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Banda News: त्रिदेव मंदिर में सो रहे पुजारी के सिर में लाठी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:43 AM IST
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पुजारी सच्चिदानंद महाराज। फाइल फोटो।
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बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव में त्रिदेव-शनि देव मंदिर की छत पर पुजारी बालब्रह्मचारी सच्चिदानंद महाराज (68) के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी गई। पुजारी से कुछ दूरी पर सो रही उनकी शिष्या ने शोर मचाया तो हमलावर मौके से भाग निकले। वारदात में शिष्या और उसके मामा की भूमिका संदिग्ध मानकर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने के साथ लाठी बरामद की है। वहीं हत्या के पीछे की वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है।
तिंदवारा गांव में त्रिदेव-शनि देव का मंदिर आबादी से दूर स्थित है। बीते 10 साल से गांव के ही बालब्रह्मचारी सच्चिदानंद महाराज मंदिर की देखरेख और पुजारी का काम करते थे। उनकी शिष्या 25 वर्षीय रोशनी सिंह राजपूत ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात करीब 1:30 बजे मंदिर में घुसे हमलावरों ने सोते समय पुजारी के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।
वह उनसे कुछ दूरी पर सोई थी। उनकी चीख सुनकर उसने शोर मचाया। शोर सुनकर मंदिर से 40 मीटर की दूरी पर जानवरों के बाड़े में सो रहे पुजारी के छोटे भाई चिंतामणि की नींद खुली। वह दौड़कर मंदिर आए और बेहोश पुजारी को लेकर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज गए। इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने पुजारी को कानपुर के लिए रेफर किया।
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परिजन उन्हें कानपुर न ले जाकर प्राइवेट अस्पताल ले गए, वहां पुजारी ने दम तोड़ दिया। भाई चिंतामणि ने कोतवाली में अज्ञात हमलावर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि शिष्या से मिलने उसका कोई करीबी आया होगा और पुजारी ने देख लिया होगा। भेद खुल जाने के डर से उसी ने पुजारी पर जानलेवा हमला किया है।
प्रारंभिक जांच में पुजारी की शिष्या और उसके बांदा कोतवाली क्षेत्र निवासी मामा की भूमिका संदिग्ध है। दोनों हिरासत में हैं। शिष्या पूछताछ में बार-बार बयान बदल रही है। पुजारी और उनकी शिष्या के बारे में विस्तार से पता लगाकर घटना की जांच गहराई से की जा रही है। पुलिस जल्द ही घटना का खुलासा करेगी। - पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा।
तिंदवारा गांव में त्रिदेव-शनि देव का मंदिर आबादी से दूर स्थित है। बीते 10 साल से गांव के ही बालब्रह्मचारी सच्चिदानंद महाराज मंदिर की देखरेख और पुजारी का काम करते थे। उनकी शिष्या 25 वर्षीय रोशनी सिंह राजपूत ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात करीब 1:30 बजे मंदिर में घुसे हमलावरों ने सोते समय पुजारी के सिर पर लाठी से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।
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वह उनसे कुछ दूरी पर सोई थी। उनकी चीख सुनकर उसने शोर मचाया। शोर सुनकर मंदिर से 40 मीटर की दूरी पर जानवरों के बाड़े में सो रहे पुजारी के छोटे भाई चिंतामणि की नींद खुली। वह दौड़कर मंदिर आए और बेहोश पुजारी को लेकर रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज गए। इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने पुजारी को कानपुर के लिए रेफर किया।
परिजन उन्हें कानपुर न ले जाकर प्राइवेट अस्पताल ले गए, वहां पुजारी ने दम तोड़ दिया। भाई चिंतामणि ने कोतवाली में अज्ञात हमलावर के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि शिष्या से मिलने उसका कोई करीबी आया होगा और पुजारी ने देख लिया होगा। भेद खुल जाने के डर से उसी ने पुजारी पर जानलेवा हमला किया है।
प्रारंभिक जांच में पुजारी की शिष्या और उसके बांदा कोतवाली क्षेत्र निवासी मामा की भूमिका संदिग्ध है। दोनों हिरासत में हैं। शिष्या पूछताछ में बार-बार बयान बदल रही है। पुजारी और उनकी शिष्या के बारे में विस्तार से पता लगाकर घटना की जांच गहराई से की जा रही है। पुलिस जल्द ही घटना का खुलासा करेगी। - पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक, बांदा।

पुजारी सच्चिदानंद महाराज। फाइल फोटो।

पुजारी सच्चिदानंद महाराज। फाइल फोटो।