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Banda News: 355 दिनों में 48 से अधिक चक्कर, नहीं बना जन्म प्रमाणपत्र

Wed, 03 Jun 2026 01:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 03 Jun 2026 01:05 AM IST
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More than 48 trips in 355 days, birth certificate not made
फोटो - 04 सीताराम
बांदा। एक हजार रुपये का खर्च, 355 दिन, 48 से अधिक चक्कर लगाने के बाद भी बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र नहीं बना। ऐसे में बच्चे का आईआईटी में प्रवेश का सपना चकनाचूर हो गया। यह तो सिर्फ एक उदाहरण है। बीते दिनों लोगों की शिकायत पर जब नगर पालिका की पड़ताल की गई तो नजारा चौंकाने वाला देखने को मिला। यहां पर इस तरह के करीब दो सौ से अधिक जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र के आवेदन धूल फांक रहे हैं। संविदा पर लगे ऑपरेटर सहित तीन कर्मचारी सिर्फ मनमर्जी करते हैं।
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इसी तरह की शिकायत पर 17 अप्रैल को मंडलायुक्त अजीत कुमार ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित पत्रावलियों को तलब कर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को 150 प्रकरणों पर आदेश दिए थे कि पांच दिन के अंदर निस्तारित कर दिया जाए। ऐसे आदेश नगर पालिका के ठेंगे पर है। किसी बच्चे का दाखिला रुक गया तो किसी की नौकरी जन्म प्रमाणपत्र न होना पेंच बन गया। यही नहीं पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र न बनने से बैंक में जमा रुपये, घर, खेती के वरासत जैसे अटके हुए हैं।
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हर माह कम से कम चार बार दौड़ लगाते



खाईपार निवासी सीता राम ने बताया कि वह अपनी भतीजी शिखा पुत्री लक्ष्मी प्रसाद के जन्म प्रमाणपत्र के लिए पिछले एक साल से नगर पालिका में दौड़ रहे हैं। 15 जुलाई 2025 को क्रमांक संख्या 1325 पर आवेदन जमा किया था। प्रति माह वह करीब चार बार तो जाते ही हैं लेकिन आज तक जन्म प्रमाणपत्र नहीं बना।
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कोई कुछ बताने तक को तैयार नहीं



मर्दन नाका निवासी बाबा फरीद खां का कहना है कि बेटी इकरमा पुत्री रफीक का जन्म प्रमाण पत्र स्कूल में लगना है। उन्होंने पांच माह पहले एक हजार रुपये खर्च कर पत्रावली तैयार कराकर क्रमांक संख्या 199 में जमा की थी। लेकिन पांच माह से वह बराबर दौड़ रहे हैं कोई कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। ईओ से शिकायत करो तो वह कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर चलता कर देते हैं।



कभी क्रम संख्या तो कभी आवेदन की तारीख पूछते



मढ़िया नाका निवासी सीता का कहना है कि उसने अपनी बेटी का आवेदन सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद 22 मई को क्रम संख्या 775 में जमा किया था। जन्म प्रमाण पत्र आईआईटी में लगना है। पहली जून तक जमा करना है लेकिन नगर पालिका के कर्मचारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। कभी कहते हैं क्रम संख्या बताओ तो कभी कहते हैं आवेदन जमा करने की तारीख बताओ।



पड़ताल की जानकारी लगते ही अधिशासी अधिकारी नगर पालिका श्रीचंद्र बोले कि आपको मेरे पास आना चाहिए था। हमारे यहां कर्मचारियों की कमी है। किसी तरह से काम चलाया जा रहा है।




वर्जन-



इस पूरे प्रकरण की जांच कराऊंगा। आदेशों का पालन नहीं हो रहा तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। हम सभी का पहला कर्तव्य जनता का काम करना है। किसी को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।



अजीत कुमार, मंडलायुक्त



चित्रकूटधाम मंडल, बांदा

फोटो - 04 सीताराम

फोटो - 04 सीताराम

फोटो - 04 सीताराम

फोटो - 04 सीताराम

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