{"_id":"6a3eb3675e0caa8c2907fc4d","slug":"mercury-stuck-at-42-degrees-humidity-adds-to-the-discomfort-banda-news-c-212-1-sknp1006-148881-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: 42 डिग्री पर अटका पारा, उमस ने बढ़ाई बेचैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: 42 डिग्री पर अटका पारा, उमस ने बढ़ाई बेचैनी
Fri, 26 Jun 2026 10:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:44 PM IST
विज्ञापन
शहर के बलखंडीनाका से मुख्य बाजार जाने वाली सड़क में दोपहर दो बजे सन्नाटा। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। जून का चौथा सप्ताह भी भीषण गर्मी की चपेट में है। शुक्रवार को भी सूरज ने सुबह से ही अपने तीखे तेवर दिखाए। दिनभर आसमान से आग बरसती रही। आलम यह रहा कि रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, वहीं न्यूनतम तापमान में एक साथ आठ डिग्री की बढ़ोतरी होने से 32 डिग्री तक पहुंचा। दिन और रात दोनों समय गर्मी और उमस के कारण लोगों का हाल बेहाल रहा।
सुबह करीब नौ बजे से ही तेज धूप निकल आई और दोपहर तक लू ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर दो बजे तापमान 41 डिग्री पहुंच गया और इसके बाद 42 डिग्री पर स्थिर हुआ। करीब सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवा ने राहत देने के बजाय तपिश को और बढ़ा दिया। हवा में नमी का स्तर घटकर 35 प्रतिशत रहने से उमस ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी।वहीं अस्पतालों में भी लू और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
बारिश की संभावना फिलहाल कमजोर होने से अगले कुछ दिनों तक लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। जून का चौथा सप्ताह भी तेज धूप और उमस के साथ गुजरने की संभावना है।
विज्ञापन
डॉ. दिनेश शाहा, प्रोफेसर, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
विज्ञापन
सुबह करीब नौ बजे से ही तेज धूप निकल आई और दोपहर तक लू ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर दो बजे तापमान 41 डिग्री पहुंच गया और इसके बाद 42 डिग्री पर स्थिर हुआ। करीब सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म हवा ने राहत देने के बजाय तपिश को और बढ़ा दिया। हवा में नमी का स्तर घटकर 35 प्रतिशत रहने से उमस ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी।वहीं अस्पतालों में भी लू और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
विज्ञापन
बारिश की संभावना फिलहाल कमजोर होने से अगले कुछ दिनों तक लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। जून का चौथा सप्ताह भी तेज धूप और उमस के साथ गुजरने की संभावना है।
विज्ञापन
डॉ. दिनेश शाहा, प्रोफेसर, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय