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Banda News: शिष्या, उसके मामा और प्रेमी की भूमिका संदिग्ध, पूछताछ जारी
Mon, 22 Jun 2026 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:51 PM IST
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बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव में त्रिदेव मंदिर के पुजारी बालब्रह्मचारी सच्चिदानंद महाराज की हत्या में पुलिस जांच जारी है। खुलासे के लिए चार टीमें लगी हैं। पुलिस की जांच में अब तक सामने आया है कि महाराज की शिष्या रोशनी की भूमिका इस कांड में संदिग्ध है। रोशनी के मामा और उसके प्रेमी से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों से अलग-अलग पूछताछ में तीनों अलग-अलग बयान दे रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि शिष्या रोशनी से मिलने प्रत्येक गुरुवार को उसके मामा और प्रेमी आता था। संभावना है कि इन्होंने मिलकर महाराज की हत्या की हो।
तिंदवारा गांव निवासी पुजारी के भाई चिंतामणि नामदेव ने बताया कि सीमावर्ती मध्य प्रदेश के चंदौरा गांव की रहने वाली रोशनी को लकवे की शिकायत पर उसके घरवाले इलाज के लिए चार साल पहले महाराज के पास लाए थे। यहां उपचार के दौरान वह ठीक हो गई थी। उसने साल भर पहले महाराज की शरण में रहकर दीक्षा ली थी। उसके संन्यासी बनने पर उसके घरवालों ने मंदिर में भंडारा भी कराया था।
रोशनी से मिलने उसका बांदा शहर के जमनीपुरवा निवासी मामा भी अक्सर आता-जाता था। अक्सर गुरुवार के दिन वह काफी-काफी देर तक मंदिर में महाराज के पास रुकता था। उधर, पुलिस जांच में पूछताछ में निकलकर सामने आया है कि महाराज की शिष्या का एक प्रेमी भी है। वह भी अक्सर मंदिर में आता-जाता था। पुलिस ने शिष्या रोशनी, उसके मामा और प्रेमी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
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महाराज का किया गया अंतिम संस्कार, मंदिर पर रहा पहरा
बांदा। तिंदवारा गांव के चिंतामणि नामदेव ने बताया कि उन्होंने अपने भाई का अंतिम संस्कार कर दिया है। रात में मंदिर में पुलिस तैनात रही। उन्होंने बताया कि पूर्व सपा अध्यक्ष की तीन बीघा जमीन संपर्क मार्ग निर्माण में चली गई थी। राजस्व विभाग ने उस तीन बीघा जमीन की जगह दूसरी जगह जमीन दे दी थी। जिस जगह जमीन दी गई है, उस पर महाराज का दावा था कि वह जमीन उनकी है। यह मामला न्यायालय में चल भी रहा है। हालांकि हत्या की भूमिका में पुलिस अधीक्षक ने जमीन का विवाद सिरे से खारिज किया है।
हत्या के इस मामले में शुरू से ही महाराज की शिष्या की भूमिका संदेह के घेरे में रही है। शिष्या, उसके मामा और प्रेमी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पलाश बंसल
पुलिस अधीक्षक, बांदा।
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तिंदवारा गांव निवासी पुजारी के भाई चिंतामणि नामदेव ने बताया कि सीमावर्ती मध्य प्रदेश के चंदौरा गांव की रहने वाली रोशनी को लकवे की शिकायत पर उसके घरवाले इलाज के लिए चार साल पहले महाराज के पास लाए थे। यहां उपचार के दौरान वह ठीक हो गई थी। उसने साल भर पहले महाराज की शरण में रहकर दीक्षा ली थी। उसके संन्यासी बनने पर उसके घरवालों ने मंदिर में भंडारा भी कराया था।
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रोशनी से मिलने उसका बांदा शहर के जमनीपुरवा निवासी मामा भी अक्सर आता-जाता था। अक्सर गुरुवार के दिन वह काफी-काफी देर तक मंदिर में महाराज के पास रुकता था। उधर, पुलिस जांच में पूछताछ में निकलकर सामने आया है कि महाराज की शिष्या का एक प्रेमी भी है। वह भी अक्सर मंदिर में आता-जाता था। पुलिस ने शिष्या रोशनी, उसके मामा और प्रेमी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है।
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महाराज का किया गया अंतिम संस्कार, मंदिर पर रहा पहरा
बांदा। तिंदवारा गांव के चिंतामणि नामदेव ने बताया कि उन्होंने अपने भाई का अंतिम संस्कार कर दिया है। रात में मंदिर में पुलिस तैनात रही। उन्होंने बताया कि पूर्व सपा अध्यक्ष की तीन बीघा जमीन संपर्क मार्ग निर्माण में चली गई थी। राजस्व विभाग ने उस तीन बीघा जमीन की जगह दूसरी जगह जमीन दे दी थी। जिस जगह जमीन दी गई है, उस पर महाराज का दावा था कि वह जमीन उनकी है। यह मामला न्यायालय में चल भी रहा है। हालांकि हत्या की भूमिका में पुलिस अधीक्षक ने जमीन का विवाद सिरे से खारिज किया है।
हत्या के इस मामले में शुरू से ही महाराज की शिष्या की भूमिका संदेह के घेरे में रही है। शिष्या, उसके मामा और प्रेमी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पलाश बंसल
पुलिस अधीक्षक, बांदा।