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हरियाली का कत्ल : ठूंठ बता रहे कभी लगे थे पौधे
Sat, 06 Jun 2026 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 06 Jun 2026 12:32 AM IST
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पुलिस लाइन परिसर में ठूंठ बना पौधा, सामने डीआईजी व एसपी शुक्रवार को रोपित किए गए पौधे। संवाद
- फोटो : रामेश्वर दास
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बांदा। हर वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रशासन की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। प्रशासनिक अफसर, जनप्रतिनिधि सभी अभियान में शामिल होकर पौधारोपण के बाद उनकी सुरक्षा का संकल्प भी लेते हैं लेकिन पौधा लगाने के बाद कभी उनकी सुध नहीं ली जाती। बीते वर्ष की भांति इस बार भी 54 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन विभाग को नोडल बनाया गया है। इस वर्ष वन विभाग के पास 18 लाख, अन्य सरकारी विभागों के पास 26 और प्राइवेट कंपनियों के पास 36 लाख पौधे लगाने का जिम्मा है।
इसका शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस से शुभारंभ भी कर दिया गया है। बीते वर्ष जिले में 64 लाख पौधों का पौधरोपण हुआ था। जब बीते वर्ष हुए पौधा रोपण की पड़ताल की गई तो पता हरियाली का कत्ल हो गया। बचे ठूंठ और जालियां इस बात की गवाही दे रहे थे कि कभी यहां पौधे लगाए गए थे।
पुलिस लाइन में भी नहीं ली गई सुध
पुलिस लाइन परिसर में स्थित मंदिर के सामने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर डीआईजी राजेश एस. पुलिस अधीक्षक पलास बंसल समेत अपर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक ने पौधा तो रोपा, लेकिन इसके ठीक सामने रोड के बगल में किए गए गत वर्ष के पौधों की सुध नहीं ली गई। जो कि देखरेख के अभाव में सूख कर ठूंठ बन गए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि गत वर्ष पुलिस लाइन परिसर में 100 पौधे लगाए गए थे। इनमें से लगभग 50 से अधिक पानी की कमी से सूख गए हैं, लेकिन कुछ अभी जीवित हैं। सूखे पौधों में पानी डलवाने और जाली लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। पौधों को सूखने नहीं दिया जाएगा। वन विभाग के सहयोग से उनकी रक्षा की जाएगी।
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स्टेडियम में खड़ी मिलीं सिर्फ जालियां
स्पोर्ट्स स्टेडियम सड़क स्थित नगर पालिका की ओर से पौधों को संरक्षित करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष के नाम से पौधों में जालियां तो लगी हुईं मिली लेकिन उसके अंदर पौधों की स्थिति देखते बनती थी। कुछ में ठूंठ तो कुछ जालियां पौधों से विहीन मिलीं। इस संबंध में डीएफओ अरविंद कुमार ने बताया कि इस एरिया में पानी का अभाव है। इससे पौधे सूख गए हैं। उस एरिया को अब छोड़ दिया गया है। जहां पानी की स्थिति बेहतर है और देखरेख की व्यवस्था होगी वहां रोपे जाएंगे। यहां दोनों कतारों में 50 से अधिक पौधे लगाए गए थे।
ट्री गार्ड गिरा, ज्यादातर पौधे सूखे
अतर्रा के गौराबाबा स्थित तालाब पर सूखे पेड़ों पर जालियां लगीं हुईं मिलीं। देखरेख के अभाव में यह पौधे दम तोड़ चुके नजर आए। यहीं पर स्थित अंबेडकर पार्क में ट्री गार्ड जाली भी गिरा मिला। यहां गत वर्ष पौधरोपण किया गया था। इनमें से ज्यादातर पौधे सूख चुके थे। यहां गत वर्ष 100 से ज्यादा पौधरोपण किया गया था। नगर पालिका अध्यक्ष संगीता निराला और अधिशासी अधिकारी विजेता गुप्ता ने बताया कि पानी न मिलने से ऐसा हुआ है। हालांकि जालियां तो लगवाई गई थीं।
मौके पर एक भी पौधा नहीं मिला
नरैनी क्षेत्र के नहरी के मॉर्डन तालाब में पौधरोपण, सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अंतर्गत नहरी कोठी माइनर कैनाल के किनारे भी पौधरोपण किया गया था। मौके पर एक भी पौधा नहीं मिला। नहरी गांव के भूरा, पटवा, दादू कहार, मंगल सिंह यादव, कलुआ आदि ने बताया कि मार्डन तालाब में पौधरोपण किया गया था, मौके पर एक भी पौधा नहीं है। नहरी प्रधान चंद्रकली ने बताया कि पौधे लगाए गए थे, पानी न होने के कारण वह सूख गए।
वर्जन
इस बार 54 लाख पौधों को रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष पौधों के नष्ट होने की जिला पौधरोपण समिति जांच कर रही है। इसमें विभागवार दिए गए लक्ष्य के अनुसार पौधों की उपलब्धता की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने पर संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जाएगा। इस बार भी पौधरोपण में यही व्यवस्था की गई है। पौधों को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
अरविंद कुमार, नोडल अधिकारी डीएफओ, बांदा।
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तीन वर्ष का पौधरोपण का आंकड़ा
वर्ष 2023- 54 लाख
वर्ष 2024- 54 लाख
वर्ष 2025- 64 लाख
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नोट- यह वन विभाग के अनुमानित आंकड़ा है।
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इसका शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस से शुभारंभ भी कर दिया गया है। बीते वर्ष जिले में 64 लाख पौधों का पौधरोपण हुआ था। जब बीते वर्ष हुए पौधा रोपण की पड़ताल की गई तो पता हरियाली का कत्ल हो गया। बचे ठूंठ और जालियां इस बात की गवाही दे रहे थे कि कभी यहां पौधे लगाए गए थे।
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पुलिस लाइन में भी नहीं ली गई सुध
पुलिस लाइन परिसर में स्थित मंदिर के सामने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर डीआईजी राजेश एस. पुलिस अधीक्षक पलास बंसल समेत अपर पुलिस अधीक्षक, सहायक पुलिस अधीक्षक ने पौधा तो रोपा, लेकिन इसके ठीक सामने रोड के बगल में किए गए गत वर्ष के पौधों की सुध नहीं ली गई। जो कि देखरेख के अभाव में सूख कर ठूंठ बन गए। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि गत वर्ष पुलिस लाइन परिसर में 100 पौधे लगाए गए थे। इनमें से लगभग 50 से अधिक पानी की कमी से सूख गए हैं, लेकिन कुछ अभी जीवित हैं। सूखे पौधों में पानी डलवाने और जाली लगाए जाने के निर्देश दिए हैं। पौधों को सूखने नहीं दिया जाएगा। वन विभाग के सहयोग से उनकी रक्षा की जाएगी।
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स्टेडियम में खड़ी मिलीं सिर्फ जालियां
स्पोर्ट्स स्टेडियम सड़क स्थित नगर पालिका की ओर से पौधों को संरक्षित करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष के नाम से पौधों में जालियां तो लगी हुईं मिली लेकिन उसके अंदर पौधों की स्थिति देखते बनती थी। कुछ में ठूंठ तो कुछ जालियां पौधों से विहीन मिलीं। इस संबंध में डीएफओ अरविंद कुमार ने बताया कि इस एरिया में पानी का अभाव है। इससे पौधे सूख गए हैं। उस एरिया को अब छोड़ दिया गया है। जहां पानी की स्थिति बेहतर है और देखरेख की व्यवस्था होगी वहां रोपे जाएंगे। यहां दोनों कतारों में 50 से अधिक पौधे लगाए गए थे।
ट्री गार्ड गिरा, ज्यादातर पौधे सूखे
अतर्रा के गौराबाबा स्थित तालाब पर सूखे पेड़ों पर जालियां लगीं हुईं मिलीं। देखरेख के अभाव में यह पौधे दम तोड़ चुके नजर आए। यहीं पर स्थित अंबेडकर पार्क में ट्री गार्ड जाली भी गिरा मिला। यहां गत वर्ष पौधरोपण किया गया था। इनमें से ज्यादातर पौधे सूख चुके थे। यहां गत वर्ष 100 से ज्यादा पौधरोपण किया गया था। नगर पालिका अध्यक्ष संगीता निराला और अधिशासी अधिकारी विजेता गुप्ता ने बताया कि पानी न मिलने से ऐसा हुआ है। हालांकि जालियां तो लगवाई गई थीं।
मौके पर एक भी पौधा नहीं मिला
नरैनी क्षेत्र के नहरी के मॉर्डन तालाब में पौधरोपण, सिंचाई विभाग प्रखंड तृतीय के अंतर्गत नहरी कोठी माइनर कैनाल के किनारे भी पौधरोपण किया गया था। मौके पर एक भी पौधा नहीं मिला। नहरी गांव के भूरा, पटवा, दादू कहार, मंगल सिंह यादव, कलुआ आदि ने बताया कि मार्डन तालाब में पौधरोपण किया गया था, मौके पर एक भी पौधा नहीं है। नहरी प्रधान चंद्रकली ने बताया कि पौधे लगाए गए थे, पानी न होने के कारण वह सूख गए।
वर्जन
इस बार 54 लाख पौधों को रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष पौधों के नष्ट होने की जिला पौधरोपण समिति जांच कर रही है। इसमें विभागवार दिए गए लक्ष्य के अनुसार पौधों की उपलब्धता की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने पर संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जाएगा। इस बार भी पौधरोपण में यही व्यवस्था की गई है। पौधों को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा।
अरविंद कुमार, नोडल अधिकारी डीएफओ, बांदा।
तीन वर्ष का पौधरोपण का आंकड़ा
वर्ष 2023- 54 लाख
वर्ष 2024- 54 लाख
वर्ष 2025- 64 लाख
नोट- यह वन विभाग के अनुमानित आंकड़ा है।

पुलिस लाइन परिसर में ठूंठ बना पौधा, सामने डीआईजी व एसपी शुक्रवार को रोपित किए गए पौधे। संवाद- फोटो : रामेश्वर दास

पुलिस लाइन परिसर में ठूंठ बना पौधा, सामने डीआईजी व एसपी शुक्रवार को रोपित किए गए पौधे। संवाद- फोटो : रामेश्वर दास

पुलिस लाइन परिसर में ठूंठ बना पौधा, सामने डीआईजी व एसपी शुक्रवार को रोपित किए गए पौधे। संवाद- फोटो : रामेश्वर दास