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Banda News: किसी ने ऑफिस की छुट्टी तो कोई नहीं पहुंच सका हॉस्टल
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:57 PM IST
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कैरार स्टेशन पर बैठे यात्री। संवाद
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बांदा। कानपुर से बांदा होते हुए मानिकपुर को जाने वाली मेमो ट्रेन निर्धारित समय से दो घंटा और चित्रकूट धाम भी 50 मिनट तक लेट हुई। दोनों ट्रेनों के देर होने से नौकरी पेशा सहित अन्य यात्रियों को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। सोमवार सुबह 6:24 बजे से कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन से चली मेमो 10:17 बजे बांदा से पहले कैरार स्टेशन पहुंची। यहां पर ट्रेन एक घंटा 22 मिनट खड़ी रही। इस दौरान कई एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों को दूसरे ट्रैक से निकाला गया। भीषण गर्मी में कोच यात्रियों से खचाखच भरे हुए थे।
हॉल यह था कि ट्रेन में खड़े होने की ठीक से जगह नहीं मिल पाई थी। ज्यादा देर तक जब ट्रेन रुकी तो कुछ यात्री स्टेशन से बाहर निकलकर दूसरे साधनों से बांदा की ओर जाने लगे। यात्री अमित भारद्वाज ने बताया कि अतर्रा में वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। रविवार को छुट्टी होने के चलते वह घर आ गए थे। सुबह 11 बजे तक उन्हें फिर ऑफिस पहुंचना था तो मेमो में सवार हो गए। उन्होंने बताया कि ऑफिस में ट्रेन लेट होने की जानकारी देते हुए छुट्टी ली और वापस कानपुर लौट गए।
इसी तरह कानपुर नौबस्ता की रहने वाली शालिनी शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों को मानिकपुर हॉस्टल छोड़ने जा रहीं थीं। वहां दोपहर 12 बजे तक पहुंचना था, लेकिन ट्रेन इतनी देरी से चल रही थी कि वह बांदा में एक रिश्तेदार के घर में रुक गईं। अब वह मंगलवार को फिर से मानिकपुर जाएंगी। इसी तरह चित्रकूट धाम एक्सप्रेस भी लेट रही। ऐसे में यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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प्लेटफॉर्म पर पीने के पानी का इंतजाम नहीं
कैरार स्टेशन में जब ट्रेन रुकी तो प्लेटफॉर्म में पानी की व्यवस्था नहीं थी। मजबूरी में लोग पटरियों को फांदकर स्टेशन परिसर में बनी दुकान पर पहुंचे। वहां एमआरपी से अधिक दाम पर कुछ लोगों ने पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाई। कई यात्रियों ने विरोध किया तो दुकानदार ने देने से मना कर दिया।
हॉल यह था कि ट्रेन में खड़े होने की ठीक से जगह नहीं मिल पाई थी। ज्यादा देर तक जब ट्रेन रुकी तो कुछ यात्री स्टेशन से बाहर निकलकर दूसरे साधनों से बांदा की ओर जाने लगे। यात्री अमित भारद्वाज ने बताया कि अतर्रा में वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। रविवार को छुट्टी होने के चलते वह घर आ गए थे। सुबह 11 बजे तक उन्हें फिर ऑफिस पहुंचना था तो मेमो में सवार हो गए। उन्होंने बताया कि ऑफिस में ट्रेन लेट होने की जानकारी देते हुए छुट्टी ली और वापस कानपुर लौट गए।
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इसी तरह कानपुर नौबस्ता की रहने वाली शालिनी शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों को मानिकपुर हॉस्टल छोड़ने जा रहीं थीं। वहां दोपहर 12 बजे तक पहुंचना था, लेकिन ट्रेन इतनी देरी से चल रही थी कि वह बांदा में एक रिश्तेदार के घर में रुक गईं। अब वह मंगलवार को फिर से मानिकपुर जाएंगी। इसी तरह चित्रकूट धाम एक्सप्रेस भी लेट रही। ऐसे में यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्लेटफॉर्म पर पीने के पानी का इंतजाम नहीं
कैरार स्टेशन में जब ट्रेन रुकी तो प्लेटफॉर्म में पानी की व्यवस्था नहीं थी। मजबूरी में लोग पटरियों को फांदकर स्टेशन परिसर में बनी दुकान पर पहुंचे। वहां एमआरपी से अधिक दाम पर कुछ लोगों ने पानी की बोतल खरीदकर प्यास बुझाई। कई यात्रियों ने विरोध किया तो दुकानदार ने देने से मना कर दिया।

कैरार स्टेशन पर बैठे यात्री। संवाद