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Banda News: क्रय केंद्र फुल, किसान के घर बने गोदाम
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 24 May 2026 11:46 PM IST
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फोटो - 04 खप्टिहा क्रय केंद्र के बाहर खुले में रखा गेहूं। संवाद
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बांदा। जिले के अधिकांश गेहूं क्रय केंद्र पूरी क्षमता पर भर गए हैं और केंद्रों के बाहर भी सैकड़ों टन गेहूं खुले में पड़ा है, जिससे बारिश होने पर लाखों रुपये के नुकसान का खतरा है। गेहूं का उठान धीमा होने के कारण कई केंद्रों पर खरीद बंद कर दी गई है, जिससे किसान औने-पौने दामों पर आढ़तियों को गेहूं बेचने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि कई दिनों तक क्रय केंद्रों पर खड़े रहने से उन्हें गेहूं के भुगतान से अधिक ट्रैक्टर भाड़ा और खाने पर खर्च करना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारियों के अनुसार, उठान प्रभावित होने से पल्लेदार भी काम छोड़कर चले गए हैं। खप्टिहा कलां में क्रय केंद्र प्रभारी सुनील सिंह किसानों से खरीदा गया गेहूं उन्हीं के घरों में डंप करा रहे हैं, क्योंकि 16 मई से एक भी ट्रक का उठान नहीं हुआ है और भंडारण क्षमता पांच हजार क्विंटल ही है।
अतर्रा मंडी में एफसीआई के केंद्र प्रभारी यशवंत सिंह ने बताया कि 6400 क्विंटल खरीद के मुकाबले केवल 1500 क्विंटल गेहूं का ही उठान हुआ है, जो 50 फीसदी से भी कम है। बदौसा सहकारी समिति और मंडी समिति के क्रय केंद्र प्रभारियों ने भी उठान न होने से खरीद प्रभावित होने और गेहूं खुले में रखने की बात कही। जमालपुर के किसान शिवम और पौहार के शिवशरण पांडेय ने बताया कि जगह न होने से खरीद बहुत सुस्त है, जिससे उन्हें आढ़तियों को गेहूं बेचना पड़ रहा है।
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जिला विपणन अधिकारी रामानंद ने क्रय केंद्र प्रभारियों को गेहूं उठान के लिए ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने की सलाह दी है।
किसानों का कहना है कि कई दिनों तक क्रय केंद्रों पर खड़े रहने से उन्हें गेहूं के भुगतान से अधिक ट्रैक्टर भाड़ा और खाने पर खर्च करना पड़ रहा है। केंद्र प्रभारियों के अनुसार, उठान प्रभावित होने से पल्लेदार भी काम छोड़कर चले गए हैं। खप्टिहा कलां में क्रय केंद्र प्रभारी सुनील सिंह किसानों से खरीदा गया गेहूं उन्हीं के घरों में डंप करा रहे हैं, क्योंकि 16 मई से एक भी ट्रक का उठान नहीं हुआ है और भंडारण क्षमता पांच हजार क्विंटल ही है।
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अतर्रा मंडी में एफसीआई के केंद्र प्रभारी यशवंत सिंह ने बताया कि 6400 क्विंटल खरीद के मुकाबले केवल 1500 क्विंटल गेहूं का ही उठान हुआ है, जो 50 फीसदी से भी कम है। बदौसा सहकारी समिति और मंडी समिति के क्रय केंद्र प्रभारियों ने भी उठान न होने से खरीद प्रभावित होने और गेहूं खुले में रखने की बात कही। जमालपुर के किसान शिवम और पौहार के शिवशरण पांडेय ने बताया कि जगह न होने से खरीद बहुत सुस्त है, जिससे उन्हें आढ़तियों को गेहूं बेचना पड़ रहा है।
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फोटो - 04 खप्टिहा क्रय केंद्र के बाहर खुले में रखा गेहूं। संवाद

फोटो - 04 खप्टिहा क्रय केंद्र के बाहर खुले में रखा गेहूं। संवाद