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Banda News: जल संचयन व शोध कार्यों के लिए रामबाबू सम्मानित
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फोटो - 01 सम्मानित हुए रामबाबू तिवारी। स्त्रोत : स्वयं
बांदा। बुंदेलखंड की सदियों पुरानी जल संचयन प्रणालियों और तालाबों पर किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के शोधार्थी और बांदा जनपद के अधांव गांव निवासी रामबाबू तिवारी को नेपाल के लुंबिनी में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अंतर्राष्ट्रीय अन्वेषक गौरव सम्मान से नवाजा गया है।
यह सम्मानजनक आयोजन लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल, लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज और कालिंदी प्रकाशन, भारत के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कुल 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। जिनमें रामबाबू तिवारी का शोध पत्र विशेष रूप से सराहा गया। रामबाबू तिवारी ने अपने शोध पत्र के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र के तालाबों की गौरवशाली परंपरा, उनके सामाजिक-आर्थिक महत्व और जल संरक्षण में उनकी वैज्ञानिक उपयोगिता पर गहराई से प्रकाश डाला।
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बांदा। बुंदेलखंड की सदियों पुरानी जल संचयन प्रणालियों और तालाबों पर किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। गोविंद बल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के शोधार्थी और बांदा जनपद के अधांव गांव निवासी रामबाबू तिवारी को नेपाल के लुंबिनी में आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में अंतर्राष्ट्रीय अन्वेषक गौरव सम्मान से नवाजा गया है।
यह सम्मानजनक आयोजन लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल, लाल बहादुर शास्त्री स्मारक पीजी कॉलेज और कालिंदी प्रकाशन, भारत के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में कुल 140 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। जिनमें रामबाबू तिवारी का शोध पत्र विशेष रूप से सराहा गया। रामबाबू तिवारी ने अपने शोध पत्र के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र के तालाबों की गौरवशाली परंपरा, उनके सामाजिक-आर्थिक महत्व और जल संरक्षण में उनकी वैज्ञानिक उपयोगिता पर गहराई से प्रकाश डाला।
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