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Banda News: सिपाही गौरव यादव की तलाश में डिजिटल प्लेटफार्म का सहारा लेगी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:55 AM IST
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बांदा। एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद से लापता सिपाही गौरव यादव की तलाश में अब पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेने की तैयारी में है। पत्नी और बेटी पर घातक हमले के बाद से फरार गौरव यादव की खोज में पिछले पांच दिनों से एसडीआरएफ की टीम नदी मार्ग में तलाश रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। इस बीच, पुलिस ने आरोपी सिपाही की तलाश के लिए एक नए डिजिटल रास्ते पर चलने का मन बना लिया है।
फर्रुखाबाद जनपद के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के गढ़ कुइयां कूट निवासी सिपाही गौरव यादव पत्नी और बेटी पर हमला करने के बाद घटना स्थल से भाग गया था। मरका पुलिस द्वारा क्षेत्र में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान औगासी पुल पर उसके जूते और वर्दी की शर्ट मिले थे। इन सुरागों के आधार पर, यमुना नदी में उसके कूदने की आशंका के चलते एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में तलाश रही है।
टीम ने रविवार को बांदा के दांदो और फतेहपुर के किशनपुर तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सिपाही का कोई सुराग नहीं मिला। पांच दिनों के अथक प्रयास के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
मरका थाना प्रभारी मिथलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफार्म का रास्ता अपनाने का मुख्य उद्देश्य सिपाही का कहीं से भी पता लगाना है। इसके दो प्रमुख फायदे होंगे। पहला, यदि सिपाही ने नदी में छलांग लगाई है तो उसकी जानकारी मिल सकेगी और दूसरा यदि वह नदी से बाहर किसी अन्य स्थान पर है तो भी उसकी सूचना प्राप्त की जा सकेगी।
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फर्रुखाबाद जनपद के मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के गढ़ कुइयां कूट निवासी सिपाही गौरव यादव पत्नी और बेटी पर हमला करने के बाद घटना स्थल से भाग गया था। मरका पुलिस द्वारा क्षेत्र में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान औगासी पुल पर उसके जूते और वर्दी की शर्ट मिले थे। इन सुरागों के आधार पर, यमुना नदी में उसके कूदने की आशंका के चलते एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में तलाश रही है।
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टीम ने रविवार को बांदा के दांदो और फतेहपुर के किशनपुर तक तलाशी अभियान चलाया, लेकिन सिपाही का कोई सुराग नहीं मिला। पांच दिनों के अथक प्रयास के बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
मरका थाना प्रभारी मिथलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफार्म का रास्ता अपनाने का मुख्य उद्देश्य सिपाही का कहीं से भी पता लगाना है। इसके दो प्रमुख फायदे होंगे। पहला, यदि सिपाही ने नदी में छलांग लगाई है तो उसकी जानकारी मिल सकेगी और दूसरा यदि वह नदी से बाहर किसी अन्य स्थान पर है तो भी उसकी सूचना प्राप्त की जा सकेगी।
