{"_id":"6a3c186c881bcb044809afb1","slug":"nursing-home-and-diagnostic-center-in-the-basement-banda-news-c-212-1-akb1003-148793-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: बेसमेंट में नर्सिंग होम व डायग्नोस्टिक सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: बेसमेंट में नर्सिंग होम व डायग्नोस्टिक सेंटर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-11 चिल्ला रोड स्थित नर्सिंग होम के बेसमेंट से निकलते मरीज। संवाद
फोटो-10 डिग्री कॉलेज रोड स्थित बिल्डिंग के बेसमेंट में चल रहा डायग्नोस्टिक सेंटर। संवाद
-सीएमओ बोले- नियम विरुद्ध है लेकिन कार्रवाई के लिए शासन के आदेश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। लखनऊ स्थित कोचिंग सेंटर में आग की घटना के बाद सरकार द्वारा बेसमेंट में संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाया है।
जिम्मेदारों को मानकों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं लेकिन सीएमओ के पास अभी इस तरह का कोई आदेश नहीं आया। इस वजह से अभी कार्रवाई नहीं शुरू की जा सकी है। उधर, संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने कई जगहों की पड़ताल की तो बेसमेंट में नर्सिंगहोम और डायग्नोस्टिक सेंटर में संचालित होते मिले।
फोटो-11 चिल्ला रोड स्थित नर्सिंग होम के बेसमेंट से निकलते मरीज। संवाद
केस-1 : बेसमेंट से संचालित होता मिला अस्पताल
शहर के चिल्ला रोड स्थित अस्पताल की पड़ताल के दौरान मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही बेसमेंट से होती दिखाई दी। मौके पर मरीजों को उपचार के बाद बेसमेंट से बाहर निकलते देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की कई गतिविधियां लंबे समय से बेसमेंट में संचालित हो रही हैं।
विज्ञापन
केस-2 : नर्सिंग होम में बेसमेंट में बैठते हैं मरीज
तिंदवारी रोड स्थित नर्सिंग होम में निरीक्षण के दौरान ओपीडी के लिए आए मरीज बेसमेंट क्षेत्र में बैठे दिखाई दिए। यहां उपचार संबंधी गतिविधियां भी बेसमेंट में संचालित होने की बात सामने आई। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में आने वाले लोगों को बेसमेंट तक जाना पड़ता है।
फोटो-10 डिग्री कॉलेज रोड स्थित बिल्डिंग के बेसमेंट में चल रहा डायग्नोस्टिक सेंटर। संवाद
केस-3 : बेसमेंट में चल रहा डायग्नोस्टिक सेंटर
डिग्री कॉलेज रोड स्थित एक निजी भवन के बेसमेंट में डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित होता मिला। यहां विभिन्न जांचों के लिए मरीजों की आवाजाही देखी गई। नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए प्रतिबंधित श्रेणी में माना जाता है, फिर भी गतिविधियां जारी हैं।
यह हैं नियम
भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से वाहन पार्किंग, गैर ज्वलनशील वस्तुओं के स्टोरेज लिए किया जा सकता है। अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर अथवा अन्य सार्वजनिक गतिविधियों का संचालन बेसमेंट में करना जोखिमपूर्ण माना जाता है। किसी भी आपात स्थिति, आग लगने, धुआं भरने या बिजली संबंधी हादसे की स्थिति में बेसमेंट में मौजूद मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित बाहर निकालना कठिन हो सकता है।
नजरें अब कार्रवाई पर
शहर में संचालित दर्जनों निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर अब प्रशासन की नजर टिकी हुई है। सवाल यह है कि वर्षों से बेसमेंट में संचालित गतिविधियों पर क्या इस बार प्रभावी कार्रवाई होगी या फिर मामला केवल नोटिसों तक सीमित रह जाएगा। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिक गई हैं।
वर्जन
बेसमेंट में नर्सिंगहोम या अस्पताल का संचालन नियमों के विरुद्ध है। समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते हैं। अगर कोई स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित गतिविधि बेसमेंट में संचालित हो रही है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी शासन की ओर से कोई आदेश नहीं आया।- डॉ. बिजेंद्र सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
फोटो-10 डिग्री कॉलेज रोड स्थित बिल्डिंग के बेसमेंट में चल रहा डायग्नोस्टिक सेंटर। संवाद
-सीएमओ बोले- नियम विरुद्ध है लेकिन कार्रवाई के लिए शासन के आदेश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। लखनऊ स्थित कोचिंग सेंटर में आग की घटना के बाद सरकार द्वारा बेसमेंट में संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाया है।
जिम्मेदारों को मानकों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं लेकिन सीएमओ के पास अभी इस तरह का कोई आदेश नहीं आया। इस वजह से अभी कार्रवाई नहीं शुरू की जा सकी है। उधर, संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने कई जगहों की पड़ताल की तो बेसमेंट में नर्सिंगहोम और डायग्नोस्टिक सेंटर में संचालित होते मिले।
विज्ञापन
फोटो-11 चिल्ला रोड स्थित नर्सिंग होम के बेसमेंट से निकलते मरीज। संवाद
केस-1 : बेसमेंट से संचालित होता मिला अस्पताल
शहर के चिल्ला रोड स्थित अस्पताल की पड़ताल के दौरान मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही बेसमेंट से होती दिखाई दी। मौके पर मरीजों को उपचार के बाद बेसमेंट से बाहर निकलते देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की कई गतिविधियां लंबे समय से बेसमेंट में संचालित हो रही हैं।
विज्ञापन
केस-2 : नर्सिंग होम में बेसमेंट में बैठते हैं मरीज
तिंदवारी रोड स्थित नर्सिंग होम में निरीक्षण के दौरान ओपीडी के लिए आए मरीज बेसमेंट क्षेत्र में बैठे दिखाई दिए। यहां उपचार संबंधी गतिविधियां भी बेसमेंट में संचालित होने की बात सामने आई। मरीजों और तीमारदारों ने बताया कि अस्पताल में आने वाले लोगों को बेसमेंट तक जाना पड़ता है।
फोटो-10 डिग्री कॉलेज रोड स्थित बिल्डिंग के बेसमेंट में चल रहा डायग्नोस्टिक सेंटर। संवाद
केस-3 : बेसमेंट में चल रहा डायग्नोस्टिक सेंटर
डिग्री कॉलेज रोड स्थित एक निजी भवन के बेसमेंट में डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित होता मिला। यहां विभिन्न जांचों के लिए मरीजों की आवाजाही देखी गई। नियमों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए प्रतिबंधित श्रेणी में माना जाता है, फिर भी गतिविधियां जारी हैं।
यह हैं नियम
भवन निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुसार बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से वाहन पार्किंग, गैर ज्वलनशील वस्तुओं के स्टोरेज लिए किया जा सकता है। अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर अथवा अन्य सार्वजनिक गतिविधियों का संचालन बेसमेंट में करना जोखिमपूर्ण माना जाता है। किसी भी आपात स्थिति, आग लगने, धुआं भरने या बिजली संबंधी हादसे की स्थिति में बेसमेंट में मौजूद मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित बाहर निकालना कठिन हो सकता है।
नजरें अब कार्रवाई पर
शहर में संचालित दर्जनों निजी स्वास्थ्य संस्थानों पर अब प्रशासन की नजर टिकी हुई है। सवाल यह है कि वर्षों से बेसमेंट में संचालित गतिविधियों पर क्या इस बार प्रभावी कार्रवाई होगी या फिर मामला केवल नोटिसों तक सीमित रह जाएगा। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिक गई हैं।
वर्जन
बेसमेंट में नर्सिंगहोम या अस्पताल का संचालन नियमों के विरुद्ध है। समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते हैं। अगर कोई स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित गतिविधि बेसमेंट में संचालित हो रही है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अभी शासन की ओर से कोई आदेश नहीं आया।- डॉ. बिजेंद्र सिंह, सीएमओ