{"_id":"6a7b586229c542e44d039834","slug":"pipeline-damaged-for-eight-months-water-supply-halted-in-half-the-village-banda-news-c-212-1-bnd1007-150806-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: आठ माह से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, आधे गांव में जलापूर्ति ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: आठ माह से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, आधे गांव में जलापूर्ति ठप
Tue, 11 Aug 2026 10:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 11 Aug 2026 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पैलानी। क्षेत्र के गांव खप्टिहा कलां पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है।
बस स्टैंड से पंचायत भवन तक सीसी सड़क निर्माण के दौरान हुई खोदाई में पेयजल की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब आठ माह बाद भी मरम्मत न होने से गांव के मोती गोंडा, तरौस और रपरा मोहल्लों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है। इससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सीसी सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी से खोदाई कराए जाने के कारण पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर टूट गई थी। इससे कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति बंद पड़ी है। कहा कि समस्या की जानकारी विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को कई बार देने के बावजूद अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई।
गांव के उपेंद्र गुप्ता, संतु सिंह, जगदीश व्यास, हुनर शुक्ला, शिव बिहारी गुप्ता और शिव शंकर तिवारी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आठ माह से पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। नमामि गंगे योजना के तहत लगाए गए नल भी कभी-कभार ही पानी देते हैं। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे मोहल्लों और दूरदराज के स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बस स्टैंड से पंचायत भवन तक सीसी सड़क निर्माण के दौरान हुई खोदाई में पेयजल की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। करीब आठ माह बाद भी मरम्मत न होने से गांव के मोती गोंडा, तरौस और रपरा मोहल्लों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है। इससे लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सीसी सड़क निर्माण के दौरान जेसीबी से खोदाई कराए जाने के कारण पेयजल पाइपलाइन कई स्थानों पर टूट गई थी। इससे कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति बंद पड़ी है। कहा कि समस्या की जानकारी विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को कई बार देने के बावजूद अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं कराई गई।
विज्ञापन
गांव के उपेंद्र गुप्ता, संतु सिंह, जगदीश व्यास, हुनर शुक्ला, शिव बिहारी गुप्ता और शिव शंकर तिवारी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आठ माह से पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। नमामि गंगे योजना के तहत लगाए गए नल भी कभी-कभार ही पानी देते हैं। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे मोहल्लों और दूरदराज के स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
विज्ञापन