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Banda News: नया तरीका ः दाम बढ़ाने की जगह घटा दिया चाय, साबुन का वजन
Mon, 25 May 2026 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 25 May 2026 11:36 PM IST
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फोटो - 18 कैथी बाजार के थोक व फुटकर किराना दुकान। संवाद
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बांदा। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का सीधा असर अब आम आदमी की थाली पर दिखने लगा है। पिछले 30 दिनों में किराना, दाल, चावल और आटा जैसे आवश्यक खाद्य पदार्थों के दामों में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस महंगाई ने मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है।
जहां एक ओर कंपनियों ने सीलबंद पैकेटों के दाम नहीं बढ़ाए हैं, वहीं दूसरी ओर सामान का वजन कम कर दिया है। यह एक तरह से ग्राहकों को धोखा देने जैसा है, क्योंकि पूरी कीमत चुका रहे हैं लेकिन उन्हें उत्पाद कम मात्रा में मिल रहा है। उदाहरण के लिए 250 ग्राम की चाय पत्ती अब 230 ग्राम, 100 ग्राम का नहाने का साबुन 90 ग्राम और एक किलो सरसों तेल की बोतल में 100 ग्राम तेल कम मिल रहा है। इसी तरह, पांच किलो के आटा, चावल और दाल के पैकेटों में से भी 300 ग्राम सामान कम कर दिया गया है।
कैलाशपुरी की सुधा बताती हैं कि पहले जहां चार सदस्यों वाले घर का राशन पांच से छह हजार रुपये में आ जाता था, वहीं अब छह से सात हजार रुपये लग रहे हैं। चावल 70-80 रुपये किलो से बढ़कर 100 रुपये किलो, अरहर दाल 130 रुपये किलो से 160 रुपये किलो और मूंग दाल में भी 30 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। आटा भी 40 रुपये किलो की जगह 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। साबुन, तेल, रिफाइंड और अन्य किराना सामानों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
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स्वराज कॉलोनी की मंजू कहती हैं कि घर में कमाने वाला एक है और खाने वाले पांच सदस्य हैं। काम न मिलने से बच्चे बेरोजगार हैं और महंगाई कमर तोड़ रही है। बाजार में ऐसा कोई सामान नहीं है जिसके दाम न बढ़े हों। कुछ दाम रसोई गैस और तेल की कीमतों की वजह से बढ़े हैं, तो कुछ व्यापारी इन कीमतों का सहारा लेकर लूट मचा रहे हैं।
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थोक मंडियों में भी उछाल, भविष्य में और वृद्धि की आशंका
दुकानदारों का कहना है कि भले ही ट्रांसपोर्टरों ने अभी किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन समझौते के आधार पर वे पुरानी दरों से अधिक में कानपुर और दिल्ली की मंडियों से सामान ला रहे हैं। इन मंडियों में भी हर सामान की कीमतों में 10 से 15 फीसदी का उछाल आया है। थोक व्यापारियों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट के बढ़ते दामों के बाद इन वस्तुओं की कीमतों में और भी वृद्धि होने की आशंका है।
किराना व्यापारी दीपक कुमार के अनुसार डिटर्जेंट, साबुन, तेल, रिफाइंड, चावल, दाल, जीरा, कालीमिर्च आदि के दामों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कुछ कंपनियों ने सीधे दाम बढ़ाने के बजाय सीलबंद पैकेटों में वजन कम करके लगभग 10 फीसदी तक का इजाफा किया है। मेवों के दामों में भी 10 फीसदी तक की वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण डीजल के दामों में लगातार वृद्धि को बताया जा रहा है।
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जहां एक ओर कंपनियों ने सीलबंद पैकेटों के दाम नहीं बढ़ाए हैं, वहीं दूसरी ओर सामान का वजन कम कर दिया है। यह एक तरह से ग्राहकों को धोखा देने जैसा है, क्योंकि पूरी कीमत चुका रहे हैं लेकिन उन्हें उत्पाद कम मात्रा में मिल रहा है। उदाहरण के लिए 250 ग्राम की चाय पत्ती अब 230 ग्राम, 100 ग्राम का नहाने का साबुन 90 ग्राम और एक किलो सरसों तेल की बोतल में 100 ग्राम तेल कम मिल रहा है। इसी तरह, पांच किलो के आटा, चावल और दाल के पैकेटों में से भी 300 ग्राम सामान कम कर दिया गया है।
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कैलाशपुरी की सुधा बताती हैं कि पहले जहां चार सदस्यों वाले घर का राशन पांच से छह हजार रुपये में आ जाता था, वहीं अब छह से सात हजार रुपये लग रहे हैं। चावल 70-80 रुपये किलो से बढ़कर 100 रुपये किलो, अरहर दाल 130 रुपये किलो से 160 रुपये किलो और मूंग दाल में भी 30 रुपये प्रति किलो की वृद्धि हुई है। आटा भी 40 रुपये किलो की जगह 50 रुपये किलो तक पहुंच गया है। साबुन, तेल, रिफाइंड और अन्य किराना सामानों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
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स्वराज कॉलोनी की मंजू कहती हैं कि घर में कमाने वाला एक है और खाने वाले पांच सदस्य हैं। काम न मिलने से बच्चे बेरोजगार हैं और महंगाई कमर तोड़ रही है। बाजार में ऐसा कोई सामान नहीं है जिसके दाम न बढ़े हों। कुछ दाम रसोई गैस और तेल की कीमतों की वजह से बढ़े हैं, तो कुछ व्यापारी इन कीमतों का सहारा लेकर लूट मचा रहे हैं।
थोक मंडियों में भी उछाल, भविष्य में और वृद्धि की आशंका
दुकानदारों का कहना है कि भले ही ट्रांसपोर्टरों ने अभी किराया नहीं बढ़ाया है, लेकिन समझौते के आधार पर वे पुरानी दरों से अधिक में कानपुर और दिल्ली की मंडियों से सामान ला रहे हैं। इन मंडियों में भी हर सामान की कीमतों में 10 से 15 फीसदी का उछाल आया है। थोक व्यापारियों का मानना है कि ट्रांसपोर्ट के बढ़ते दामों के बाद इन वस्तुओं की कीमतों में और भी वृद्धि होने की आशंका है।
किराना व्यापारी दीपक कुमार के अनुसार डिटर्जेंट, साबुन, तेल, रिफाइंड, चावल, दाल, जीरा, कालीमिर्च आदि के दामों में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कुछ कंपनियों ने सीधे दाम बढ़ाने के बजाय सीलबंद पैकेटों में वजन कम करके लगभग 10 फीसदी तक का इजाफा किया है। मेवों के दामों में भी 10 फीसदी तक की वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण डीजल के दामों में लगातार वृद्धि को बताया जा रहा है।