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Banda News: मवई बुजुर्ग और महोखर में विकसित होगी नई आवासीय योजना
Sat, 20 Jun 2026 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 20 Jun 2026 11:40 PM IST
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बांदा। शहर के विस्तार और सुनियोजित आवासीय विकास को लेकर बांदा विकास प्राधिकरण ने खाका तैयार किया है। शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत ग्राम मवई बुजुर्ग और महोखर में नई आवासीय योजना विकसित की जा रही है। इसके लिए अब तक 41.875 हेक्टेयर भूमि का क्रय किया जा चुका है, जबकि कुल 94.73 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार 68वीं बोर्ड बैठक में 34.946 हेक्टेयर भूमि पर योजना विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। भूमि क्रय पर होने वाले 78.88 करोड़ रुपये के व्यय का 50 प्रतिशत यानी 38.67 करोड़ रुपये शासन द्वारा सीड कॅपिटल के रूप में उपलब्ध कराए गए। बाद में 72वीं बोर्ड बैठक में योजना क्षेत्र बढ़ाकर कुल 94.73 हेक्टेयर करने का निर्णय लिया गया।
योजना के लिए महोखर क्षेत्र की कृषि व औद्योगिक उपयोग की भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस संबंध में शासन ने जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे, लेकिन कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद भूमि उपयोग परिवर्तन की अधिसूचना जारी किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
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प्रथम चरण में 16.69 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना विकसित की जाएगी। इसका ले-आउट और स्थल मानचित्र बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। योजना का डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 86.84 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें लगभग 50.53 करोड़ रुपये विकास कार्यों और करीब 36.04 करोड़ रुपये भूमि क्रय पर खर्च किए जाएंगे।
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार योजना में कुल 501 भूखंड विकसित किए जाएंगे। इनमें 474 आवासीय, 24 व्यावसायिक, तीन भूखंड स्कूल व सामुदायिक सुविधाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। भूखंडों के आवंटन की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। विभिन्न आय वर्गों के लिए दरें 12900 रुपये से 13500 रुपये प्रति वर्गमीटर तक निर्धारित की गई हैं।
प्राधिकरण सचिव मदन मोहन ने बताया कि आवासीय योजना पर जल्द काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय फ़ाइल भेजी गई है। वहां से अनुमति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
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भूमि खरीद में खर्च किया जा चुका है 93.81 करोड़ रुपये
प्राधिकरण के अनुसार अब तक खरीदी गई 41.875 हेक्टेयर भूमि पर कुल 93.81 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें 38.67 करोड़ रुपये शासन से प्राप्त सीड कॅपिटल और 56.04 करोड़ रुपये प्राधिकरण के स्वयं के संसाधनों से व्यय किए गए हैं। शेष भूमि क्रय की प्रक्रिया भी जारी है, जिसके बाद योजना के दूसरे चरण का विकास कार्य शुरू किया जाएगा।
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आवासों पर एक नजर
ईडब्ल्यूएस- 12900 प्रति वर्गमीटर
एलआईजी- 13200 प्रति वर्गमीटर
एमआईजी-13500 प्रति वर्गमीटर
एलएचआईजी-13500 प्रति वर्गमीटर
यूएचआईजी- 13500 प्रति वर्गमीटर
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प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार 68वीं बोर्ड बैठक में 34.946 हेक्टेयर भूमि पर योजना विकसित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया था। भूमि क्रय पर होने वाले 78.88 करोड़ रुपये के व्यय का 50 प्रतिशत यानी 38.67 करोड़ रुपये शासन द्वारा सीड कॅपिटल के रूप में उपलब्ध कराए गए। बाद में 72वीं बोर्ड बैठक में योजना क्षेत्र बढ़ाकर कुल 94.73 हेक्टेयर करने का निर्णय लिया गया।
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योजना के लिए महोखर क्षेत्र की कृषि व औद्योगिक उपयोग की भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इस संबंध में शासन ने जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे, लेकिन कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद भूमि उपयोग परिवर्तन की अधिसूचना जारी किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
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प्रथम चरण में 16.69 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना विकसित की जाएगी। इसका ले-आउट और स्थल मानचित्र बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया जा चुका है। योजना का डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 86.84 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें लगभग 50.53 करोड़ रुपये विकास कार्यों और करीब 36.04 करोड़ रुपये भूमि क्रय पर खर्च किए जाएंगे।
स्वीकृत ले-आउट के अनुसार योजना में कुल 501 भूखंड विकसित किए जाएंगे। इनमें 474 आवासीय, 24 व्यावसायिक, तीन भूखंड स्कूल व सामुदायिक सुविधाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। भूखंडों के आवंटन की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। विभिन्न आय वर्गों के लिए दरें 12900 रुपये से 13500 रुपये प्रति वर्गमीटर तक निर्धारित की गई हैं।
प्राधिकरण सचिव मदन मोहन ने बताया कि आवासीय योजना पर जल्द काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री कार्यालय फ़ाइल भेजी गई है। वहां से अनुमति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
भूमि खरीद में खर्च किया जा चुका है 93.81 करोड़ रुपये
प्राधिकरण के अनुसार अब तक खरीदी गई 41.875 हेक्टेयर भूमि पर कुल 93.81 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसमें 38.67 करोड़ रुपये शासन से प्राप्त सीड कॅपिटल और 56.04 करोड़ रुपये प्राधिकरण के स्वयं के संसाधनों से व्यय किए गए हैं। शेष भूमि क्रय की प्रक्रिया भी जारी है, जिसके बाद योजना के दूसरे चरण का विकास कार्य शुरू किया जाएगा।
आवासों पर एक नजर
ईडब्ल्यूएस- 12900 प्रति वर्गमीटर
एलआईजी- 13200 प्रति वर्गमीटर
एमआईजी-13500 प्रति वर्गमीटर
एलएचआईजी-13500 प्रति वर्गमीटर
यूएचआईजी- 13500 प्रति वर्गमीटर