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Banda News: रात में नए बोरों में भरवाकर भेज दिया गया सड़ा गेहूं
Mon, 27 Jul 2026 11:11 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:11 PM IST
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फोटो-11-मंडी में गेहूं लोड करने के लिए खड़ा ट्रक। संवाद
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बांदा। बिसंडा मंडी में बारिश में भीगने से सड़ चुके गेहूं को जिम्मेदारों ने रातों-रात गोदाम भेज दिया गया। सड़े हुए गेहूं में हुए ढेले फोड़ने के बाद उन्हें रातों-रात नए बोरों में भरकर भेजा गया। जिम्मेदार अधिकारी जांच के बजाए इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने में लगे हैं।
गेहूं खरीद 15 जून को खत्म हो गई थी। इसके बाद करीब डेढ़ माह का समय बीत गया, लेकिन गेहूं का क्रय केंद्रों से उठान नहीं हो सका। बारिश शुरू हुई तो बिसंडा नवीन मंडी में खरीद के बाद रखा करीब साढ़े नौ हजार क्विंटल गेहूं का बड़ा भाग भीग गया था। दो दिन पहले शनिवार को मंडी में सड़े हुए गेहूं के बोरों को खुलवाकर फैलाया गया था। अब बोरे खुले तो मामला सबके सामने आ गया।
इसके बाद जिम्मेदार सफाई कराकर गेहूं को गोदाम भेजने की बात कहते आ रहे थे लेकिन रविवार को रात में सड़े हुए गेहूं का बड़ा हिस्सा नए बोरों में भरवाकर ट्रक में लोड कर गोदाम भेज दिया गया। सड़े हुए गेहूं का पूरा एक ढेर तीन ट्रकों में भरकर भेज दिया गया। वहीं सोमवार को दिन में भी ट्रकों में लोडिंग का काम चलता रहा। जहां इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए थी, वहां अधिकारी भी इस पर पर्दा डाल रहे हैं लेकिन जब यह गेहूं राशन की दुकानों तक पहुंचेगा तब इससे खड़े होने वाले विवादों को रोकना संभव नहीं होगा।
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बारिश से गेहूं को बचाने के लिए पॉलिथीन का सहारा
बिसंडा मंडी परिसर में अभी एक और स्थान पर खरीदा गया गेहूं रखा है। इसमें सौ क्विंटल के करीब गेहूं को बोरों से खोलकर फैलाया गया, जबकि हजारों क्विंटल गेहूं बोरों में ही रखा है। अब बारिश से बचने के लिए फिर से एक नई पॉलिथीन मंगाकर इस पर डाली गई है। लेकिन जगह-जगह से खुली पॉलिथीन बारिश में गेहूं को बचाने में नाकाफी ही साबित होगी।
वर्जन
-सड़े हुए गेहूं को साफ करवाकर गोदाम भेजा जा रहा है। करीब 35 बोरे गेहूं सड़ा था जिसे हटा दिया गया है। बाकी गेहूं भी जल्द से जल्द गोदाम भेजा जाएगा।
-चंद्रमणि ओझा, विपणन निरीक्षक।
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गेहूं खरीद 15 जून को खत्म हो गई थी। इसके बाद करीब डेढ़ माह का समय बीत गया, लेकिन गेहूं का क्रय केंद्रों से उठान नहीं हो सका। बारिश शुरू हुई तो बिसंडा नवीन मंडी में खरीद के बाद रखा करीब साढ़े नौ हजार क्विंटल गेहूं का बड़ा भाग भीग गया था। दो दिन पहले शनिवार को मंडी में सड़े हुए गेहूं के बोरों को खुलवाकर फैलाया गया था। अब बोरे खुले तो मामला सबके सामने आ गया।
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इसके बाद जिम्मेदार सफाई कराकर गेहूं को गोदाम भेजने की बात कहते आ रहे थे लेकिन रविवार को रात में सड़े हुए गेहूं का बड़ा हिस्सा नए बोरों में भरवाकर ट्रक में लोड कर गोदाम भेज दिया गया। सड़े हुए गेहूं का पूरा एक ढेर तीन ट्रकों में भरकर भेज दिया गया। वहीं सोमवार को दिन में भी ट्रकों में लोडिंग का काम चलता रहा। जहां इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए थी, वहां अधिकारी भी इस पर पर्दा डाल रहे हैं लेकिन जब यह गेहूं राशन की दुकानों तक पहुंचेगा तब इससे खड़े होने वाले विवादों को रोकना संभव नहीं होगा।
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बारिश से गेहूं को बचाने के लिए पॉलिथीन का सहारा
बिसंडा मंडी परिसर में अभी एक और स्थान पर खरीदा गया गेहूं रखा है। इसमें सौ क्विंटल के करीब गेहूं को बोरों से खोलकर फैलाया गया, जबकि हजारों क्विंटल गेहूं बोरों में ही रखा है। अब बारिश से बचने के लिए फिर से एक नई पॉलिथीन मंगाकर इस पर डाली गई है। लेकिन जगह-जगह से खुली पॉलिथीन बारिश में गेहूं को बचाने में नाकाफी ही साबित होगी।
वर्जन
-सड़े हुए गेहूं को साफ करवाकर गोदाम भेजा जा रहा है। करीब 35 बोरे गेहूं सड़ा था जिसे हटा दिया गया है। बाकी गेहूं भी जल्द से जल्द गोदाम भेजा जाएगा।
-चंद्रमणि ओझा, विपणन निरीक्षक।

फोटो-11-मंडी में गेहूं लोड करने के लिए खड़ा ट्रक। संवाद