार अब भी दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायतें कीं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। कालिंजर की बदहाल सड़कें और अधूरी पेयजल योजना प्रशासनिक उदासीनता दर्शाती है।
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अधूरी मरम्मत और पेयजल आपूर्ति
स्थानीय निवासी शीलू राज, संदीप पाठक, अंशु गुप्ता, अशोक मिश्रा और पंकज सुल्लेरे ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन तो डाल दी गई है लेकिन कई स्थानों पर सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। कहीं-कहीं केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया, जिससे बरसात में सड़क धंस गई है। इससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।